सारंगढ़ के भवरपुर में अवैध ईंट भट्ठो का मकड़जाल, तहसीलदार को जानकारी देने के बाद भी नहीं हो रही कार्रवाई

०० स्थानीय अधिकारियों का मिल रहा मौन समर्थन 

०० मौजूदा समय मे लाल ईंटों के गोरखधंधे से शासन को लाखो रुपए के राजस्व का हो रहा है नुकसान 

सारंगढ| खनिज विभाग के नाक के नीचे अवैध ईंट भट्ठो का खुला व्यापार क्षेत्र में बदस्तुर जारी है। ग्राम भावरपुर में ऐसे दर्जनों ईंट भट्ठे इन दिनों संचालित हो रहे है जो नियम कायदों को ताक पर रख कर अपनी अवैध कारगुजारी को अंजाम दे रहे है।

राज्य सरकार के मुताबिक सभी जिलों के कलेक्टर के माध्यम से प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए साफ निर्देश जारी किया गया है जिसमें मुख्य रूप से कुम्हार जाती से आने वाले राज्य के नागरिको को अपनी जीविका चलाने के लिए मिट्टी के बर्तन, खिलौने, ईंट बनाने के नाम पर रियायत बरती गई है, लेकिन इस निर्देशिका में यह भी स्पष्ठ लिखा गया है कि केवल पात्र कुम्हार जाती के लोग ही इसका लाभ ले सकते है जिसके लिए पर्यावरण विभाग एव खनिज विभाग को जिम्मेदारी दी गई है।जबकि यहाँ संचालित एक भी ईंट भट्ठे को दोनो ही विभाग से अनुमति नही मिली है न ही किन्ही संचालकों के द्वारा अनुमति ली गई है न ही निर्देशो का पालन इनके द्वारा किया जा रहा है ।बावजूद खनिज विभाग इन पर कार्रवाई करना तो दूर सकती बरतना भी मुनासिब नही समझ रहा ।जिला मुख्यालय में बैठे खनिज विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को दूरभाष के जरीये सूचना दिए जाने पर भी कार्रवाई नही होना दुर्भाग्य है वही ग्राम भंवरपुर में वृहद पैमाने में हो रहे संचालित इस लाल कारोबार पे अंकुश लगाना तो दूर इस पर कार्रवाई नही होना कई तरह के संदेहो को जन्म दे रहा है।

ईंट भट्ठा संचालक ने दी धमकी:- भंवरपुर का मूल निवाशी गेंदलाल कोशले (लककी) जिसका भवरपुर क्षेत्र में आधा दर्जन ईंट भट्ठा संचालित हो रहा है जिसको लेकर स्थानीय मीडिया एव पत्रकारो ने इस अवैध कारगुजारी पे कलम चलानी चाही तो स्थानीय पत्रकार दिलीप टंडन जो कि एक दैनिक अखबार के प्रतिनिधि है को अकेला देख अश्लील गाली गलौज करने लगा और मारने पीटने की धमकी देने लगा, वही जब और पत्रकार मीडिया कर्मी मौके पर पहुचे तो उन्हें जो करना है कर लो कहते हुए धमकी दी और साथ ही पत्रकारो को 50 हजार के लेंनदेंन करने के झुटे मामले में फसाने की बात भी कही जा रही है उसका यह भी कहना था कि किसी जुए सट्टा खाईवाल की बड़ी पूछ परख ऊपर थाने और अधिकारियों में होने की वजह से उसका कोई कुछ नही बिगाड़ सकता अब वो सट्टा खाईवाल कौन है यह भी एक सोचने वाली बात है ?कही पूरे अवैध भट्टे पर उसी सट्टा खाईवाल का सरंक्षण तो नही ?हालांकि अब स्थानीय प्रशासन के कार्रवाई के बाद ही सभी सच से पर्दा उठ पायेगा। स्थानीय प्रशासन की इस मामले की जानकारी दूरभाष के जरिये देने पर अपना पड़ला झाड़ रहे है नायब तहसिलादर का कहना है उनका क्षेत्र नही है तहसीलदार से पूछने पर कहते है नायब तहसीलदार कार्रवाई करने निकल चुके है, 24 घंटे बीतने के बाद सारंगढ से महज 4 किलो मीटर स्थित ग्राम भावरपुर अधिकारी नही पहुचे और अभी हालही में ग्राम पहंदा में हो रहे लाल ईंट भट्ठे के संचालन में रोक लगाने उद्देश्य से आधा दर्जन लाल ईंट परिवहन कर रहे है ट्रेक्टरों पर अवैधानिक कार्रवाई की गई थी जिससे पहंदा क्षेत्र में ईंट भट्ठा संचालकों में भय व्याप्त है और सभी संचालक अधिकारियों के शक्ति को देख अपना लाल कारोबार बंद कर चुके है।लेकिन भावरपुर में संचालित ईंट भट्ठों पर कार्रवाई नही करना कही न कही आधिकारिक मौन समर्थन की ओर इशारा कर रहा है ?

क्या कहते है अधिकारी………………………….

हमारे द्वारा सूचना मिलने पर हर संभव मौके पर जाकर कार्रवाई की जा रही है रही बात भंवरपुर की तो वह एरिया  मेरी नही है| 

माया अंचल, नायब तहसीलदार, सारंगढ

मैने नायब तहसीलदार को कह दिया है जाकर मौके का मुआयना कर कार्रवाई सुनिश्चित करे अब जा क्यों नही रही है इसमें मैं कुछ नही कह सकता|

जीपी डहरिया, तहसीलदार, सारंगढ

 

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