कबीरधाम क्राइम ब्रांच ने डेरा प्रमुख की 40 पेटी शराब पकड़कर उनकी मंशा मारी

 

(रवि ग्वाल) कवर्धा – रविवार को मध्यप्रदेश से शराब सप्लायर 2 युवकों को कबीरधाम क्राइम ब्रांच ने 40 पेटी इंग्लिश शराब के साथ एक स्कोर्पियो वाहन एम.पी. 34 सी.ए.0141 जप्त किया साथ ही इस शराब की रकम 1 लाख 38 हजार कुछ रुपये आंकी गई है तस्करी करने वाले दो आरोपी में एक उत्तप्रदेश से इन्द्रराज यादव और मध्यप्रदेश से मनोज यादव नामक तस्करों को गिरफ्तार किया गया है । साथ ही कबीरधाम क्राइम ब्रांच ने यह तो नही बताया कि यह शराब जिले में किनको सप्लाई किया जा रहा था मगर क्राइम ब्रांच का यह भी कहना है कि यह शराब किसी के आर्डर पर कबीरधाम लाया गया था क्योंकि इतने मात्रा में शराब बाहर से अगर आता है तो इसका साफ मतलब होता है कि यह शराब आर्डर से मंगवाया जाता है क्योंकि पहले भी हमने ऐसे मामले देखे और शराब पकड़ें है ।

मगर सोचने वाला विषय यह हो गया कि जिले में इतने मात्रा में शराब कौन आर्डर कर सकता है क्योंकि अब तो शराब की खरीदी बिक्री राज्य सरकार के हाथों पर और जिले के आबकारी विभाग पर है और ऐसा भी नही हो सकता कि शराब को दूसरे सामाग्री के तुलना में रख कर तस्कर गाँव गाँव घूमकर बेच सके खैर ये तो कबीरधाम पुलिस के जाँच के बाद ही मालूम चलेगा की आखिर यह शराब किनके लिए आया था किसने आर्डर किया था ।

और अगर जिले में शराब और आबकारी विभाग की बात करें तो पहले जो इंग्लिश ब्रांड शराब प्रेमियों को जैसे RS, NO.1, B.P. , IB, मिलता था वह अब जिला कबीरधाम में बिल्कुल नही मिलता इसके पीछे कारण क्या है यह तो नही मालूम मगर उस ब्रांड के एवज में नए ब्रांड के इंग्लिश शराब कबीरधाम आबकारी विभाग के पास उपलब्ध जरूर है या ऐसा भी हो सकता है कि यह ब्रांड कंपनियां बंद हो चुका हो कबीरधाम आबकारी के नजरों में और कमाई तो अच्छे से चल रहा है आबकारी विभाग का नए नए इंग्लिश की ब्रांड जो बेच रहे है पर उसमे भी लोचा है जो समझ से परे है शराब की कंपनी रेट 120 रुपये ही बतायेगा मगर आबकारी उसे बेचेगा 150,160,170,ऐसे अलग अलग रुपये में मगर बेचने वालों के जुबान में अधिक राशि लेने की बात पर उत्तर बखूबी जमा जमाया रखा है कि कुछ दिनों से बढ़ गया है और यही बोलकर लूट की प्रक्रिया निरंतर जिला आबकारी अधिकारी महाशय के निगाहों और निर्देशों से चल रहा है और कमाई जोरो पर है और एक बात ऊपर से और परेशान कर रहा है अगर कवर्धा में शराब प्रेमियों को देशी शराब सरकारी दुकानों में नही मिल रहा मगर सिटी के अंदर ब्लैक में 50 रुपये का देशी पौआ 100 रुपये में बिल्कुल मिल जायेगा अब यह मामला साजिश हो या आबकारी विभाग की नाकामी या चाहे कहाँ जाए देखरेख में मगर हो तो यही रहा है । और कबीरधाम आबकारी विभाग तो ऐसा है कि इस विभाग के नजरों में प्रेस की कोई अहमियत ही नही दिखाई पड़ता क्योंकि रोजाना सबसे ज्यादा कमाई वाले विभाग में जब कभी भी शराब और राशि की उतार चढ़ाव होता है या कोई और मुद्दा हो नातो प्रेस को सूचना देना जरूरी समझा जाता है और नाही कभी प्रेस कॉन्फ्रेंस लिया जाना जरूरी समझा जाता है बस एक ही सोच है अपनी ही हुकूमत चलता रहे ।

मगर तस्करी के पीछे कुछ तो बात है जो सामने नही आया है या नही लाया जाना चाहता क्योंकि जिस तरीके से जिले में शराब बिना रोक टोक के अधिक से अधिक दामों में बेचा जा रहा है उससे यह तो साफ हो रहा है ना उंगली उठाने वाले स्थान पर ही शराब तस्करी किया जा रहा था क्योंकि बिना टेंशन के अगर 1 लाख लगाकर उसमें डबल लाख बना लिया जाए तो क्या बुरा है और खेल तो यही होने वाला था मगर कबीरधाम क्राइम ब्रांच ने ऐसे कमाई करने वाले डेरा प्रमुख का शराब ही जप्त कर लिया खैर ऐसे काम करने वाले डेरा प्रमुख को इतनी छोटी सी रकम के लिए दिक्कत तो नही हो रहा होगा क्योंकि ऐसे ही काम और आर्डर तो कइयों बार दे चुका होगा शराब अधिक राशि मे बेच चुका होगा ।

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