तेंदुआ स्कूल के शिक्षक शिक्षिकाओं सहित प्रधान पाठक पर छात्र-छात्राओं ने लगाया गया था गंभीर आरोप, जांच में बरती  जा रही कोताही

०० विकास खंड शिक्षा अधिकारी प्रतिभा मंडलोई द्वारा जांच के उपरांत कार्यवाही करने की बात कहीं गई

०० पूरे प्रकरण की जांच एबीओ द्वारा करने के बाद भी  पुनः जांच के लिए धूमा हाईस्कूल के प्राचार्य को बनाया गया जांच अधिकारी

संजय बंजारे

करगी रोड कोटा। विगत 3 दिन पहले तेंदुआ सरकारी स्कूल मैं पढ़ने वाली मिडिल स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा 18 किलोमीटर अपने गांव तेंदुआ से रास्ता तय करके मिडिल स्कूल के शिक्षक शिक्षिकाओं और प्रधान पाठक के मनमाने रवैए से त्रस्त होकर विकास खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय पहुंच कर शिकायत पत्र प्रेषित किया था शिकायत पत्र में मिडिल स्कूल के छात्र छात्राओं द्वारा स्कूल के शिक्षक शिक्षिकाओं सहित प्रधान पाठक के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे अपनी शिकायत में छात्र-छात्राओं ने स्कूल की साफ सफाई झाड़ू पोछा जूठे बर्तन साफ करवाने टॉयलेट साफ करवाने वह हाथ पैर दबाने जैसे कामों की शिकायत विकास खंड शिक्षा अधिकारी से की थी साथ ही शिक्षा अधिकारी को अल्टीमेटम तक दे डाला था कि अगर इन शिक्षक शिक्षिकाओं सहित प्रधान पाठक का अगर तबादला नहीं किया जाता तो समस्त छात्र छात्राओं सहित छात्र छात्राओं के माता-पिता वह तेंदुआ के ग्रामीण जनप्रतिनिधि आंदोलन की राह पकड़ेंगे चक्काजाम तक करने की बात कहीं गई थी।
इस पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए विकास खंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती प्रतिभा मंडलोई द्वारा जांच के लिए एबीओ असगर खान को नियुक्त किया गया था,जो कि जांच करने तेंदुआ मिडिल स्कूल पहुंचे वहां पर छात्र-छात्राओं उपस्थित जनप्रतिनिधि ग्रामीणों सहित शिक्षक और शिक्षिकाओं व प्रधान पाठक का बयान दर्ज कर वापस शिक्षा विभाग के कार्यालय पहुंच कर विकास खंड शिक्षा अधिकारी को सौंपा,जांच के उपरांत तेंदुआ मिडिल स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं प्रधान पाठक पर कार्यवाही करने के सवाल पर विकास खंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती प्रतिभा मंडलोई के द्वारा बताया गया कि जांच के लिए धूमा हाई स्कूल के प्राचार्य को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है,आगे जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्यवाही करने की बात विकास खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा कहीं गई, एक बात समझ से परे रही कि जब एबीओ द्वारा जांच कर ली गई है जांच कर प्रतिवेदन विकास खंड शिक्षा अधिकारी को सौंप दी गई है ,जांच रिपोर्ट में प्रधानपाठक शिक्षक शिक्षिकाओं के खिलाफ जो आरोप लगे थे उसमे कहीं ना कहीं सत्यता थी उसके बाद भी पुनः फिर से धूमा हाई स्कूल के प्राचार्य को जांच अधिकारी बनाना संदेह को जन्म देता है, क्या शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा तेंदुआ स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित प्रधान पाठक को बचाने की कोशिश की जा रही है, उन पर कार्यवाही करने के बजाए पुनः फिर जांच करने की बात को लेकर मामला आगे और बढ़ाया जा रहा है, ताकि मामला आगे चलकर ठंडे बस्ते में चले जाए और प्रेम व्यवहार निभाते हुए मामला वहीं के वहीं सेट हो जाए, इससे पहले भी नवोदय परीक्षा में लगभग 200 बच्चों के परीक्षा देने के विषय पर छात्र-छात्राओं सहित उनके बालकों द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया था जिसके बाद विकासखंड कार्यालय के ही कर्मचारी के ऊपर करवाई करने की बात कही गई थी विकास खंड शिक्षाधिकारी व जिला शिक्षाधिकारी द्वारा गलतियां बड़े अधिकारियों द्वारा की गई और भुगतान निचले कर्मचारियों को करना पड़ा गलती किसी और की बलि का बकरा बना कोई और, फिलहाल उस प्रकरण की भी जांच जारी है, हो सकता है,2019 के नवोदय परीक्षा होने तक जांच पूरी हो जाए।