छत्तीसगढ़ में हो रहे तेज विकास की सर्वत्र चर्चा : राजनाथ सिंह

०० राजनाथ सिंह ने की मुख्यमंत्री की तारीफ, प्रदेश के आकांक्षी जिलों में हो रहे कार्यों की भी प्रशंसा

०० स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि और सिंचाई, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास और बुनियादी अधोसंरचना विकास

०० केन्द्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता में दस आकांक्षी जिलों की समीक्षा

०० देश की विकास दर को बढ़ाने में आकांक्षी जिलों का भी होगा महत्वपूर्ण योगदान

रायपुर| केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि देश की विकास दर को उच्चतम स्तर पर पहुंचाने में छत्तीसगढ़ के दस आकांक्षी जिलों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। राज्य के दो दिवसीय दौरे पर आए श्री राजनाथ सिंह आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक में इन आकांक्षी जिलों में हो रहे विकास कार्यों और संचालित योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे।
उन्होंने आकांक्षी जिलों के लिए केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित पांच प्रमुख प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए उनमें हो रहे कार्यों का ब्यौरा अधिकारियों से लिया। इन प्राथमिकताओं में स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा, कृषि और सिंचाई, वित्तीय समावेशन और कौशल उन्नयन तथा बुनियादी अधोसंरचना विकास शामिल हैं। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा – प्रधानमंत्री श्री मोदी का यह कहना है कि इन पांचों सेक्टरों में योजनाओं को जनभागीदारी से एक जन आंदोलन के रूप में संचालित किया जाए। इसके लिए सभी संबंधित मंत्रालयों और विभागों के बीच समन्वय करते हुए कार्ययोजना जल्द तैयार की जाए।राजनाथ सिंह ने आकांक्षी जिलों सहित छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में तेजी से हो रहे विकास के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की विशेष रूप से प्रशंसा की। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा – सामाजिक-आर्थिक विकास के मामले में छत्तीसगढ़ जिस तेजी से आगे बढ़ रहा है, उसकी सर्वत्र चर्चा है। कई नये कार्य और नये प्रोजेक्ट यहां शुरू हुए हैं। नया रायपुर इसका एक बड़ा उदाहरण हैं।  श्री राजनाथ सिंह ने कहा – हम सबका यह सौभाग्य है कि देश की वर्तमान विकास दर 7.2 प्रतिशत के आस-पास है, जो किसी तिमाही में आठ प्रतिशत से भी ऊपर पहुंच जाती है, लेकिन विकास की इस दौड़ में देश के कई ऐसे जिले पिछड़े रह जाते है, जिनमें तरक्की की प्रबल संभावनाएं हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की मंशा है कि ऐसे जिलों को अन्य विकसित जिलों की बराबरी में लाया जाए। इसी उद्देश्य से श्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने 115 आकांक्षी जिलों का चयन किया है, जिनमें छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के सभी सात जिले और राजनांदगांव, महासमुंद और कोरबा जिले शामिल हैं। केन्द्रीय गृह मंत्री ने इन दस जिलों की समीक्षा करते हुए इस बात पर खुशी जताई कि इन आकांक्षी जिलों में राज्य और केन्द्र सरकार की योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए और उन योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के लिए जिला कलेक्टरों के नेतृत्व में प्रशासन के सभी विभाग सराहनीय कार्य कर रहे हैं। श्री राजनाथ सिंह ने कहा – मुझे खुशी है कि आप सब लोग अच्छा काम कर रहे हैं। इन दस जिलों को अन्य विकसित जिलों की बराबरी पर लाया जाए, तो निश्चित रूप से देश की विकास दर को बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। खेती और सिंचाई सुविधाओं के विकास और जैविक खेती जैसी नवीन परियोजनाओं से किसानों की आमदनी को दोगुनी होगी, जो प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का लक्ष्य है। राजनाथ सिंह ने कहा – जिस तरह व्यापार-व्यवसाय के सरलीकरण की नीति के तहत इज ऑफ डुईंग बिजनेस में एक वर्ष में भारत तीस पायदान आगे बढ़ा, उसी तरह ये आकांक्षी जिले भी विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ सकते हैं। श्री राजनाथ सिंह ने बैठक में बस्तरिया बटालियन की चर्चा करते हुए इस बात पर खुशी जताई कि इस बटालियन में शामिल बस्तर अंचल के युवाओं में काफी जोश है। श्री सिंह ने कहा – मुझे यह कहते हुए खुशी है कि छत्तीसगढ़ के सभी दस आकांक्षी जिलों में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, खेती और सिंचाई, वित्तीय समावेशन और कौशल उन्नयन तथा बुनियादी अधोसंरचनाओं के निर्माण और विकास में काफी अच्छे कार्य हो रहे हैं। कुछ दिनों पहले नीति आयोग ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केन्द्रीय केबिनेट की बैठक में विकास के छत्तीसगढ़ मॉडल को लेकर एक प्रस्तुतिकरण दिया गया था, जिसमें आकांक्षी जिलों के अंतर्गत इन पांचों सेक्टरों में हो रहे नवाचारों की प्रशंसा की गई थी। