शपथपत्र में जानकारी छुपाना भाजपा पार्षद आकाश दुबे को पड़ा भारी, संभागायुक्त ने अपने कोर्ट में किया तलब

०० तत्कालीन कांग्रेस पार्षद प्रत्याशी विकास तिवारी ने की संभागयुक्त कोर्ट में निर्वाचन निरस्त की मांग

रायपुर| राजधानी रायपुर के दक्षिण विधानसभा के ब्राह्मण पारा वार्ड क्रमांक 58 के भाजपा पार्षद आकाश दुबे द्वारा वर्ष 2013-14 के नगरी निकाय चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के रूप में स्थानीय जिला निर्वाचन,जिलाधीश कोर्ट में नामांकन दाखिल किए गए शपथ पत्र के कॉलम क्रमांक 4 में जिसमें कि अभ्यार्थी को अपने अपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी देनी होती है “प्रकरण विचाराधीन” लिखकर अपनी आपराधिक पृष्ठभूमि को छिपाया गया आवेदनकर्ता एवं तत्कालीन कांग्रेस प्रत्याशी विकास तिवारी ने बताया कि उनके द्वारा भाजपा पार्षद आकाश दुबे के गलत निर्वाचन को संभागायुक्त कोर्ट में चुनौती दी गई है उन्होंने बताया कि माननीय हाईकोर्ट के प्राप्त निर्देशों के अनुसार अभ्यार्थी द्वारा शपथ पत्र में कोई भी जानकारी को छुपाना एक अपराध है कलम क्रमांक 4 में की गयी प्रविष्टि प्रकरण विचाराधीन न्याय संगत नहीं है कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि कालम विरुद्ध प्रविष्टि अभ्यर्थी द्वारा नहीं की जाएगी और जानकारी नहीं होने की दशा में “शून्य,लागू नहीं होता अथवा निरंक” शब्द का उल्लेख किया जाना है बावजूद इसके तत्कालीन जिलाधीश एवं स्थानीय निर्वाचन अधिकारियों के साथ सांठगांठ करके नियम विरुद्ध शपथ पत्र को मान्य करवाया गया विकास तिवारी ने बताया कि भाजपा के पार्षद आकाश दुबे द्वारा अपने ऊपर लगे गए आईपीसी की धारा 307 हत्या का प्रयास,436 सरकारी संपत्ति को नुकसान 323 मारपीट 506 जान से मारने का प्रयास एवं कई और अन्य संगीन धाराओं को निर्वाचन आयोग से छुपा दिया गया जिसमे 10 वर्ष से अधिक की सजा का प्रावधान  है।

आवेदनकर्ता विकास तिवारी ने बताया की संपत्ति की जानकारी देने वाले कॉलम में भी “पति/पत्नी” का नाम को लिखा नहीं गया है और कलम के नीचे में आभूषण वाहन एवं करोड़ों रुपए के जमीन जायदाद का उल्लेख किया गया है निर्वाचन आयोग  के नियमो के अनुसार किसी भी अभ्यर्थी को कोई भी कॉलम खाली नहीं छोड़ना होता है बावजूद इसके भारतीय जनता पार्टी के पार्षद आकाश दुबे ने ना केवल संपत्ति के कॉलम में नाम को छोड़ा है वरण इन संपत्ति के मालिक की आयकर विभाग द्वारा जारी किए गए पैन कार्ड का भी उल्लेख नहीं किया गया है जिससे कि इन संपत्ति का मालिक कौन है यह स्पष्ट नहीं हो रहा है।ब्राह्मण पारा के भाजपा पार्षद आकाश दुबे के नामांकन फार्म और शपथ पत्र में इतनी गंभीर त्रुटियां होने के बावजूद तत्कालीन जिलाधीश रायपुर,निर्वाचन आयोग और नगर निगम के अधिकारियों द्वारा सांठगांठ करके आकाश दुबे को भाजपा का अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया गया जो कि निर्वाचन नियमों के विपरीत है इसकी शिकायत तत्कालीन कांग्रेस के प्रत्याशी विकास तिवारी द्वारा राज्य निर्वाचन आयोग जिलाधीश रायपुर स्थान निर्वाचन आयोग निगमायुक्त को की गई थी चौंकाने वाले तथ्य उस समय आये जबकि रायपुर जिलाधीश द्वारा रायपुर पुलिस अधीक्षक को पत्र प्रेषित कर के विकास तिवारी द्वारा दिए गए धारा 307 से संबंधित दस्तावेजों को अवलोकन करवाया तो राजधानी रायपुर के अन्य थानों में भी भाजपा पार्षद आकाश दुबे पर गंभीर धाराओं के दर्ज प्रकरण पाए गये जो की विभिन्न न्यायालयों में लंबित है गत दिनों संभाग आयुक्त रायपुर द्वारा दक्षिण विधानसभा के ब्राह्मण पारा वार्ड के भाजपा पार्षद आकाश दुबे को नोटिस जारी कर के शिकायत संबंधित जवाब प्रस्तुत करने को आदेशित किया गया था कोर्ट में आकाश दुबे के वकील ने आगामी 22 मई की तिथि मांगी है आवेदक एवं कांग्रेस नेता विकास तिवारी ने कहा कि यह एक गंभीर अपराध है प्रशासन से सांठगांठ करके अपात्र व्यक्ति को लोकतंत्र के मंदिर में नगर निगम में बैठा दिया गया है आकाश दुबे का निर्वाचन शून्य करके उस पर 6 साल का प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है,कोरबा नगर निगम के तीन पार्षदों का भी निर्वाचन शून्य कोर्ट द्वारा जानकारी छुपाने के कारण किया गया है।

 

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