पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में सीआरपीएफ का एएसआई शहीद

०० सर्चिंग से लौट रहे पुलिस पार्टी पर नक्सलियों ने घात लगाकर किया हमला

०० नक्सली हमले की सुरक्षा बल के जवानों ने दिया मुहतोड़ जवाब, भागे नक्सली

रायपुर/सुकमा| जिले के किष्टारम थाने से नक्सल इलाको की सर्चिंग से लौट पुलिस पार्टी पर नक्सलियों ने छिपकर वार करते हुए गोलिया चलायी, नक्सलीयो के हमले की सुरक्षा बलो के जवानों ने मुहतोड़ जवाब दिया इस मुठभेड़ में सीआपीएफ के 212वीं बटालियन के एक एएसआई की मौत हो गई है।नक्सली हमले की सुकमा एसपी अभिषेक मीणा एवं एएसपी शलभ सिंह ने घटना की पुष्टि कर दी है।

मिली जानकारी के मुताबिक सुकमा जिले के अतिसंवेदनशील इलाके में बसे किष्टारम थाने से नक्सल विरोधी अभियान के तहत सीआरपीएफ की 212वीं बटालियन पोलाड़ी कैंप की एक टुकड़ी सर्चिंग पर निकली थी जिसमे देर रात गश्त वापसी के समय उनका सामना नक्सलियों से हो गया। जिसमें घात लगाए नक्सलियों का सामना पुलिस से हो गया। अचानक पुलिस ने नक्सलियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवानों को समझ आ गया कि,नक्सली रेकी कर उनके आने का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही गोलियों की आवाज आई वे अपना मोर्चा सभांलते हुए नक्सलियों के इस कायराना करतूत का मुंह तोड़ जवाब दिया। इस मुठभेड़ में जवानों में शामिल सीआरपीएफ के एएसआई अनिल कुमार मोर्य शहीद हो गए है। एसपी एवं एएसपी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि नक्सल विरोधी अभियान के तहते शाम को पोलाड़ी कैंप से सीआरपीएफ की एक टुकड़ी वहां से निकली थी जिसमें नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में सीआरपीएफ के एएसआई अनिल कुमार मोर्य शहीद हो गए है। घटनास्थल के आसपास सर्चिंग बढ़ा दी गई है।

शहीद जवान के शव को गृह ग्राम ले जाने की तैयारी :- सीआरपीएफ के एएसआई अनिल कुमार मोर्य उत्तरप्रदेश के अमेठी जिले में आने वाले गांव नरैनी के रहने वाले है। मुठभेड़ के तुरंत बाद वहां आसपास के इलाकों में सर्चिंग बढ़ा दी गई है ताकि नक्सलियों पर नकेल कसी जा सके। शहीद जवान के शव को गृह ग्राम ले जाने की तैयारी की जा रही है।

 

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