सकरी नदी को निर्मल और स्वच्छ बनाने के लिए सकारात्मक सोच और जन सहभागिता जरूरी : सांसद अभिषेक सिंह 

सांसद अभिषेक सिंह ने सकरी नदी का गैती से खुदाई कर किया श्रमदान

०० सकरी नदी का एक हजार से अधिक लोगों ने श्रमदान कर सकरी नदी सफाई अभियान की शुरूआत की
रायपुर/कवर्धा| कबीरधाम जिले के जीवन दायिनी सकरी नदी को नदी के उद्गम स्थल से लेकर अंतिम मुहाने तक स्वच्छ और निर्मल बनाने,नदी को पुर्नजीवन देने अभियान की शुरूआत हो गई है। राजनांदगांव सांसद श्री अभिषेक सिंह ने आज एक हजार से अधिक लोगों के साथ सामूहिक रूप से सकरी नदी को पूर्नजीवन देने तथा नदी को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिए गैती और फावड़ा से नदी की खुदाई कर श्रम दान किया।

संासद के साथ कवर्धा विधायक श्री अशोक साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संतोष पटेल, श्री विजय शर्मा, श्री राम कुमार भट्, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती देवकुमारी चन्द्रवंशी, जनपद अध्यक्ष श्रीमती ज्योति भूनेश्वर चन्द्राकर, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्री अनिल ठाकुर, समाज सेवी श्री छेदीलाल सोनी, श्री अर्जून पंडित,श्री सीताराम साहू, कलेक्टर श्री अवनीश कुमार शरण, पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेंद सिंह सहित हजारों लोगों ने श्रमदान कर अभियान की शुरूआत की। सांसद सहित जनप्रतिनिधियों ने सकरी के पुर्नजीवन सृजन कार्यक्रम की विधिवत पूजा अर्जना भी की। सकरी नदी की अस्तित्व को बचाने उन्हे पूनर्जीवित करने के लिए नदी के 89 स्थलों को चिन्हांकित किया गया है। उन स्थलों में अलग-अलग 57 काम किया जाएगा,जिसमें के लिए राज्य शासन द्वारा 5 करोड़ 37 लाख रूपए की स्वीकृति भी दी गई है। सांसद श्री अभिषेक सिहं ने कहा कि सकरी नदी कवर्धा शहर ही नदी अपितू समग्र कबीरधाम जिले के जीवन दायिनी नदी के रूप में इसकी पहचान बनी है। सकरी नदी की इसी पहचान और इसके गौरवशाली इतिहास को बनाए रखने के लिए राज्य सरकार द्वारा नदी का उद्गम स्थल से लेकर जिले के अंतिम मुहाने तक पुनर्जीवित करके संकल्प के साथ पांच सौ करोड़ रूप से अनेक कार्यों की मंजूरी दी है। उन्होने यह भी कहा कि जिला प्रशासन और आमजनों द्वारा इस संकल्पों को पूरा करने के लिए एक जनआंदोलन के रूप में इस महाअभियान को सफल बनाया जा सकता हैं। समाज और आमलोगों की सहभागिता से यह पुष्य काम पूरा हो सकेंगा। कवर्धा विधायक श्री अशोक साहू ने सकरी नदी के गौरवशाली इतिहास और उनके महत्व को बताते हुए इस महाअभियान में आमजनों को एक सकारात्मक सोच और जुटकता के साथ कंधे से कंधे मिलाकर एक जनआंदोलन के रूप में जागरूकता लाने के लिए आग्रह भी किया है। उन्होने यह भी कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के मंशा के अनुरूप आज उनके सपने को साकार हो रहे है।  
