भाजपा के दो नेता थाने में गर्जे, अपने-अपने साथियों के लिए आए थे दोनों भाजपा नेता

०० नगर निगम के वाहन से कार हुआ था क्षतिग्रस्त, मुआवजा को लेकर हुआ नेताओ में जमकर बहस

०० क्षतिग्रस्त कार की रिपेरिंग कराये जाने की बात पर मामला हुआ शांत, नहीं हुआ पुलिसिया कार्यवाही

बिलासपुर। भारतीय जनता पार्टी के निर्वाचित जनप्रतिनिधि तथा साधारण नेता कई मामलों को लेकर आपस में ही शासकीय कार्यालय में उलझ पड़ते है। इससे पार्टी की मर्यादा कई बार भंग होती है। एसा ही एक मामला एक दिन पूर्व सिविल लाइन थानों में हुआ। जब भारतीय जनता पार्टी के पूर्व पार्षद महेश चन्द्रिका पुरे और सरकंडा में निवास करने वाले भाजपा नेता सुशांत शुक्ला के बीच जमकर कहा सुनी हुई। पुरा मामला नगर निगम के एक कर्मचारी की कचरा ढोने वाली गाड़ी से एक अन्य कार को धक्का लगने पर हुआ।

नगर निगम कर्मचारी निगम का कचरा फेकने रतनपुर रोड पर जा रहा था तभी एक कार ओवरटेक करने की कोशिश की और नगर निगम की गाड़ी से उसे ठोकर लग गई। कार में नुकसान होने को लेकर कार सवार तीन युवकों ने पहले तो नगर निगम कर्मचारी की पिटाई की बाद में उसे लेकर सिविल लाइन थाने आए गए। कर्मचारी ने अपने बचाव के लिए एल्डरमेन महेश चन्द्रिका को फोन करके बुलाया। नेता का दखल होता देख कर्मचारी की पिटाई करने वाले युवकों ने सरकंडा से सुशांत शुक्ला को बुलाया। जिसके बाद इस मामले को लेकर कार मालिको ने कहा कि एफआईआर कराई जाएगी नही तो 20 हजार रुपये नुक्सानी दों। इसे लेकर दोनो नेताओं के बीच जमकर बहस हुई। चन्द्रिका पुरी इसी बात की दुहाई दे रहे थे कि एक दैनिक वेतन भोगी जिसकी तनख्वाह ही 10-15 हजार है। वह कार के रिपेयरिंग के लिए 20 हजार रूपए कहां से देगा। बाद में यह तय हुआ की कर्मचारी क्षतिग्रस्त कार ठीक करा कर देगा और दोनो पक्ष एक-दूसरे के विरूद्ध एफआईआर नही कराएगें एक ही राजनैतिक दल के दो नेताओं के बीच जिस तरह से शब्दों का अदान-प्रदान हुआ उसे सुन कर थाने में उपस्थित लोगो ने कान में उंगली डालना जरूरी समझा। 

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