क्या अब नीति आयोग के चश्मे का नंबर भी पूछेंगे रमन सिंह: भूपेश बघेल

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा कि नीति आयोग के कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ अमिताभकांत ने रमन सिंह के विकास को एक और सर्टिफिकेट दिया है, उन्होंने कहा है कि देश के पिछड़ने के लिए जो राज्य दोषी हैं उनमें छत्तीसगढ़ भी एक है। अमिताभ कांत ने छत्तीसगढ़ के अलावा जिन अन्य राज्यों को दोषी ठहराया है उनमें से तीन और राज्य भाजपा शासित हैं। उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान और एक राज्य भाजपा समर्थित है-बिहार। यानी भाजपा जहां विनाश वहां। कांग्रेस कांग्रेस भवन में मिडिया से चर्चा करते हुये भूपेश बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री रमन सिंह से यदि हम पूछ रहे हैं कि विकास की चिड़िया कहां हैं तो हम अकेले नहीं हैं, नीति आयोग भी पूछ रहा है कि विकास क्यों नहीं हो रहा है। अमिताभ कांत ने हमारे आरोपों का भी समर्थन किया कि इन राज्यों में कारोबारियों को तो सुविधा मिली है लेकिन सामाजिक विकास के पैमानों पर वे विफल रहे हैं। यानी आम आदमी को मिलने वाली सुविधा और उनके लिए हुआ विकास शून्य है। रमन सिंह को अब अमिताभ कांत से भी उनके चश्मे का नंबर पूछना चाहिए और कहना चाहिए कि वे राजनीति से प्रेरित हैं। अब क्या कहेंगे रमन सिंह जी? अब तो आपकी अपनी सरकार के अपने नीति आयोग ने .आपको आईना दिखा दिया है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा कि रमन सिंह जी ने कहा है कि विकास की चिड़िया छत्तीसगढ़ में नहीं, कर्नाटक में उड़ गई है। जो चीज वे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के रूप में 15 वर्षों में नहीं देख पाए उसे उन्होंने कर्नाटक में तीन दिन में देख लिया। छत्तीसगढ़ की जनता ने उन्हें छत्तीसगढ़ के लिए चुना था लेकिन वे कर्नाटक की चिंता करने लगे। तो हमने सोचा कि हम उनका काम थोड़ा आसान कर देते हैं और विकास की चिड़िया तलाश करने में मदद करते हैं। ऐसे राज्य में रमन सिंह को विकास नहीं दिखता तो फिर उन्हें ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड ही जाना होगा जहां उनके पते पर कालाधन जमाकरने के लिए खाता खोला गया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री कर्नाटक जाकर अगर विकास की चिड़िया नहीं देख पाए तो दोष उनका नहीं संगति का है। वे पूर्व मुख्यमंत्री येदुरप्पा के साथ विकास देखने की कोशिश कर रहे थे। येदुरप्पा वही हैं जिन्हें भ्रष्टाचार के आरोपों की वजह से भाजपा ने मुख्यमंत्री पद से हटाया था, उन्हें ही अभी अमित शाह ने देश का सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री बताया था। हालांकि हम अमित शाह से सहमत नहीं हैं क्योंकि सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री तो रमन सिंह हैं। इसका सबूत तो उन्होंने खुद दिया जब उन्होंने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं और मंत्रियों से कहा कि कमीशनखोरी बंद कर दो। लेकिन कमीशनखोरी बंद हुई नहीं, अब तो उनके विधायक तक शिकायत कर रहे हैं कि कमीशनखोरी बंद नहीं हो रही है। तो रमन सिंह जी विकास की चिड़िया को कर्नाटक में नहीं, छत्तीसगढ़ में तलाश करने की जरूरत है। हम अभी भी इंतजार कर रहे हैं कि आप हमें बताएंगे कि विकास की चिड़िया देखने के लिए कब और कहां चलना है, विकास की चिड़िया की तलाश जारी है।  इस दौरान प्रभारी महामंत्री गिरीश देवांगन, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी, पूर्व महापौर एवं संचार विभाग के सदस्य किरणमयी नायक, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी, शहर अध्यक्ष विकास उपाध्याय, पंचायती राज संगठन के मुख्य संगठक निलम चंद्राकर मौजूद थे।

विकास के कुछ आंकड़े

विदेशी निवेश

कर्नाटक  – 37ः विदेशी निवेश के साथ कर्नाटक भारत में नम्बर 1 पर है।

छत्तीसगढ – महज 2ः विदेशी निवेश के साथ सब से निचले पायदान पर है।

गरीबी दर

कर्नाटक – गरीबी की दृष्टि से कर्नाटक भारत में 10वें स्थान पर है।

छत्तीसगढ़ – छत्तीसगढ ़भारत का सबसे गरीब राज्य है ,जहाँ 39.9 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करते हैं।

स्वास्थ्य सेवाएं –

कर्नाटक  -अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधायों के साथ कर्नाटक भारत में चैथे स्थान पर है।

छत्तीसगढ़  – अस्पतालों की जर्जर हालत, डॉक्टरों कीकमी, अस्वच्छता एवं सरकार की संवेदनहीनता के चलते आज छत्तीसगढ फिसलकर 20वें पायदान पर पहुँच  चुका है।

कृषि –

कर्नाटक – राज्य सरकार द्वारा फसलों के उचित दाम ,सिचाई संसाधनों की आधुनिक व्यवस्था के चलते कर्नाटक भारत में 9 वें स्थान पर हरा भरा है।

छतीसगढ़ – सिंचाई संसाधनों का आभाव, गोदामों की कमी एवं फसलों का उचित दाम न मिलने छतीसगढ ़का अन्नदाता आज सरकार की वादा खिलाफी के चलते आत्महत्या करने को मजबूर है, इसका रण छतीसगढ़ 16वें स्थान पर पहुँच गया है।किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के उद्देश्य से कर्नाटक में 22,27,506 किसानों का 8165 करोड़ का कर्ज माफ किया गया है, जब कि छत्तीसगढ़ में किसी भी प्रकार का कोई कर्ज माफ नही किया गया है जिसका रण अन्नदाता आत्महत्या करने को मजबूर है ।

सामूहिक विकास

कर्नाटक विकास की नई ऊंचाईयां छूते हुए भारत में तीसरे स्थान पर है।

भारत में छत्तीसगढ़ 16वें स्थान पर है।

अब उस कर्नाटक पर एक नजर जहां रमन सिंह जी को विकास की चिड़िया नहीं दिखी

1 भारत का सबसे बड़ा बायोटेक अबकर्नाटक में है।

2 सूचना प्रौद्योगिकी निर्यात के क्षेत्र में कर्नाटक भारत में नम्बर 1 पर है।

3 उत्पादन गुणवत्ता के क्षेत्र में कर्णाटक नम्बर 1 पर है।

4 महिलाओं के लिए औद्योगिक पार्क का निर्माण करने वाला पहला राज्य कर्नाटक है।

5 स्टार्टअप के क्षेत्र में कर्नाटक का स्थान सबसे ऊपर है।

6 कर्णाटक ऐसा पहला राज्य है जहाँ कृषि उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री पद्यति को अपनाया गया।

7 कर्नाटक में ही पहली बार ऊर्जा संरक्षण को ध्यान में रखते हुए, इलेक्ट्रॉनिक गाड़ियों का संचालन प्रारम्भ किया गया।

 

 

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