रमन को दीनबंधु कह अजय चंद्राकर ने चाटुकारिता की सारी हदें पार: कांग्रेस

०० मंत्री चंद्राकर की नजर में भ्रष्ट नौकरशाह और चंद भाजपाई हुक्मरान ही आते है दीन-दुखी की श्रेणी में : त्रिवेदी

रायपुर। अजय चंद्राकर द्वारा मुख्यमंत्री रमन सिंह को भगवान और दीनबंधु जैसे विशेषणों से नवाजने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि चाटुकारिता की सारी हदें अब पार हो गयी है। जिस प्रदेश में एक साल में 100 से अधिक किसान आत्महत्या कर लें। जिस प्रदेश में हर रोज एक बलात्कार की घटना हो रही हो जिस प्रदेश में हर तीसरे दिन एक सामूहिक बलात्कार की घटना हो रही हो जिस प्रदेश में झलियामारी जैसे मासूम बच्चियों के साथ अनाचार की घृणित घटनायें हुई है। जिस प्रदेश में 27 हजार से अधिक महिलायें लापता हो जिस प्रदेश में लगातार तीन साल तक सूखे के हालात के बाद किसानों को राहत न मिल पाये। जिस प्रदेश में मनरेगा के गरीब मजदूरों की मजदूरी सरकार महिनों तक न दे उस प्रदेश के मुखिया को दीनबंधु की उपाधि कोई चाटुकार व्यक्ति ही दे सकता है।

शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि जिस प्रदेश में चंद रूपयों के लिये महिलाओं के गर्भाशय निकाल लिये जाये। जिस प्रदेश में नकली दवाओं के कारण सौ से अधिक बुजुर्गो के आंखो की रोशनी सरकारी नेत्र शिविर में चली जाये। जिस प्रदेश में सरकारी नसबंदी शिविर में 17 माताओं की मौत हो जाये उस प्रदेश के मुखिया को दीनबंधु कहना, दीनबंधु जैसे महान शब्द की गरिमा गिराने वाला है। कांग्रेस नेता ने कहा कि लगता हैं मंत्री चंद्राकर की नजर में भ्रष्ट नौकर शाह और चंद भाजपाई हुक्मरान ही दीन-दुखी की श्रेणी में आते है, क्यों कि रमन सिंह असली हितैषी तो इन्हीं लोगों के है। मंत्री चंद्राकर के दीनबंधु के कुशासन का आलम यह है कि छत्तीसगढ़ के बारे में नीति आयोग को यह बोलना पड़ा कि देश का विकास छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के कारण प्रभावित हो रहा है। छत्तीसगढ़ देश का सब से गरीब राज्य बन चुका है। देश में गरीबो की संख्या छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक है फिर भी मंत्री अजय चंद्राकर द्वारा मुख्यमंत्री रमन सिंह को ही मुख्यमंत्री को दीनबंधु कहना बेहद दुखद है।

 

error: Content is protected !!