भदौरा तालाब पर प्रतिबन्ध के बावजूद हो रहा था पटाई, प्रशिक्षु आईएएस ने की तत्काल कार्यवाही

०० प्रशिक्षु आईएएस के आदेश पर एसडीएम ने की तत्काल छापेमार कार्यवाही, मौके से जेसीबी मशीन जप्त

०० छापेमार कार्यवाही से पूर्व ही मामले से जुड़े लोग व हाईवा वाहन हुए फरार, बिना नम्बर की मिली जेसीबी  

बिलासपुर| मस्तुरी जनपद के ग्राम भदौरा सड़क मार्ग से लगे हुए तीन तालाबो के पास से ही फोरलेन निकलने के बाद इन तालाबों को पाटने का काम शुरू हो गया है, यह पुरा खेल बेहद गोपनीय रूप से किया जा रहा था जिसके बाद इस मामले को संज्ञान में लेते हुए प्रशिक्षु आईएएस विनय लन्गहे द्वारा उक्त कार्य पर प्रतिबन्ध लगाया था मगर ग्राम भदौरा के ग्रामीणों ने पुनः तालाब को मिट्टी से भरे जाने की शिकायत की जिसके बाद इस मामले को लेकर प्रशिक्षु आईएएस विनय लन्गहे को जानकारी दी गयी| मिली जानकारी को संज्ञान लेते हुए आईएएस विनय लन्गहे ने मस्तुरी एसडीएम को तत्काल कार्यवाही के लिए निर्देशित किया जिसके बाद एसडीएम की टीम ने छापामार कार्यवाही की जिसके बाद उक्त स्थान से कई हाईवा ट्रक टीम को देखते ही फरार हो गये, एक जेसीबी मशीन को जप्त किया गया है| मामले में एसडीएम द्वारा कार्यवाही की जा रही है|

जनपद पंचायत मस्तुरी के ग्राम भदौरा जो प्रदेश भर में  सरकारी जमीन बेचने के मामले में विख्यात हैं, जहा फिर से सड़क मार्ग से लगे हुए तीन तालाबो पर अवैध कब्ज़ा कर दुबारा भदौरा जमीन घोटाला करने का षड़यंत्र किया जा रहा था| ग्राम के इसी तीन तालाब के पास से ही फोरलेन निकलने के बाद इन तालाबों को पाटने का काम शुरू हो गया है, यह पुरा खेल बेहद गोपनीय रूप से किया जा रहा है। इस तालाब को पाटकर जमीन का बंदरबांट करने भदौरा जमीन घोटाले से जुड़े भूमाफिया, जमीन दलाल, पटवारी सहित ग्राम पंचायत के सरपंच-उपसरपंच द्वारा षड्यंत्र के तहत तालाब की जमीन को फ्लाईऐश से दबाकर वृक्षारोपण की तैयारी की जा रही है जबकि सभी को ज्ञात है कि फ्लाईऐश की मिटटी से कभी भी वृक्षारोपण संभव ही नहीं है ऐसे में इस बेशकीमती जमीन का बंदरबांट की आशंका प्रबल होती नज़र आ रही है| जनपद पंचायत मस्तुरी के ग्राम भदौरा में वर्ष 2005 में इन्हीं तालाबों को मनरेगा की फंड से गहरीकरण किया गया था और नीति के तहत इस काम में किसी मशीन का उपयोग नही हुआ। सड़क से लगे हुए एक नही तीन तालाब तीनो शासकीय खाते में दर्ज है तथा मिसल में भी इन्हें तालाब ही कहा गया है। एक तालाब में तो 2017 में भी शासकीय मद से गहरी करण का काम हुआ था। अभी कुछ दिन पूर्व लोगो को ज्ञात हुआ की यहां से फोरलेन निकलेगा। उसी के बाद कुछ लोगो ने पंचायत से मिली भगत कर इन तालाबों में मिट्टी पटाई के साथ वृक्षा रोपण की योजना बना डाली। तमाम औपचारिक्ता को दरकिनारा कर बिलासपुर की एक ठेकेदार को तालाब में मिट्टी भी नही फलाईऐश डालने का ठेका भी दे दिया गया है। कुछ ग्रामीणों को आशंका है कि पाटने के पीछे एक भू-माफिया का हाथ है। जब सब जानते है कि तालाब का मद परिवर्तन नही किया जा सकता तो तालाब के अंदर तरफ वृक्षा रोपण के लिए पटाव का काम क्यों किया जा रहा है। पहले शासन ने मनरेगा के मद से तालाबों को गहरा किया और अब फलाईएश जैसी वेस्ट मटेरियल से उसे पाट रहे है। इस गोरख काम को वृक्षा रोपण के लिए बताया जा रहा है। प्रथम दृष्टियां यह पुरा मामला गड़बड़ नजर आता है। ग्रामीण आशंका व्यक्त करते है कि निश्चित रूप से तालाब के खसरे में छेड़खानी की गई है, बिना छेड़खनी के तालाब में मिट्टी पटवाने का काम कोई नही करता।

छापे में मिली बिना नम्बर की जेसीबी को लेकर है कई आशंकाए:- प्रशिक्षु आईएएस विनय लन्गहे द्वारा  मस्तुरी एसडीएम को तत्काल कार्यवाही के लिए निर्देशित किये जाने के बाद एसडीएम की टीम ने भदौरा में छापामार कार्यवाही की जिसके बाद उक्त स्थान से कई हाईवा ट्रक टीम को देखते ही फरार हो गये, मौके से एक जेसीबी मशीन को जप्त किया गया है, जो बिना नम्बर की मिली है| इस जेसीबी मशीन को लेकर तरह तरह की आशंकाए व्यक्त की जा रही है कि कही ये जेसीबी मशीन चोरी की तो नहीं है जो इस वैध कार्य के लिए उपयोग में लायी जा रही थी| उक्त आशंका की पुष्टि इस मामले की जांच के बाद ही हो पाएगी|

प्रशिक्षु आईएएस विनय लन्गहे की कार्यवाही को लेकर ग्रामीणों में है हर्ष :- भदौरा के तालाब को पाटकर बेश्मिति जमीन पर कब्जे के खिलाफ प्रशिक्षु आईएएस विनय लन्गहे की ताबड़तोड़ कार्यवाही को लेकर ग्रामीणों में हर्ष व्यक्त किया है| ग्रामीणों द्वारा इस जमीन पर कब्ज़ा किये जाने को लेकर कई बार शिकायत की थी मगर कब्जे के खिलाफ कार्यवाही नहीं होने से मायूस थे मगर आज की गयी कार्यवाही के बाद ग्रामीणों में हर्ष का माहौल देखा जा रहा है साथ ही ग्रामीणों ने प्रशिक्षु आईएएस विनय लन्गहे की कार्यवाही पर हर्ष भी प्रकट किया है|

सरपंच-उपसरपंच के खिलाफ है ग्रामीणों में आक्रोश :- ग्राम पंचायत भदौरा के सरपंच-उपसरपंच द्वारा भूमाफियाओ के साथ मिलीभगत कर षड्यंत्र के तहत तालाब की जमीन को फ्लाईऐश से दबाकर वृक्षारोपण की तैयारी की जा रही थी जबकि सभी को ज्ञात है कि फ्लाईऐश की मिटटी से कभी भी वृक्षारोपण संभव ही नहीं है ऐसे में इस बेशकीमती जमीन का बंदरबांट की आशंका ग्रामीणों द्वारा व्यक्त की जा रही थी साथ ही सरपंच-उपसरपंच की इस कारगुजारी को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्यापत है|

 

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