नीति आयोग सीईओ अमिताभ कांत ने भाजपा सरकार को आईना दिखाया : कांग्रेस

०० देश के सर्वाधिक पिछड़े जिलों में 11 छत्तीसगढ़ के भाजपा सरकार की अकर्मण्यता के नमूने

रायपुर। भाजपा नेताओं द्वारा नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत के द्वारा छत्तीसगढ़ के छद्म विकास के संदर्भ में कही गयी सच्चाई को नकारने की कोशिशों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि पहले तो विकास को लेकर कांग्रेस और भाजपा में छिड़ी बहस को विषय से भटकाने के लिये भाजपा नेताओं ने कभी विकास की चिड़िया की संज्ञा दी और कभी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल के चश्में का नंबर ठीक न होने की बात कहीं। छत्तीसगढ़ में विकास की चिड़िया को कुचलने दबाने और मारने में भाजपा के नेताओं ने चिड़ीमार की भूमिका अदा कर रहे है।

दरअसल भाजपा की छत्तीसगढ़ सरकार की यही विकास विरोधी भूमिका प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जांगला बीजापुर दौरे में उजागर हुयी है। नीति आयोग के सदस्यों के दौरे में छत्तीसगढ़ में बढ़ती गरीबी और सामाजिक सूचकांको की गिरावट उजागर हुयी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीजापुर जिले को दौरे के लिये मात्र इसीलिये चुना था क्योंकि बीजापुर देश के सर्वाधिक 121 पिछड़े जिलों में सबसे निचले पैदान पर था। देश में 121 जिले पिछड़े आंके गये जिनमें से 11 छत्तीसगढ़ से है। रमन सिंह सरकार के 15 वर्षो के शासन के बाद छत्तीसगढ़ के 27 में से 11 जिलों का नीति आयोग के मापदंडो के अनुसार पिछड़ा पाया जाना शर्मनाक स्थिति है। बस्तर के 7 जिलों के साथ-साथ धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाजार जैसे जिले भी पिछड़े जिलों में शामिल किये गये। छद्म विकास का दंभ भरने वाली भाजपा सरकार और खुद को नम्बर 1 बताने वाले उसके मुखिया रमन सिंह के लिये यह सूची आईना है। देश के पिछड़े राज्यों के निचले पैमाने पर खड़े बीजापुर सहित ये 11 जिले भाजपा सरकार की 15 वर्षो की अकर्मण्यता और कुशासन के जीते जागते सबूत है।

 

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