वाणिज्यकर विभाग का हाल बेहाल, 3 लाख 60 हजार मासिक किराया किन्तु जब्त वाहन खड़ा करने की नही जगह

०० वाणिज्यकर विभाग में समय-समय पर कर वसूली के लिए किया जाता है ट्रक परिवहन को चैक

०० ट्रकों को जांच के नाम पर रोक कर किया जाता है खड़ा, मगर पार्किंग के लिए नहीं है जगह

बिलासपुर। जिले के वाणिज्यकर कार्यालय की कथा निराली है। विभाग ने अपना पुराना कार्यालय जो की जिला न्यायालय के समीप स्थित था खाली कर दिया अब वे क्षेत्रिय बस स्टैंड में नए किराए के भवन में पहुंच गया है। सुत्र बताते है कि इस नए भवन का किराया तीन लाख साठ हजार रुपये माह है। नागरिकों के टैक्स की कमाई से प्रति माह इतनी बड़ी धनराशि चुकाई जाएगी किन्तु इस भवन में विभाग के कार्यकलाप के मुताबिक पार्किंग सुविधा नही है।

वाणिज्यकर विभाग में समय-समय पर कर की वसूली के लिए ट्रक परिवहन को चैक किया जाता है और यह देखा जाता है कि जहां से माल आ रहा है और जा रहा है के कागजात पुरे हो तथा उन पर जीएसटी की सही दर लगाई गई है। विभाग और उसके अधिकृत अधिकारी समय-समय पर कहीं भी किसी भी वक्त ट्रक का निरीक्षण करते है। विभाग ने भले ही अपना पुराना कार्यालय छोड़ दिया हो किन्तु आज भी कुछ ट्रकों को जांच के नाम पर रोक कर यहीं खड़ा किया जाता है। विभाग की इस कार्यवाही से ऐसा लगता है कि अधिकारी अपने निरीक्षण में पारदर्शिता नही रखते। जब कभी भी किसी ट्रक को रोक कर उसे अपने आधिपत्य में लिया जाता है तो उसे अपने वासत्विक परिसर में न ले जाना ही संदेह पैदा करता है। यदि नए कार्यालय में जगह नही है तो जांच में लिए गए वाहन को किसी भी पास के पुलिस थाने में खड़ा किया जा सकता है। वर्तमान में बंद कार्यालय परिसर में जो ट्रक खड़ा है यदि उसमें कोई दुर्घटना हो जाए तो कौन जिम्मेदार होगा?? वाणिज्यकर कार्यालय के अतिरिक्त कोई अन्य व्यक्ति ट्रकों को रोक अवैध वसूली कर रहा है इस बात का संदेह इसलिए होता है कि पुराने कार्यालय में जिस ट्रक को दो दिन से रोक कर रखा गया है उसका ड्राईवर कार्यवाही करने वाले निरीक्षक का नाम पांडे बताता है, जबकि वाणिज्यकर कार्यालय में ओमकार यादव और श्रवण महतो को ही निरीक्षण का आदेश है। कार्यालय में जानकारी प्राप्त करने पर ज्ञात हुआ कि श्री यादव छुट्टी पर है और यह ट्रक श्रवण महतो ने निरीक्षण के लिए रोका है। ट्रक को पुराने भवन में क्यों रखा गया इस प्रश्न पर उन्होंने कहा की नए भवन में ट्रक खड़ा करने की सुविधा नही है। यह बात समझ के परे है कि सरकार ने वाणिज्यकर विभाग के लिए तीन लाख साठ हजार रुपये मासिक किराए पर ऐसा भवन क्यों लिया जहां पर जांच में लिए गए ट्रक को रखने की समूचित जगह नही है। इन प्रश्नों पर जब वाणिज्यकर के आयुक्त से पुछा गया तो उन्होंने कहा की भवन पसंद करने का काम रायपुर से हुआ है और जिन दो निरीक्षकों को ट्रक जब्त करने का अधिकार है उनका चयन भी रायपुर से ही होता है। लिहाजा इन दोनो प्रश्नों पर में कोई जवाब नही दे सकता।

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