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बैठक में केन्द्रीय गृह मंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि उनका मार्गदर्शन समय-समय पर हमें मिलता रहा है। डॉ. सिंह ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा नई खनिज नीति में खदान बहुल जिलों के लिए जिला खनिज न्यास संस्थान (डीएमएफ) का प्रावधान किए जाने को काफी उपयोगी बताया और कहा कि डीएमएफ के मद से छत्तीसगढ़ को भी अपने ऐसे जिलों में जनता की सुविधा के लिए विभिन्न प्रकार के निर्माण कार्य करने में काफी मदद मिल रही है। केन्द्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता में आज की बैठक में बताया गया कि केन्द्र सरकार की बेसलाईन रैकिंग में इन दस जिलों में से राजनांदगांव, महासमुंद और कोरबा को प्रथम तीन जिलों में शामिल किया गया है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने बैठक में इस बात पर भी खुशी जताई कि कौशल उन्नयन में छत्तीसगढ़ काफी अग्रणी है और राज्य के दस आकांक्षी जिलों में भी युवाओं के कौशल विकास का कार्य काफी अच्छे ढंग से हो रहा है। नवाचारों के मामले में बैठक में दंतेवाड़ा की एजुकेशन सिटी परियोजना की विशेष रूप से तारीफ की गई और बताया गया कि उसी तर्ज पर सुकमा, बीजापुर और कोरबा जिलों मेें भी एजुकेशन हब विकसित किए जा रहे हैं। बस्तर संभाग के बीजापुर, सुकमा और दंतेवाड़ा जिलों में नक्सल हिंसा में क्षतिग्रस्त स्कूलों के बच्चों को बेहतर और वैकल्पिक शिक्षा सुविधा दिलाने के लिए पोटा केबिन स्कूल खोले गए हैं। कांकेर जिले में हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी कक्षाओं में गणित, भौतिकी और रसायन शास्त्र के शिक्षकों की कम संख्या को देखते हुए वीडियो लेक्चर परियोजना शुरू की गई है, जो काफी पसंद की जा रही है। इसी तरह स्वास्थ्य सुविधाओं की दृष्टि से सुकमा जिले में हाट-अस्पताल और नारायणपुर जिले में स्वास्थ्य साथी योजना भी काफी लोकप्रिय हुई है। राजनांदगांव जिले में हमर स्वास्थ्य मोबाइल एप का प्रयोग किया जा रहा है। महासमुंद जिले में प्रत्येक बुधवार को स्वस्थ बुधवार दिवस के आयोजन के जरिए बच्चों को स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है। कोण्डागांव जिले में युवाओं को खेती से जोड़कर रोजगार दिलाने के लिए नवाचार किया जा रहा है। दंतेवाड़ा जिले में जैविक खेती की परियोजना सफलतापूर्वक चल रही है। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले महीने की 14 तारीख को अम्बेडकर जयंती के दिन आयुष्मान भारत योजना के प्रथम चरण में छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के ग्राम जांगला में देश के प्रथम हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर का शुभारंभ किया था। राज्य के अन्य आकांक्षी जिलों में भी इस योजना के तहत हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर खोलने की तैयारी की जा रही है। बैठक में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्राथमिकता वाली सात योजनाओं को इन जिलों में एक हजार से अधिक जनसंख्या के गांवों में एक साथ क्रियान्वित करने की दिशा में हो रहे कार्यों की भी समीक्षा की। श्री सिंह ने राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और आकांक्षी जिलों के कलेक्टरों से योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए सुझाव भी मांगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर आगे भी कोई सुझाव देना हो तो आकांक्षी जिलों के लिए केन्द्र के स्तर पर गठित सचिवों की समिति को सुझाव भेजे जा सकते हैं। श्री राजनाथ सिंह ने दंतेवाड़ा जिले में चल रहे कॉल सेंटरों की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि इससे वहां के काफी युवाओं को रोजगार मिला है|  बैठक में प्रदेश के गृह मंत्री श्री रामसेवक पैकरा, केन्द्रीय गृह सचिव श्री राजीव गौबा, छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्य सचिव श्री अजय सिंह, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री बी.व्ही.आर. सुब्रमण्यम, वन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री सी.के. खेतान, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री आर.पी. मंडल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव श्री अमन कुमार सिंह, उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री सुनील कुजूर, वित्त विभाग के प्रमुख सचिव श्री अमिताभ जैन, सहित विभिन्न विभागों के सचिव और अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

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