पत्रकारों के विरूद्ध फर्जी मामलों को लेकर फिर एकजुट हुए पत्रकार

०० प्रदेश भर के पत्रकार, पत्रकार सुरक्षा कानून तथा प्रेस की स्वतंत्रता की मांग को लेकर रायगढ़ में हुए एकत्रित

०० पत्रकार कमल शुक्ला व प्रदेशभर के पत्रकारों के खिलाफ दर्ज मामलों पर पत्रकारों ने जताया विरोध   

०० पत्रकारों के के खिलाफ फर्जी मुकदमे वापस लेने राज्यपाल के नाम एसपी को सौपा गया ज्ञापन

बिलासपुर। प्रदेश में पत्रकारों पर पुलिस के द्वारा लगातार फर्जी प्रकरण बनाए जा रहे है। हालहीं में प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार कमल शुक्ला पर राजस्थान के एक व्यक्ति की शिकायत पर कांकेर पुलिस थाने में धारा 124 ए (राजद्रोह) का मामला दर्ज हुआ। 3 मई को प्रेस स्वतंत्रता दिवस के दिन प्रदेश भर के पत्रकार, पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग तथा प्रेस की स्वतंत्रता की मांग को लेकर रायगढ़ में एकत्र हुए। उन्होंने शहर के मिनी स्टेडियम में लोकतंत्र के अंतर्गत प्राप्त अधिकार के तहत धरना आदोलन किया।

धरना कार्यक्रम में प्रदेश के सभी सक्रिय संगठनों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में शामिल सभी वक्ताओं ने एक सुर में पत्रकारों के ऊपर फर्जी तरीके से दायर किए गए मामलांे का उल्लेख किया और निर्वाचित सरकार से यह मांग की कि झुटे मुकदमें वापस लिए जाए। धरना स्थल पर हालहीं में वरिष्ठ पत्रकार कमल शूक्ला के खिलाफ दर्ज हुए मामले पर खुल कर चर्चा हुई। इस प्रकरण से प्रेस कौंसिल आॅफ इंडिया को अवगत कराया गया है। जिसने छत्तीसगढ़ सरकार से जवाब तलब किया। धरने में लोकतंत्र के मजबूत होने के लिए स्वतंत्र प्रेस आवश्यक है पर सब एक राय थे। कार्यक्रम में प्रदेश के सभी जिलों से पत्रकार शामिल हुए। शोसल मीडिया पर पिछले कुछ दिनो से बस्तर के पत्रकार कमल शुक्ला को फरार बताया जा रहा है। उन्होंने ने भी इस धरना प्रदर्शन में उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने कहा की जब कांकेर थाने में उनके विरूद्ध एफआईआर हुई वे तब भी फरार नही थे और आज भी फरार नही है। उन्होंने कहा की धारा 124 का मुकदमा एक कार्टुन से जुड़ा हुआ है। यह कार्टुन जज लोया की मौत के विषय पर है। कार्टुन में लोक तांत्रिक संस्थाओं को कैसे कमजोर किया जा रहा है। इसे रेखांकित किया गया है। कार्टुन में न्याय की देवी आखांे में पट्टी और हाथ में तराजु रखी महिला को नीचे गिरा दिखाया गया है। हाथों को वर्तमान तंत्र के जिम्मेदार राजनितज्ञों द्वारा पकड़ कर रखा गया है। सामने देश बाटने वाले विचार धारा के प्रमुख खड़े है। यह कार्टुन देश की न्यायपालिका की स्थिति तथा देश की स्थिति को बताता है। इसमें राष्ट्र द्रोह जैसी कौन सी चीज है। वक्ताओं ने राजधानी में पत्रकार व्यास मुनि द्ववेदी के साथ जो घटना खनिज विभाग अधिकारियों के साथ हुई उसे लेकर भी चिंता प्रकट की। धरने के बाद पत्रकार साथियांे ने महामहिम के नाम संबोधित एक ज्ञापन डीएम रायगढ़ को सौंपा तथा न्याय न मिलने तक संर्घष की बात कही।

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