पैसे के लिए ईमान छोड़ रहे सरपंच, रेत की कमाई के लिए कुछ भी करने तैयार

०० नदी में सड़क बनाकर आवागमन करने पर किया जा रहा है टैक्स की वसूली

०० बिना शिकायत एसडीएम तथा खनिज अधिकारी नहीं करते कार्यवाही

बिलासपुर। एक तरफ छत्तीसगढ़ का सरपंच संघ सरपंचों के अधिकार के लिए लड़ रहा है और मांगे पुरी न होने पर 16 मई को अपने सील सिक्के सरकार को वापस करने का सोच रहा है, दूसरी तरफ मस्तुरी ब्लाॅक के अमलडीह गांव का सरपंच चंद रुपयों की खतिर अपना ईमान बेच रहा है। आम जनता जिस नदी को अपने जीवन की लाइन मानती है। उस नदी की रेत को अवैध तरीके से सरपंच बेच रहा है और सरपंच ने अपने दम पर नदी में ही रोड बनाने के बाद उस रोड से आवागमन करने पर टैक्स भी वसूली कर रहा है। अवैध काम को पुरी तरीके से कागजी स्वरूप किया गया है। ताकी डकैती की कमाई में जिन लोगो को हिस्सा देना उनके बीच कभी भी कोई विवाद न हो।

बिलासपुर जिले की मस्तुरी स्थिति अमलडीह से बलौदाबाजार का ग्राम कोयदा जुड़ा हुआ है। दोनो गांव के बीच शिवनाथ नदी पार करनी पड़ती है। इस ओर अमलडीह का सरपंच और दूसरी ओर कोयदा का सरंपच रेत के दो तस्कर अवैध कमाई के लिए आपस में एक हो गए है। नदी पर अवैध रूप से बनाए गए मार्ग का जो लोग सामान्य तौर पर उपयोग करना चाहते है उनसे भी पैसा वसूल किया जाता है। दोनो सरपंचों ने अपनी अवैध कमाई को व्यवस्थित करने के लिए तीन रंग की रसीद छपवा ली है। जिससे उनके बीच कमाई का बाटवारा आसानी से हो जाता है। बिलासपुर जिला खनिज कार्यालय तथा एसडीएम मस्तुरी को इन सब मामलों में शिकायत का इंतजार होता है। जब तक कोई व्यक्ति दोनो गांव के सरपंचों से व्यक्तिगत दुश्मनी लिए बिना शिकायत नही करेगा। एसडीएम तथा खनिज अधिकारी कार्यवाही क्यों करेंगे ??

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