पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर राजधानी में गरजे प्रदेशभर के कलमवीर

०० राज्य के 27 जिलों से सैकड़ो की संख्या में पहुचे पत्रकारो ने एक सुर में की पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग

०० पत्रकारों के साथ साथ समाजसेवी, साहित्यकार सहित राजनितिक दलों के नेता भी हुए आन्दोलन में शामिल  

रायपुर। पत्रकारों की सुरक्षा एवं उनके विरूद्ध कायम हो रहे मामलों जैसे विषयों को लेकर आज राजधानी रायपुर में एक सर्वदलीय महाधरना प्रदेशभर के पत्रकारों के द्वारा दिया गया। धरनास्थल पर प्रदेश भर से पत्रकार साथी बड़ी संख्या में पहुंचे, राज्य के 27 जिलों से पत्रकार साथी धरना स्थल पर पहंचे थे। रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष केके शर्मा ने इस प्रदेश स्तरीय पहल की प्रशंसा की और पत्रकार सुरक्षा कानून तथा पत्रकारों की सुरक्षा के लिए जब तक जरूरत हो तब तक संघर्ष की बात की।

सुचना के अधिकार क्षेत्र में विशेष कार्य कर रहे कुनाल शुक्ला ने भी धरना स्थल पर पहुंच कर पत्रकारों की मांग का समर्थन किया। कार्यक्रम में सभी वक्ताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में पत्रकारों का काम कितना कठीन होता जा रहा है पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा की पहले तो खबरों के सच केवल सरकारी अधिकारी छुपाते थे अब सरपंच से लेकर ऊपर बैठे मुखिया तथ्यों को छुपाने में लगे रहते है। साधारण परिक्षा में नकल की रिर्काडिंग को भी शासकीय काम में हस्तक्षेप मान कर केन्द्र अध्यक्ष पत्रकार के विरूद्ध एफआईआर करा देता है। खनिज ओवर लोडिंग जैसे मामलों में काम करना तो जान जोखिम में डालन है। प्रदेश भर में कार्यरत पत्रकार संघों ने अपने-अपने बैनर के साथ धरना दिया। पूर्व कार्यक्रम के अनुसार धरने के बाद राज भवन तक पैदल मार्च होना था और राजभवन पर राजपाल के नाम ज्ञापन सौंपा जाना था। किन्तु पुलिस एवं विशेष शाखा ने जो सुचनाएं राजभवन तक दी उस कारण राज्यपाल के प्रतिनिधि ने धरना स्थल पर आकर पत्रकारों से ज्ञापन प्राप्त किया। इस महाधरना में वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला, शंकर पाण्डेय, राजकुमार सोनी, व्यास पाठक, गोविन्द शर्मा, राकेश प्रताप सिंह परिहार, सुधीर तम्बोली, शराफत अली, उत्पल सेनगुप्ता, अमित सन्तवानी, प्रशांत इल्मीकार, नाहिदा कुरैशी, व्यास मुनि, रमेश चन्द्रकुमार, सतीश पांडेय, केके शर्मा, मोहन तिवारी, अजीत कुमार शर्मा, धीरेन्द्र गिरी गोस्वामी, शैलेष कुमार शर्मा, डीपी गोस्वामी, जावेद खान, संजय बंजारे, विजय सुमन, फरहान राज, दिनेश चंद्र, दिगम्बर तिवारी सहित प्रदेशभर से आये पत्रकार शामिल हुये।

अजीत जोगी का मिला समर्थन:- छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के सुप्रीमों प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी स्वयं धरना स्थल पर पहुंचे तथा उन्होंने पत्रकारों को संबोधित करते हुए यह आश्वासन दिया की राज्य ने उनकी सरकार आने पर पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाएगा। श्री जोगी ने कहा की उनकी पार्टी ने पत्रकारों के हित के लिए कई बातंे अपने घोषणा पत्र में रखी है। जो पत्रकारों से रूबरू चर्चा करके ली गई। पत्रकार सुरक्षा कानून पत्रकारों की कार्य परिस्थिति को देख कर जरूरी है और सरकार बनने पर इसे लागू किया जाएगा। अजीत जोगी धरना स्थल पर अपने डाॅ. की अराम करनेे संबंधित सलाह को एक तरफ रख कर स्वयं आए थे। धरना स्थल पर आप राजनैतिक दल के प्रदेश अध्यक्ष साकेत ठाकूर ने भी पत्रकारों का समर्थन किया। उन्होंने कहा की समाचार पत्रों में लिखने वाला, न्यूज़ चैनल में काम करने वाला कोई भी पत्रकार सिर्फ उसी चिज को दिखाता है जो समाज में चल रहा है। यह कोई काल्पनिक कहानी नही है। यदि समाज में दैनिक जीवन में बुराईयां इतना घर कर गई है तो उन्हें बताना पत्रकार की पेशेगत मजबूरी है। समाज में कुछ बुरा चले और पत्रकार उसे न दिखा पाए तो इसे आदर्श स्थिति नही कहा जा सकता। आप राजनीतिक दल पत्रकार सुरक्षा कानून का समर्थन करता है और उसे लागू करने का हिमायती है। 

प्रमुख विपक्षी कांग्रेस पार्टी रही इस धरना-आन्दोलन से दूर:- राजधानी में प्रदेशभर के पत्रकारों द्वारा पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर एकदिवसीय महाधरना का आयोजन किया गया जिसमे बड़ी संख्या में पत्रकारों के अलावा समाजसेवी, साहित्यकार, राजनितिक दल के नेताओ के साथ साथ कई पत्रकार संगठनो ने अपना समर्थन दिया मगर इस आन्दोलन को लेकर प्रदेश की प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस नदारद रही| पत्रकार हितो को लेकर लड़ी जा रही इस लड़ाई में कांग्रेस द्वारा समर्थन नहीं किये जाने को लेकर पत्रकारों के बीच काफी चर्चा बनी|

 

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