कोटमी में गरजे राहुल गाँधी, कहा “केंद्र में सरकार बनते ही किसानों का कर्ज माफ”

०० विशालकाय मंच पर राहुल गांधी के साथ कांग्रेस के दिग्गज नेताओं सहित 30 लोगों ने साझा किया मंच

०० 90 हजार वर्गफीट का तैयार किया गया डोम, सभा में 60 हजार से अधिक लोग हुए शामिल 

बिलासपुर। पेंड्रा के कोटमी में सभा को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय काँग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी बीजेपी सरकार पर जमकर बरसे। राहुल ने कहा कि, “केंद्र में सरकार बनते ही उनका सबसे पहला काम किसानों का कर्ज माफ करना होगा”। राहुल गांधी ने कहा कि, “किसान और आदिवासियों में इतनी शक्ति है कि, वो पूरे देश की तस्वीर बदल सकते हैं, लेकिन सरकारें किसानों का शोषण करती हैं। राहुल ने कहा कि, “केंद्र में सरकार बनते ही हमारा पहला काम किसानों का कर्ज माफ करना होगा”।

कोटमी में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए राहुल ने बीजेपी सरकार पर बरसते हुए कहा कि, “जहां भी बीजेपी की सरकार है वहां गरीबों के हित में कोई कानून इम्प्लीमेंट नहीं होता। वहीं 15 लाख रुपए खाते में आने के जुमले पर राहुल ने तंज कसते हुए पूछा कि कहां हैं 15 लाख रुपए”।राहुल गांधी ने कहा कि, श्निजी स्कूल और अस्पताल में लूटने की संस्कृति चल रही है और इसी संस्कृति को बदलने के लिए हम आपके लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। देश में सिर्फ 10-15 अमीर लोग खुश हैं। जिन्हें सरकार मानती है कि देश में विकास इन्ही की बदौलत होता है। राहुल गांधी ने बैंकों को चूना लगाकर विदेशों में जा छुपे विजय माल्या, नीवर मोदी और ललित मोदी का नाम लेकर कहा कि केंद्र सरकार इन्हीं के लिए काम कर रही है। राहुल गांधी ने आंकड़ों का जिक्र करते हुए कहा कि आज देश में मनरेगा का बजट 35 हजार करोड़ रुपये हैं, इतनी रकम तो नीरव मोदी लेकर भाग गया। राहुल गांधी ने किसानों के कर्ज माफी का जिक्र किया। राहुल ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों का कर्जा माफ नहीं करती, वो कहते हैं कि कर्ज माफी हुई तो किसानों की आदत खराब हो जायेगी, लेकिन उद्योगपतियों का ढाई लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफी कर दिया। राहुल गांधी ने सवाल किया कि, क्या अमीर लोगों का कर्जा माफ करने से उनकी आदत खराब नहीं होती.. किसानों की आदत खराब नहीं होती।राहुल गांधी ने जमीन अधिग्रहण बिल को लेकर भी केंद्र और राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। राहुल गांधी ने कहा कि यूपीए सरकार ने जो बिल बनाया था, उसके मुताबिक बिना आपसे पूछे कोई जमीन नहीं ले सकता था, और अगर लेता, तो चार गुनी राशि देनी पड़ती । केंद्र सरकार ने उस वक्त राज्यसभा और लोकसभा में समर्थन किया, लेकिन बैक डोर से राज्यों में भू-अधिग्रहण बिल को बदल दिया। इसके पहले मंच पर पहुंचते ही छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी का गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद राहुल गांधी ने सबसे पहले गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रमुख हीरा सिंह मरकाम को गले लगाया। मरकाम को राहुल के बाजू में जगह दी गई है। इसके साथ ही राहुल की सभा में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और एकता परिषद कांग्रेस के साथ दिखी। दोनों संगठनों के अध्यक्ष अपने हजारों कार्यकर्ताओं के साथ राहुल की सभा में मौजूद रहे। इसके साथ ही राहुल की सभा में पीसीसी अधयक्ष भूपेश बघेल,नेताप्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ.चरणदास महंत, कार्यकारी अध्यक्ष रामदयाल उइके, विधायक जयसिंह अग्रवाल, मोतीलाल देवांगन, उमेश पटेल, चुन्नीलाल साहू, समेत कई नेता कोटमी में मौजूद रहे।

तैयार किया गया 90 हजार वर्गफीट डोम :- राहुल गांधी के जंगल सत्याग्रह-आदिवासी किसान सम्मेलन के लिए पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री व छत्तीसगढ़ इलेक्शन कैम्पेन कमेटी के चेयरमैन डॉ. चरणदास महंत की देखरेख में पिछले तीन दिनों से वृहद तैयारियां की गई थी। राहुल की सभा के लिए 90 हजार वर्गफीट का डोम तैयार किया गया था। सभा में 26 हजार कुर्सियां भी लगवाई गईं थी। सभा में 60 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने के आधार पर तैयारी थी। इस सभा में खास बात ये भी थी कि, पहली बार विशालकाय मंच पर राहुल गांधी के साथ कांग्रेस के दिग्गज नेताओं सहित 30 लोगों ने मंच साझा किया।मई महीने की चिलचिलाती धूप में भी दूर-दूर से गांव की महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग, युवा लोग राहुल गांधी की एक झलक देखने और उन्हें सुनने के लिए ललायित हैं। हम आपको बता दें कि देश की आजादी के बाद से आज तक यह कांग्रेस की परंपरागत सीट रही है। इस क्षेत्र के लोग गांधी-नेहरू परिवार के लोगों के प्रति काफी आस्था रखते हैं। यही कारण है कि गांधी-नेहरू परिवार के राहुल गांधी को देखने के लिए गांव का गांव कोटमी में उमड पड़े।

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