छत्तीसगढ़ में सरकार के संरक्षण में फल-फूल रहा है नशे का कारोबार : कांग्रेस

०० नशे के अवैध कारोबार में पुलिस लगाम कसने में नाकाम

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मो. असलम ने कहा है कि सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति की कमी से छत्तीसगढ़ में नशे का कारोबार उत्तरोतर वृद्धि की ओर अग्रसर है। यही कारण है कि देश की युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में समाते चले जा रही है और कारोबारी इसका लाभ उठा रहे है। सरकार संकल्पित हो जाये तो नशे के कारोबार की रोकथाम हो सकती है, पर जब वह खुद ही शराब के कारोबार में लिप्त है तो भला अन्य नशे के कारोबार को रोक पाने का उनमें नैतिक साहस कैसे आयेगा? राजधानी रायपुर सहित बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, कोरबा, चिरमिरी, कोरिया, सूरजपुर, रायगढ़ में नशीली सामाग्रियों की तस्करी जोरों पर है। किन्तु इसकी कड़ाई से रोकथाम एवं धरपकड़ नहीं हो रही है।

मो. असलम ने कहा है कि स्लम एरिया के बच्चे टायर सूंघ रहे है, सिलोशन, बोनफिक्स, कोरेक्स, आयोडेक्स सहित अन्य प्रतिबंधित औषधि का इस्तेमाल कर रहे है, पर कोई जागरूकता नहीं लायी जा रही है। न तो स्वयंसेवी संस्थाएं सक्रिय है, न सरकार इस दिशा में कोई ठोस कार्य कर रही है और न ही पुलिस इस अवैध कारोबार में लगाम लगा रही है। ऐसा नहीं है कि क्राइम ब्रांच नशे के हथकंडों से वाकिफ नहीं रहता है, सब कुछ होते हुये भी इसे बढ़ावा मिल रहा है। गांजे के मामले में तो छत्तीसगढ़ पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि छत्तीसगढ़ का इस्तेमाल तस्कर गांजे को देश भर में भेजने के लिये परिवहन मार्ग के तौर पर किया जाता है। पर अन्य नशीली सामाग्री इस राज्य में कहां से आ रही है? और छत्तीसगढ़ की युवा पीढ़ी को अफीम, स्मैक, ब्राउन-शुगर आदि नशीला पदार्थ कहां से मिल रहा है? इसे रोक पाने में सरकार को क्यों सफलता नहीं मिल रही है? फिर मेडिकल स्टोर्स भी प्रतिबंधित औषधि बेचने में कैसे सफल होते जा रहे है, इन्हें कौन रोकेगा? प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता मो. असलम ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में धूम्रपान और शराब का नशा तो बढ़ा ही है, पर अब नशे के लिये सीधे नसों (खून) में जहर घोलने का काम अपनी चरम पर है। युवा वर्ग, ग्रामीण एवं बच्चे भी इसकी चपेट में है। यह सामाजिक बुराई के साथ-साथ राजकीय बुराई के तौर पर उभर रही है। नशे के कारोबारियों का बड़ा गिरोह राज्य में सक्रिय है फलस्वरूप सरकार एवं पुलिस के ढुलमुल रवैये एवं संरक्षण में यह कारोबार फल-फूल रहा है। अब छात्रावासों में रहने वाले संभ्रात घरो के बच्चे भी इस दल-दल में फंसते चले जा रहे है। कांग्रेस ने सरकार पर नशे के कारोबार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है और सरकार की विफलता पर निराशा व्यक्त की है।

 

 

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