मुह में राम बगल में छुरी कहावत को चरितार्थ करते बघेल पिता पुत्र : विक्रान्त तिवारी

०० बेटा संकल्प दिलाने की राजनीति में लगा है और पिता प्रत्याशियों को निपटाने कि रणनीति में 

०० क्या भपेश लेंगे संकल्प की उनके पिता की विधनसभा चुनाव में प्रत्याशी चयन में भूमिका नही रहेगी??

०० अमर्यादित प्रदेश अध्यक्ष के कारण अप्रसांगिक हो चुकी है प्रदेश कांग्रेस

०० खबरों में छपने के लिए भूपेश ले रहे जोगी का सहारा, बिना जोगी भूपेश बघेल है बेसहारा

बिलासपुर| प्रदेश की राजनीति में जहां सरकार अपने मंत्रियों के साथ अपनी नीतियों को गिनाने में लगी है, वही  मुख्य विपक्ष के रूप में उभरी प्रथम मुख्यमंत्री श्री अजित जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छतीसगढ लगातार ज़मीनी स्तर पर खुद को साबित करते हुए सरकार को घेरने में अब तक सफलता पूर्वक आगे बढ़ रही है। वही दशकों पुरानी पार्टी प्रदेश कांग्रेस अपने प्रदेश अध्यक्ष के अमर्यादित बयानों और मुख्यमंत्री बनने के सपनो के कारण प्रदेश में अप्रसंगिग हो चली है यह कहना है जनता कांग्रेस छ्त्तीसगढ़(जे) के जिला प्रवक्ता विक्रान्त तिवारी का।  बिलासपुर जिले में कांग्रेस के संकल्प शिविर और उनमें लगातर भपेश बघेल द्वारा जोगी राग अलापने पर जनता कांग्रेस ने भपेश बघेल पर सवाल खड़े किए।

जिला प्रवक्ता विक्रान्त तिवारी ने कहा, की देश मे एक पुरानी कहावत प्रचलित है ” मुह में राम बगल में छुरी”  हमारे प्रदेश में इस कहावत को चरितार्थ बघेल पिता पुत्र कर रहे हैं। जहां भपेश कांग्रेस की रीति नीति की दुहाई देकर संकल्प की राजनीति में लगे है तो वही पर्दे के पीछे से पिता प्रदेश के सभी दिग्गजों की जड़े काटने में जुटे है। सांपो की संज्ञा में निपुण बघेल पिता पुत्र प्रदेश कांग्रेस के दिग्गजों के लिए आज साँप और सपोले की भांति हैं। जो हर दिग्गज को डसने की जुगत में हैं।संकल्प शिविर पर सवालिया निशान खड़ा करते हुए प्रवक्ता विक्रान्त तिवारी ने कहा कि कांग्रेस में ये नई प्रथा भपेश बघेल को मुख्यमंत्री बनने के लिए एक सोचा समझा षड्यन्त्र है। जिसके तहत सभी मेहत्वाकांश, मेहनतकश, महशूर नेता/कार्यकर्ताओ की दावेदारी को मंच  पर लाया जाए और उसके बाद पिता पुत्र उक्त नेताओँ की चरित्र हत्या कर उनके खिलाफ विधनसभा में माहौल बना कर उक्त नेता की दावेदारी समाप्त करे, और अंत मे पिता द्वारा पूर्व निर्धारित प्रत्याशी को टिकट दे दिया जाए। भूपेश बघेल से सवाल करते हुए प्रवक्ता विक्रान्त ने पूछा कि क्या भूपेश संकल्प लेंगे की उनके पिता की विधनसभा चुनाव के प्रत्याशी चयन में कोई भूमिका नही रहेगी?? क्यों भपेश बघेल के पिता विधनसभा वार प्रत्याशियों की एक अलग सूची तैयार कर उनसे घर घर मिलने जा रहे है और टिकट का आश्वासन दे रहे है? क्यों सामाजिक स्तर पर कांग्रेस प्रत्याशियों की घोषणा कर उन्हें तैयारी और दौरे करने निर्देश दे रहे है? ये सब किसके इशारे पे हो रहा है?क्या इन सब बातों सभी अनभिज्ञ हैं प्रदेश अध्यक्ष?इन सभी बातों से स्पष्ट है कि संकल्प शिविर सिर्फ बहाना है, पर्दे के पीछे अलग खेल में लगे है बघेल पिता पुत्र। राजनीति में आने के बाद से आज तक भपेश भघेल खबरों मे बने रहने के लिए जोगी जी के नाम का सहारा लेते रहे है, और ये स्पष्ट करते रहे है कि जोगी नाम के बिना वो बेसहारा है, जोगी जी ही उनकी राजनीति में एक मात्र सहारा हैं।।

 

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