नक्सल नियंत्रण का सरकारी दावा खोखला साबित: कांग्रेस 

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मो. असलम ने गरियाबंद में नक्सलियों के द्वारा किये गये ब्लास्ट में दो जवानों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुये कहा है कि कब तक हमारे जवान सरकार की अकर्मण्यता के कारण अपनी जान गंवाते रहेंगे। यह दुर्भाग्यजनक है कि राजधानी से महज 150 किमी दूर गरियाबंद जिले के आमामोरा में नक्सलवादियों द्वारा आईइडी ब्लास्ट करने से 2 शहीद हो गये, इन जवानों का शहीद होना इस बात का सबूत है कि गरियाबंद जिले में माओवादियों की सक्रियता बढ़ी है। इस घटना ने सरकार के नक्सल आपरेशन और खुफिया तंत्र की विफलता की पोल खोल कर रख दी है। सरकार द्वारा बार-बार नक्सल आपरेशन को आखिरी अंजाम तक ले जाने का दावा किया जाता है, पर हकीकत यह है कि प्रदेश अभी भी नक्सल आंतक से जुझ रहा है। रोज जवानो और आम आदमी की जान जा रही है। ग्रामीण और निर्दोष आदिवासी भी रोज कुर्बानी दे रहा है और दोनो ही ओर से वह पीड़ित है। 

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मो. असलम ने कहा है कि डेढ़ दशक से सरकार की ओर से बयान आता रहा है कि नक्सलियों के गढ़ में घूसकर सुरक्षा एजेंसियों द्वारा माओवादियों को ध्वस्त करने का प्लान है, पर जमीनी स्तर पर इस योजना को अमलीजामा नहीं पहुंचाया जा रहा है। सरकार द्वारा यह भी कहा गया था, कि नक्सलियों के “वार टेक्नीकल काउंटर आॅफेंसिव कैम्पेन” का पूरा जवाब भारत सरकार की सुरक्षा एजेंसी देगी। लेकिन कहीं भी कड़ा जवाब बिना जवानों की क्षति पहुंचे नही दी जा रही है। कांग्रेस के शासन काल में यह समस्या व्यापक नहीं थी। अब नक्सलवादियों का हौसला बढ़ा हुआ है। झीरम जैसे कांड में भी सरकार आज तक कोई खुलासा नहीं कर पायी है। सिवाय कोरी बयान बाजी के माओवादियों से निपटने में यह सरकार पूरी तरह से विफल साबित हुयी है।  

 

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