गृहमंत्री ने कहा पीलिया से हुई मौते ईश्वरीय घटना, कांग्रेस ने बताया गृहमंत्री का गैरजिम्मेदाराना बयान

रायपुर राजधानी में पीलिया से हो रही मौतों पर भले ही हाईकोर्ट का रूख सख्त है, लेकिन राज्य सरकार अभी भी इसे गंभीरता से नहीं ले रही है। शनिवार को राज्य के गृहमंत्री राम सेवक पैकरा ने पीलिया से हो रही मौतों को ईश्वरीय घटना बता दिया। इससे पहले पैकरा एक बैगा से शुगर का इलाज कराने को लेकर विवादों में आए थे। पैकरा ने ये बयान कोरबा में दिया है,वे यहां एक शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। गृह एवं लोक स्वास्थ्य मंत्री रामसेवक पैकरा के द्वारा पीलिया से हो रही मौतों पर दिये गये बयान “मौत तो स्वाभाविक घटना है, मौत को कोई नहीं रोक सकता” पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति व्यक्त की है।

पत्रकारों से बातचीत के दौरान उनका जवाब बेहद चौंकाने वाला था। उन्होंने कहा कि मौत तो स्वाभाविक है सबकी। वहां किसी का रोक नहीं है, ये तो ईश्वरीय घटना है। कई बार दुर्घटना से मौत हो जाती है। बीमारी से मौत हो जाती है। रोक थाम होती है, सरकार काम कर रही है पीलिया एक बीमारी है। जहां तक कोई भी बीमारी है तो इलाज के दौरान भी मौत हो जाती है। सरकार की रोकथाम की मंशा है।ध्यान देने वाली बात है कि पीलिया से राजधानी में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है और 400 से ज्यादा इस रोग की चपेट में हैं।

मंत्री पैकरा का बयान गैर जिम्मेदाराना: कांग्रेस

गृह एवं लोक स्वास्थ्य मंत्री रामसेवक पैकरा के द्वारा पीलिया से हो रही मौतों पर दिये गये बयान “मौत तो स्वाभाविक घटना है, मौत को कोई नहीं रोक सकता” पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति व्यक्त की है। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि गृहमंत्री रामसेवक पैकरा बयान बेहद असंवेदनशील और गैर जिम्मेदाराना है। इसमें कोई दोराय नहीं कि मौत पर किसी का वश नहीं लेकिन बीमारी और अशुद्ध पेयजल के कारण हो रही पीलिया बीमारी पर नियंत्रण तो सरकार के वश में रामसेवक पैकरा राज्य के पी.एच.ई मंत्री है, प्रदेश के लोगो को पीने का साफ पानी उपलब्ध कराने की जवाबदारी उन्हीं की है।  यदि लोगो को पीने का साफ पानी नहीं मिल पा रहा है, पीने के पानी में ईकोलाई बैक्टीरिया पाया जा रहा है। जिसके कारण राजधानी की एक बड़ी आबादी पीलिया से पीड़ित है। 8 से अधिक लोग पीलिया से अपनी जान गंवा चुके है, इसके लिये पैकरा का पी.एच.ई विभाग भी जवाबदेह है। ऐसे समय राज्य के पी.एच.ई मंत्री का यह बयान बेहद दुर्भाग्य जनक और जले पर नमक छिड़कने वाला है। राजधानी में पीलिया का प्रकोप फैले 2 माह से अधिक हो चुका है, रायपुर नगर निगम द्वारा राजधानी में पेयजल की पाईप लाईन बदलने के लिये प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा है, इस प्रस्ताव की फाईल पखवाड़े भर से स्वीकृति के लिये मंत्रालय में दबी हुई है। पीलिाय को लेकर सरकार के जादा चिंतित तो हाई कोर्ट है, हाई कोर्ट लगातार आदेश पारित कर रहा है, निर्देश दे रहा है भाजपा सरकार हाई कोर्ट आदेश के पालन की खाना पूर्ति मात्र कर रही है। धरातल में पीलिया प्रभावित क्षेत्रो में न पाईप लाईन बदला गया और न ही पीने के पानी की वैकल्पिक व्यवस्था की गयी और न ही पीड़ितो को बेहतर ईलाज उपलब्ध करवाया जा रहा है। जब लोग संकट और बीमारी के भय से जूझ रहे है ऐसे समय मंत्री पैकरा लोगो को राहत पहुंचाने के बजाये अनर्मल और गैर जिम्मेदाराना बयान देकर अपना और अपनी सरकार का असंवेदनशील और जन विरोधी चरित्र उजागार कर रहे है। 

 

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