सीबीआई पूछताछ कांग्रेस की संकल्प यात्रा में बाधा डालने के लिये की गई हरकत है : भूपेश बघेल

०० रमन सिंह के अंतागढ़ से आये बयान के बाद ही सीबीआई ने क्यों की पूछताछ : भूपेश

०० सीबीआई जांच के सवालों पर कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने दिया जवाब

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने सीबीआई जांच के सवालों पर जवाब देते हुये कहा कि यह घटना अक्टूबर महीने की है उस समय भी हम लोगों ने सवाल पूछा था कि ये प्रकाश बजाज के आका कौन है? किस नंबर से फोन किया? किसके नाम से एफआईआर हुआ है? वो सवाल आज भी वहीं खड़े है। दिसंबर में सीबीआई को मामला सौप दिया गया। आज ही रमन सिंह का बयान आया है अंतागढ़ से। ये कैसा संयोग है। रमन सिंह जी बयान देते है और इधर सीबीआई मुझे बुलाते है लेकिन इसका दायरा सीएम हाउस आना चाहिये है क्योंकि वहां असली-नकली सीडी बटा है। वह अधिकारी भी जिसने मुख्यमंत्री कार्यालय में काम करते है, वो भी इस दायरे में आना चाहिये। जो कि ऐसा नहीं हो रहा है और उस समय आशंका है कि उसी समय बुलाया गया जिस समय मैं जीरम घाटी में कार्यक्रम शुरू करने वाला हूं। 25 मई को जीरम से कार्यक्रम शुरू करेंगे और जहां परिवर्तन यात्रा रूकी थी वहीं से शुरू करेंगे।

भूपेश बघेल ने कहा कि रमन सिंह जी घबराये हुए है, वो अंतागढ़ टेपकांड की जांच नहीं करा रहे है। वो इंदिरा प्रियदर्शिनी बैंक की जांच नहीं करा रहे है। वो नान घोटाले में सीएम मैडम कौन है ये नहीं बता रहे है। एक चुनाव में जग्गी की हत्या होती है। दूसरे चुनाव में जीरम घाटी में हत्या होती है। नंदकुमार पटेल, विद्याचरण शुक्ल, बस्तर टाइगर महेन्द्र कर्मा हमारे नेता और जवान 29 लोग शहीद होते है उसकी आज तक की जांच नहीं होती है। विधानसभा में सीबीआई जांच की घोषणा की जाती है। पीड़ित परिवार केन्द्रीय गृहमंत्री से मिलाने की मांग करते है उनको नहीं मिलाते है। लेकिन रमन सिंह जी, भारतीय जनता पार्टी किस प्रकार से शासन प्रशासन का दुरूपयोग कर रहे है, वो इससे स्पष्ट हो जाता है। हम सीबीआई की जांच में पूरा सहयोग करेंगे। लेकिन उसका दायरा मुख्यमंत्री निवास होना चाहिये। वह अधिकारी भी होना चाहिये जिसमें वह लिप्त है। उसके तह तक भी जाना चाहिये जिन्होने सीडी बनाई। वो जांच के दायरे में नहीं आ रहा है, बेहद दुर्भाग्यजनक बात है। रमन सिंह जी सीधे लड़ने में उसको मालूम हो गया है कि वे नहीं जीत रहे है, भारतीय जनता पार्टी इसलिये सीबीआई जांच की घोषणा दिसंबर में हुआ और 6 महिने बाद आज बुलाया जाता है, मैं पूरा सहयोग कर रहा हूं।  निश्चित रूप से आज सबके काल डिटेल है लेकिन छत्तीसगढ़ की पुलिस जांच प्रकाश बजाज ने किस नंबर से डायल किया विनोद वर्मा को आज तक नहीं बता पा रहे है? उसके आका कौन है नहीं बता पा रहे है? किस प्रकार से जांच हो रही है? जांच के दायरा में सब चीज आना चाहिये, तह तक पहुंचना चाहिये। क्योंकि इंदिरा प्रियदर्शिनी बैंक का जब नार्को टेस्ट हुआ उसकी सीडी सामने आ चुका है। उसमें कार्यवाही क्यों नहीं कर रही भारतीय जनता पार्टी, बड़ी शुचिता की बात करते है। क्यों मुख्यमंत्री रमन सिंह मंत्रियों का इस्तीफा नहीं लेते? क्यो सीटी कोतवाली से 2 किमी चलकर नार्को टेस्ट की रिपोर्ट आज तक कोर्ट में नहीं पहुंचते? क्यों अंतागढ़ टेपकांड जिसके हमने खुलेआम उसको दिखाया और उसमें रमन सिंह के दामाद बात करते हुये दिखायी दे रहे है, सुनाई दे रहे, क्यों छत्तीसगढ़ की पुलिस जांच नहीं कर रही है? क्यों उसको सीबीआई को नहीं सौपते? उन्होने प्रजातंत्र का चीरहरण किया है। इसमें षड़यंत्र तो हुआ ये सीडी बनाने वाले भारतीय जनता पार्टी के लोग है, मुख्यमंत्री निवास पूरी तरह से इन्वाल्व है, जांच के दायरे में वो भी आना चाहिये। 

क्या यह संयोग मात्र है कि आज ही रमन सिंह जी अंतागढ़ में सीडी कांड के बारे में चर्चा की है। आज मुझे साढ़े पांच बजे समन मिलता है कि 7 बजे पूछताछ के लिये आइये। तीन-चार बजे रमन सिंह जी बयान देते है और सबको मालूम है कि मैं कल वहां दंतेवाड़ा जा रहा हूं। कल 25 मई को मां दंतेश्वरी का दर्शन करके शहीद महेन्द्र कर्मा को मार्ल्यापण कर पुष्पांजलि अर्पित करके जीरम घाटी को नमन करके जहां केसलूर परिवर्तन यात्रा आनी थी वहीं से संकल्प यात्रा शुरू करेंगे। इस संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है कि कांग्रेस की संकल्प यात्रा में बाधा डालने के लिये की गई हरकत है। देखिये जांच में क्या बात हुई है ये अलग बात है। मैं जब भी और सीबीआई बुलायेंगे तब भी आउंगा। पूछताछ मैं अकेले ही था। उन्होने ढाई घंटा पूछताछ की और मैं बाहर निकला उन्होने पूछा दौरा कब है मैंने कहा कल ही जा रहा हूं 27 को वापस आउंगा। देखिये सरकार इस प्रकार से एजेंसियों का दुरूपयोग कर रही है वो पूरे देश में हो रहा है। अब कर्नाटक की स्थिति देखने के बाद से यहां इस प्रकार से कर रहे है, इस संभावना से इसलिये मैं इंकार नहीं करता। भारतीय जनता पार्टी लगातार इस प्रकार के एजेंसियों का दुरूपयोग कर रही है। अनेक इसके उदाहरण है, चाहे बिहार में हो, चाहे तमिलनाडु में हो, चाहे वो छत्तीसगढ़ में हो। लेकिन जांच के दायरे में सीएम हाउस को लाना चाहिये। उन अधिकारियों से भी पूछताछ होनी चाहिये। 

 

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