सुदूर इलाकों में भी साकार हो रहा अन्त्योदय का सपना : डॉ. रमन सिंह

०० नक्सल हिंसा पीड़ित सुकमा जिले में पहुंची विकास यात्रा, गादीरास की जनसभा में 105 करोड़ से ज्यादा के निर्माण कार्यो की सौगात
०० मिनी स्टेडियम के लिए 50 लाख रूपए और गौरवपथ के लिए एक करोड़ रूपए की घोषणा
०० विभिन्न योजनाओं में दो हजार से ज्यादा हितग्राही हुए लाभान्वित

रायपुर| मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेशव्यापी विकास यात्रा के दूसरे दिन आज छत्तीसगढ़ के दक्षिणवर्ती अंतिम छोर के जिले सुकमा जिले के ग्राम गादीरास पहंुचे। उन्होंने नक्सल हिंसा पीड़ित और आदिवासी बहुल इस इलाके के लिए वहां 105 करोड़ 22 लाख रूपए के विभिन्न निर्माण कार्यो की सौगात दी। उन्होंने इनमें से 14 करोड़ 95 लाख रूपए के पूर्ण हो चुके 08 निर्माण कार्यो का लोकार्पण और 90 करोड़ 26 लाख रूपए के 37 नये स्वीकृत निर्माण कार्यो का भूमिपूजन और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने इसके अलावा वहां विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं के तहत दो हजार से ज्यादा लोगों को अनुदान राशि सामग्री आदि का भी वितरण किया।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर विशाल जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा- राज्य और केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ के सुदूरवर्ती इलाकों में भी अन्त्योदय का सपना साकार हो रही है। विगत लगभग 14 वर्ष में छत्तीसगढ़ को भूख और पलायन की पीड़ा से मुक्त करने में सरकार को अच्छी सफलता मिली है। राज्य का विकास जनता के परिश्रम, लगन और विकास के प्रति सकारात्मक सोच से ही संभव हुआ है। यह विकास यात्रा छत्तीसगढ़ की जनता को राज्य के विकास में भागीदारी के लिए धन्यवाद देने का एक पुनीत कार्य है।उन्होंने गादीरास में 50 लाख रूपए की लागत से मिनी स्टेडियम निर्माण, एक करोड़ रूपए की लागत से गौरव पथ निर्माण सहित निकटवर्ती मनगेर नदी पर पुल निर्माण की स्वीकृति देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि गादीरास की यह यात्रा मेरे लिए तीर्थ यात्रा की तरह है। मैं यहां पर जनता का आशीर्वाद लेने आया हूं। हमारी सरकार पांच साल तक काम करती है और पूरे पांच साल जनता की भलाई के लिए विकास की बातें करती है। डॉ. सिंह ने कहा कि गादीरास जैसे इलाकों में विकास की गति तेज होगी और चौगुना विकास होगा। डॉ. सिंह ने सुकमा जिले में हो रहे विकास कार्यो का उदाहरण देते हुए कहा कि विकास यात्रा के प्रथम दिवस पर कल सुकमा जिले के लिए 23 करोड़ 37 लाख रूपए की लागत से निर्मित 132 के.व्ही. विद्युत सब स्टेशन का लोकार्पण केन्द्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह के हाथों सम्पन्न हुआ, जिससे इस इलाके में बिजली के वोल्टेज की समस्या दूर हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सुकमा छत्तीसगढ़ का नया जिला है। लगभग छह साल पहले वर्ष 2012 में इसका गठन होने के बाद यहां विकास के कार्यो में और भी ज्यादा तेजी आयी है।
मुख्यमंत्री ने कहा- राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-30 पर सुकमा से जिले के अंतिम शहर कोण्टा तक 78 किलोमीटर सीमेंट कांक्रीट सड़क निर्माण 350 करोड़ रूपए की लागत से किया जा रहा है। बड़ी तेजी से इसका निर्माण हो रहा है। जिला मुख्यालय में 17 करोड़ रूपए की लागत से लोक निर्माण विभाग द्वारा संयुक्त जिला कार्यालय भवन (कम्पोजिट बिल्डिंग) का निर्माण किया गया है। सुकमा शहर की सुन्दरता को बढ़ाने के लिए 26 करोड़ 06 लाख रूपए की लागत से गौरव पथ का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। जिला अस्पताल के लिए आठ करोड़ 06 लाख रूपए की लागत से 100 बिस्तरों वाले भवन का भी निर्माण हो चुका है। जिले के दोरनापाल से ओड़िशा के कालीमेला को जोड़ने के लिए शबरी नदी पर 10 करोड़ 20 लाख रूपए की लागत से पुल निर्माण भी पूरा कर लिया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए इसे गरीबों के लिए दुनिया की सबसे बड़ी बीमा योजना बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना में गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को पांच लाख रूपए तक इलाज की सुविधा मिलेगी। डॉ. रमन सिंह ने कहा- छत्तीसगढ़ सरकार ने तेन्दूपत्ता संग्राहकों की मजदूरी विगत 14 वर्ष में 450 रूपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर ढाई हजार रूपए कर दिया है, जिसका फायदा सुकमा जिले के ग्रामीणों को भी मिलेगा। राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के किसानों को सिंचाई के लिए पूरी बिजली निःशुल्क दी जा रही है। सुकमा जिले में नक्सल हिंसा पीड़ित परिवारों के बच्चों की बेहत्तर शिक्षा के लिए पोटा केबिन संचालित किए जा रहे हैं। स्कूल शिक्षा और आदिम जाति विकास मंत्री श्री केदार कश्यप तथा बस्तर के लोकसभा सांसद श्री दिनेश कश्यप सहित अनेक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि इस अवसर पर उपस्थित थे।

 

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