मीडिया द्वारा पूरे मामले की जानकारी लेने के लिए तेंदुआ स्कूल में जाकर वहां के शिक्षक विक्रम सिंह ठाकुर, शिक्षिका मंदाकिनी मोहल्ले, कांता कोरस, सहित प्रधान पाठक टी सी साहू से भी बात की गई मिडिल स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा जो आरोप लगाए गए थे, उस बारे में बात करने पर प्रधान पाठक द्वारा शिक्षक-शिक्षिकाओं का बचाव करते नजर आए स्कूल में उपस्थित छात्र-छात्राओं के पालक गण और उपस्थित ग्रामीणों द्वारा स्कूल के शिक्षक और शिक्षिकाओं पर गंभीर आरोप लगाए गए छात्र-छात्राओं के पालको का कहना था,की स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है,पढ़ाई के अलावा वह सभी काम हमारे बच्चों के साथ करवाया जाता है, जो कि एक चपरासी भी नहीं करता स्कूल की शिक्षिका मंदाकिनी कोसले, पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए पालक गणों का और छात्र-छात्राओं का कहना था की प्रधान पाठक से भी ज्यादा पावर कोसले मैडम का रहता है,प्रधान पाठक द्वारा भी अपने शिक्षक और शिक्षिकाओं पर लगे आरोप के सवालों पर बचते नजर आए आखरी में जब कोई जवाब नहीं सूझा तो तेंदुआ ग्राम पंचायत के सरपंच पति को बुलाकर जवाब देने की बात कहने लगे एक प्रधान पाठक को को यह भी नहीं पता था कि जिस सरपंच पति को कुर्सी में बैठा कर जवाब देने के लिए बोला जा रहा था, वह शराब के नशे में था उन्हें यह भी नहीं पता था,कि जवाब मीडिया को देना है ,और जो जवाब दे रहा था वह सरपंच पति शराब सेवन किए हुए था, अपने बचाव के पक्ष में सरपंच पति को उपस्थित छात्र-छात्राओं सहित ग्रामीण पालकगण के सामने उसी हालत में जवाब देने प्रधान पाठक टी सी साहू ने सरपंच पति को बोला और शराब के नशे में मस्त सरपंच पति भी शिक्षक शिक्षिकाओं और प्रधान पाठक के बचाव मुद्रा में दिखाई पढ़ रहा था।तेंदुआ स्कूल के प्रधान पाठक सहित वहां पढ़ाने वाले शिक्षक शिक्षकों के खिलाफ और भी कई बातों का पता चला वहां उपस्थित पालक गण और ग्रामीण द्वारा यह भी बताया गया की बच्चों को खिलाने वाले मध्यान्ह भोजन में भी गड़बड़ी की जाती है, 25 किलो की जगह 15 किलो मध्यान्ह भोजन बनाया जाता है,15 किलो का मध्यान्ह भोजन कम पड़ जाने के बाद पुनः फिर से नहीं बनाया जाता, जिसे कई बार बच्चों को खाना नहीं मिल पाता, अगर शासन से 25 किलो मध्यान्ह भोजन देने का है तो 15 किलो मध्यान्ह भोजन बनाकर लगभग महीने में 300 किलो चावल बचाया जाता है, और उस चावल की अफरा-तफरी की जाती है ,उसके अलावा प्रधान पाठक टी सी साहू जो कि तेंदुआ मिडिल स्कूल में 2008 से पदस्थ हैं, शिक्षक-शिक्षिकाएं भी लगभग समकक्ष पदस्थ हैं,और वर्तमान तारीख तक पदस्थ हैं ,इनका एक ही जगह इतने सालों से इसी स्कूल में रहना इनका दूसरे स्कूलों में स्थांतरण ना होना यह भी संदेह को जन्म देता है,क्या यहां भी सेटिंग करके मामले को जा रहा है ,क्या इसके बारे में विकास खंड शिक्षा अधिकारी या जिला शिक्षा अधिकारी को अंधेरे में रखा जा रहा है, या फिर अधिकारियों को जानकारी होने के बावजूद भी इस तरह का खेल शिक्षा विभाग में खेला जा रहा है, साल में एक शिक्षक को 11 छुट्टी लेने का अधिकार है ,ऐसा स्कूल के प्रधान पाठक द्वारा बताया गया जबकि उपस्थिति रजिस्टर चेक करने पर शिक्षक विक्रम सिंह ठाकुर का 32 सीएल लेने का रिकॉर्ड रजिस्टर में मौजूद था, प्रधानपाठक टीसी साहू से पूछने पर बताया गया की 2018-19 में इस छुट्टी को एडजस्ट कर दिया जाएगा यह एक प्रधान पाठक द्वारा बोला जा रहा है ,मतलब शिक्षक-शिक्षिकाओं को खुली छूट दी जा रही है ,कि आप मनमाने तरीके से छुट्टी मारिए मैं तो हूं ना प्रधान पाठक का आत्मविश्वास भी देखिए इतनी सारी घटना होने के बावजूद भी उनको ऐसा लग रहा है,2018-19 के सत्र में भी यह सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं तेंदुआ मिडिल स्कूल में ही रहेंगे उनकी बातों से ऐसा लग रहा है, की पटकथा लिखी जा चुकी है, जांच केवल और केवल औपचारिकता है, कुछ दिन जांच चलेगी कुछ दिनों बाद लोग भूल जाएंगे, पर ऐसा नहीं लोग भूल जाएंगे देश का चौथा स्तंभ होने के नाते मीडिया की नजर तेंदुआ स्कूल के पूरे प्रकरण पर रहेगी।

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