आरएसएस और भाजपा सरकार मिशनरियों को पत्थरगडी का जिम्मेदार बता जनता को कर रही है गुमराह: विकास तिवारी

०० भाजपा सरकार लगातार आदिवासियों का शोषण कर उनके  जंगल-जमीन को अपने उद्योगपति मित्रो कर दिया समर्पित

रायपुर| छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के सीनियर पैनलिस्ट एवं पूर्व प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में भाजपा सरकार को जिन आदिवासियों ने 14 साल से अपने सर आंखों पर चढ़ाया उन्हें तीन बार सत्ता का रास्ता दिखाया और आज यही भाजपा की सरकार जो कि लगातार आदिवासियों का शोषण करते रहे उनके  जंगल-जमीन को अपने उद्योगपति मित्रो के चरणों मे समर्पित कर दिये है,उनके हरा सोना तेंदूपत्ता को औने-पौने भाव मे बेचने को मजबूर कर रहे है,नक्सली बता कर उनको झूठे एनकाउंटर में मरवा देते है,झारियामारी आश्रम में नाबालिग बच्चियों के बलात्कारियों को संरक्षण देते है,और वो सत्ताईस हजार बेटियां जो पूरे प्रदेश से गायब है,जिनमे लगभग आदिवासी है उनका खोज पाने में असफल है।भोले-भाले आदिवासियों को लूट कर खंख बनने वाले संघी-भाजपा सरकार पर कटाक्ष करते हुवे उप-नेता प्रतिपक्ष श्री कवासी लखमा सही कहते है,कि आदिवासी अपना घर-जंगल छोड़ शहरों में बर्तन मांजने का काम करने को मजबूर कर दिया है भाजपा सरकार ने।

विकास तिवारी ने कहा कि अनुसूचित जाति क्षेत्र के जल जंगल जमीन पर वहां के मूल निवासी आदिवासियों का हक है पांचवी अनुसूची में केंद्र और राज्य की सरकारो की 1 इंच भी जमीन नहीं है इसका फैसला सुप्रीम कोर्ट ने दिया हुआ है भारतीय जनता पार्टी की सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता इस आंदोलन को ईसाई मिशनरियों द्वारा चलाना बता कर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं जबकि केंद्र में विगत 4 सालों से और छत्तीसगढ़ राज्य में जब 14 सालों से भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा लगातार यह कहना की पूरे देश और प्रदेश में उनके 14 करोड़ से अधिक स्वयंसेवक है जो भारतीय सेना से भी ज्यादा शक्तिशाली हैं भारतीय सेना किसी भी लड़ाई को लड़ने के लिए 3 महीने का समय लेती है अपने तैयारी में वही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लोग मात्र 3 दिन में दुश्मनों को हराने की दक्षता रखते हैं फिर क्या ऐसे कारण है कि छत्तीसगढ़ राज्य के स्वयंसेवक ईसाई मिशनरियों के आगे बोने दिख रहे हैं क्या देश की जनता से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ झूठा प्रचार तो नहीं कर रही है कि उनके 14 करोड़ से ज्यादा स्वयंसेवक हैं और इसके बावजूद भी राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह कहते हैं कि पत्थर गढ़ी की घटना के पीछे ईसाई मिशनरियों का हाथ है यह बयान भारतीय जनता पार्टी की बेबसी,लाचारी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेताओं द्वारा अपने आपको करोड़ों की संख्या में बताना संशय पैदा करता है जब केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार है तो किस मुंह से यह ईसाई मिशनरियों पर पत्थरगडी की घटना का आरोप लगाकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।भाजपा जब विपक्ष में रहती है तो कहती है कि देश खतरे में है मिशनरियां धर्मांतरण कर रही है और जब सत्ता में रहते हैं तो कहते हैं कि पत्थरगडी की घटना के पीछे ईसाई मिशनरियां है तो भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को बताना चाहिए कि क्या मिशनरियां आरएसएस और भाजपा से ज्यादा बलवान और शक्तिशाली हैं और पत्थरगडी की घटना जो जसपुर से शुरू हुई थी वह अब मुख्यमंत्री के गृह जिले राजनांदगांव सहित कोरबा एवं अन्य शहरों में एक वृहद आंदोलन का स्वरूप ले रही है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आदिवासियों को उनका हक दिलाने के लिए क्यों तत्पर नहीं दिखाई दे रही है क्यो रमन सरकार के झूठ का साथ दे रहे है क्यो आरएसएस और भाजपा अपने आप के मिशनरियों के आगे कमजोर निर्बल बताने में आमादा है क्यों सच को नहीं स्वीकार रही है कि उनके 14 साल के शासन काल में छत्तीसगढ़ के आदिवासियों की दशा बद से बदतर हुई है,उनके जल जंगल जमीन को बेच खाया है,आदिवासियों से छलावा ही किया है।

 

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