कबीरधाम जिले के जीवनदायिनी सकरी नदी को पुनर्जीवित करने एवं मूल अस्तित्व को बचाने के लिए “सृजन“ अभियान प्रारंभ किया गया है। इस अभियान की शुरूआत मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह द्वारा 18 फरवरी 2018 को किया गया है। प्रथम चरण में जनपद पंचायत बोड़ला के 6 ग्राम पंचायत और 11 आश्रित गांव तथा कवर्धा जनपद पंचायत के 12 ग्राम पंचायत एवं 17 आश्रित ग्रामों का चयन किया गया है। इस योजना का क्रियान्वयन मनरेगा, आई.डब्ल्यू.एम.पी., डी.एम.एफ. एवं सी.एस.आर. इत्यादि से किया जाना हैं। इस सृजन अभियान अंतर्गत मनरेगा, आइ.सी.आर.जी एवं विभिन्न योजनाओं के अभिसरण करते हुए विस्तृत स्थल सर्वेक्षण तथा ड्रोन तकनीकी क माध्यम से स्थल सर्वेक्षण कर आंकड़े एकत्रित कर जलवायु परिवर्तन एवं संवेदनशील विकास हेतु अंधोसंरचना निर्माण के माध्यम से सकरी नदी पुनर्जीवित का कार्य किए जाने हेतु जिला स्तर पर तकनीकी टीम एवं आई.आई.टी कानपुर के वरिष्ठ रिवर हाइड्रोलॉजिस्ट प्रोफेसर डॉ. राजीव सिंहा की टीम द्वारा ड्रोन टेक्नोलॉजी के माध्यम से नदी के भौगोलिक स्थालाकृति का विस्तृत सर्वेक्षण किया गया है साथ ही जिला स्तरीय टीम द्वारा मैदानी स्तर पर नदी के संवेदनशील स्थानों का सर्वे किया गया है सर्वे में आई.आई.टी की टीम द्वारा ग्राम पंचायत चौरा से सर्वेक्षण कार्य प्रारंभ किया गया जो पिपरिया नगर पंचायत तक के क्षेत्र का ड्रोन कैमरे से विस्तृत जानकारी ली गई। जिला स्तर पर गठित तकनीकी टीम द्वारा नदी उद्गम से पहाड़ी क्षेत्र एवं मैदानी क्षेत्र पर नदी के किनारे बसे ग्राम पंचायतों में सर्वे का कार्य गया। साथ ही नदी किनारे ग्राम पंचायत में उपलब्ध शासकीय भूमि लगभग 26 हेक्टेयर वृक्षारोपण के लिए चिन्हांकित किया गया है। तकनीकी टीम बी द्वारा पहाड़ी क्षेत्र से ग्राम पंचायत चौरा तक नदी के उद्गम क्षेत्रों का सर्वे किया गया। साथ ही मैदानी क्षेत्रों पर नदी किनारे बसे ग्राम पंचायतों में वृक्षारोपण हेतु लगभग 26 हेक्टेयर शासकीय भूमि का चिन्हांकन किया गया है। आई.आई.टी के टीम द्वारा ड्रोन से लिए गए कार्यों का विस्तृत विश्लेषण के लिए सहयोग, जिला स्तर से टीम बनाकर आई.आई.टी कानपुर भेजा गया और ड्रोन से लिए गए फोटो के आधार पर तकनीक का उपयोग करते हुए नदी का ग्राफिकल प्रोफाइल तैयार किया गया एवं इसी के आधार पर नदी के किनारों एवं नदी के मध्य कार्य लिए जाने के लिए सुझाव दिए गए। इस आधार पर जनपद पंचायत बोड़ला एवं जनपद पंचायत कवर्धा द्वारा ग्राम पंचायम में नदी गाद सफाई के लिए कार्य प्रस्तावित कर स्वीकृत किया गया है एवं जिर्णाेंद्वार के विभिन्न काम प्रस्तावित किए गए। ये काम मुख्य रूप से अधोसंरचनाओं का नवीनीकरण, मृत अधोसंरचना को हटाना, नदी किनारे तट्बंध सुरक्षा कार्य प्रस्तावित किए गए है। वर्तमान में 89 स्थल चिन्हांकित किए गए है जिसमें कुल 57 कार्य 5.37 करोड़ राशि के कार्य किया जाना है। श्रमदान  कार्य में  समाज के विभिन्न संगठन, प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। 

 

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