अजीत जोगी की खिलाफत करने वाले भार्गव उन्ही की पार्टी मे रहकर कर रहे है टिकट की उम्मीद

०० राजमहंत राजेश्वर भार्गवदिवानचंद सोनवानीदशेराम खांडे और भारत सिंह खांडेकर ने 25 अक्टूबर 2013 को संयुक्त पत्रकारवार्ता लेकर कोसा था अजीत जोगी को

०० राजेश्वर भार्गव को जनता कांग्रेस मस्तुरी में मिली बड़ी जिम्मेदारीस्वयं को बताते है टिकट का दावेदार

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के सुप्रीमो अजीत जोगी ने अपना जन्मदिन बड़े ही अनोखे अंदाज में मनाया, पुरे प्रदेश से उनके समर्थक उनके राजधानी के साईंस कालेज ग्राउंड में एकत्र हुए है। सब जोगी के मिशन 72 को पुरा करने लगे है, इनमें कई कार्यकर्ता ऐसे भी है जो वर्ष 2013 में टिकट न मिलने पर रूष्ट होकर जोगी के विरूद्ध न केवल पत्रकारवार्ता कर रहे थे बल्कि उन्हें झुंठा, कपटी, धोखेबाज, फर्जी आदिवासी जैसी उपमाओं से नवाजते थे।

छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस ने बिलासपुर जिले की मस्तुरी विधानसभा क्षेत्र में अत्यधिक मेहनत कर पार्टी को मजबूत किया, किन्तु इनमें जोगी के कुछ ऐसे भी चाहने वाले है जिन्होंने पूर्व में उन्हें टिकट न मिलने पर खूब कोसा। 25 अक्टूबर 2013 को राजमहंत राजेश्वर भार्गव, दिवानचंद सोनवानी, दशेराम खांडे और भारत सिंह खांडेकर ने बिलासपुर प्रेस क्लब में एक संयुक्त पत्रकार वार्ता की थी। पत्रकार वार्ता में उन्होंने तब यह कहा था कि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी कांग्रेस हाईकमान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को गुमराह कर नए, कमजोर और आस्तित्वहीन लोगो को टिकट दिलवाकर भाजपा को फायदा पहुंचा रहे है। राजेश्वर भार्गव ने तब यह भी आरोप लगाए थे कि अजीत जोगी राजमहंतो, धर्मगुरूओं के टिकट को कटवा रहे है। उन्होंने यह भी कहा था कि जोगी परिवार वाद को बढ़ावा देकर अपना हित साध रहे है। उन्होंने अपने स्वार्थ के खातिर सतनामी समाज को चौराहे पर लाकर खड़ा कर दिया है। समाज अब जोगी की करतुत बर्दाश्त नही करेगा। उन्होंने तब यह भी कहा था कि समाज कोटा विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशी रेणु जोगी के विरूद्ध उम्मीदवार उतारेगा। राजमंहत यही नही रूके उन्होंने कहा की मरवाही से अमित जोगी के विरूद्ध भी प्रत्याशी उतारने का मन है किन्तु यह इसिलिए नही हो पा रहा क्योंकि मरवाही में समाज के मतदाताओं की संख्या प्रभावी नही है। आज छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस वरिष्ठ कार्यकर्ताओं में राजेश्वर भार्गव की गिनती होती है उनको मस्तुरी में न केवल एहम जिम्मेदारी मिली हुई बल्कि वे स्वयं को टिकट का दावेदार भी बताते है। इन दिनो चाहे क्षेत्र में सदस्यता की बात हो अथवा आंदोलनों की राजेश्वर भार्गव इन सब के लिए आर्थिक संसाधन भी जुटाते है। छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस को उन लोगो से उतना खतरा नही है जो पार्टी छोड़कर चले जाते है। पार्टी को भार्गव जैसे लोगो से ज्यादा खतरा है जो अपने मन जोगी के विरूद्ध बरसों से जहर बसा कर रखे और बाहरी रूप से उनके जयकारा के नारे लगाते है।

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