एडीबी की सड़के अधूरी, उड़ रहा धूल का गुबार, आमजन हो रहे दुर्घटना के शिकार

०० गड्ढों और सड़कों से होने वाले धूल के गुबार से व्यापारी हो रहे हलाकान, व्यापार में भी पड़ रहा है असर


करगीरोड कोटा। करोडो की लागत से बनने वाली एशियन डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा सड़क निर्माण 2016 से बनना शुरू हुआ,अप्रैल 2018 होने जा रहा है,पर अब तक सड़क निर्माण का कार्य पूर्ण नही हो पाया है,सड़क निर्माण कर रहे ,जिंदल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा सड़क निर्माण में गुणवत्ता का बिल्कुल भी ध्यान नही रखा जा रहा है,सड़क निर्माण के दौरान सड़कों के बीच बड़े-बड़े गड्ढे होने से रोज कोई न कोई दुर्घटना हो रही है।

कोटा नगर पंचायत के अंतर्गत रेलवे स्टेशन से लेकर जयस्तंभ नाका चौक तक जो रोड पहले पीडब्ल्यूडी विभाग के अंतर्गत आती थी,अब वह सड़क एडीबी के अंतर्गत आती है ,रेलवे स्टेशन से लेकर नाका चौक तक सड़कों के बीचो-बीच बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं,जिस पर ना ही एडीबी के अधिकारियों की नजर पड़ रही है,ना ही ठेकेदार की, जबकि इस रोड से कोटा नगर पंचायत के अंतर्गत लगभग सभी सरकारी विभाग के अधिकारियों का गुजरना होता है, पर किसी भी अधिकारी की नजर उस गड्ढे पर नहीं पड़ रही है ,आवागमन करने वाले खासकर दो पहिया वाहन वाले रोज के रोज उस गड्ढे में गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं,सड़कों के अगल-बगल में व्यापार करने वाले व्यापारी लोगों का कहना है,की सड़कों के बीचो-बीच उड़ने वाली धूल से व्यापार तो हो नहीं रहा है,हां बस जनसेवा का काम हमारे द्वारा किया जा रहा है, गड्ढों में गिरने से अगर कोई दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है ,तो उसे पास के ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हमारे द्वारा पहुंचाया जा रहा है, गड्ढों के पाटने के लिए शिकायत के सवाल पर व्यापारी का कहना था कि सरकारी विभाग के अधिकारियों द्वारा यह रोड दूसरे विभाग के अंतर्गत आती है,करके भटकाया जाता है, पीडब्ल्यूडी विभाग का कहना भी सही है,की रतनपुर से लेकर पंडरिया तक का जो भी सड़क निर्माण हो रहा है ,वह एडीबी के देखरेख में हो रहा है,पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत यह सड़के जो पहले आती थी अगर इस दौरान सड़कों के बीचो-बीच अगर गड्ढे बढ़ जाते थे तो पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा इसमें पीचिंग कर दी जाती थी,अब रास्तों से गुजरने वाले पैदल लोगों को व दो पहिया वाहन चालकों को क्या पता कि जिस गड्ढे में गिरने से वह दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं वह पीडब्ल्यूडी की है,या फिर एडीबी की उन्हें तो बस केवल इतना पता है, की सड़क निर्माण तो लोक निर्माण विभाग की करवाती है।

क्या कहते है व्यापारी ……………………………

सड़क के किनारे जनरल स्टोर की दुकान के का कार्य कर रहे शरद गुप्ता का कहना है, कि इस बारे में कोटा नगर पंचायत के जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ अनुभागीय अधिकारी राजस्व को भी मेरे द्वारा जानकारी दी जा चुकी है,बीच में पुलिस विभाग के कर्मचारी सड़क के बीचो-बीच गड्ढे में गिर गए थे, जिसे मेरे द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था, उनको काफी चोटें भी आई थी,और आए दिन कोई ना कोई सड़कों के बीच बड़े-बड़े गड्ढों में गिर कर दुर्घटनाग्रस्त को ही जाता है, साथ सड़कों से उड़ने वाले धूल से व्यापार में भी असर पड़ने लगा है,कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
डिस्पोजल मिनरल वाटर और ठंडे पेय जल का कारोबार करने वाले धीरज गुप्ता का भी यही कहना है, की सड़कों में बड़े-बड़े गड्ढे होने से कई बार यहां पर दुपहिया वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो गए हैं, सड़कों से उड़ने वाले फूलों से व्यापार पर भी असर पड़ने लगा है,ना ही जनप्रतिनिधि सुनते हैं,ना ही अधिकारी अगर हम शिकायत करें तो किसके पास करें अगर जल्द ही सड़क के गड्ढों को नहीं भरा जाएगा तो हम व्यापारियों द्वारा आंदोलन किया जाएगा।

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