भूख हड़ताल कर रही तीन आगनबाडी कार्यकर्ताओ की बिगड़ी हालत, अस्पताल में किया जा रहा उपचार

०० नगर निगम कमिश्नर ने 60 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और 15 सहायिकाओं को किया बर्खास्त

रायपुर| पिछले 46 दिनों से अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठी 3 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हालत आज बिगड़ गई। बूढ़ातालाब स्थित धरना स्थल पर आज अनशन पर बैठी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद्मावती साहू, भुवनेश्वरी और संतोषी की हालत बिगडऩे पर पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद तीनों को संजीवनी एक्सप्रेस 108 से अस्पताल भेजा गया जहां उपचार चल रहा है।

पिछले 46 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठी तीन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हालत बिगडऩे से एक बार फिर माहौल गरमा गया है कार्यकर्ताओं ने धरना स्थल पर एक बार फिर भीषण गर्मी में अपनी आवाज बुलंद की और सरकार के खिलाफ नारे लगाए। विदित हो कि कि सोमवार से तापमान में भारी बढ़ोत्तरी हुई है बावजूद लू के थपेड़ों के बीच आंगनबाड़ी कार्यकर्ता धरना स्थल में भूख हड़ताल कर रही है। अभी इस मामले में किसी भी राजनेता का बयान सामने नहीं आया है वहीं एक बार फिर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का गुस्सा बढ़ गया है। रायपुर नगर निगम कमिश्नर ने 60 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और 15 सहायिकाओं को बर्खास्त कर दिया है। सरकार ने हड़ताल खत्म करने की चेतावनी दी थी। बावजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका हड़ताल पर ही डटे रहे। आखिकार सरकार के आदेश के बावजूद काम पर नहीं लौटने पर यह कार्रवाई की गई।गौरतलब है कि राज्य सरकार के रवैय्ये से नाराज आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की आर-पार की लड़ाई पिछले 46 दिनों से चल रही है। इसके तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के प्रांताध्यक्ष पद्मावती साहू, जिलाध्यक्ष भुनेश्वरी तिवारी, कोषाध्यक्ष सारिका तिवारी, जिला सचिव नीता काजवें आमरण अनशन कर रही है। पहले दिन छत्तीसगढ़ जुझारु आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका कल्याण संघ की प्रदेश अध्यक्ष समेत पांच महिलाओं ने अनशन शुरू किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सरकार असंवेदनशील हो गई है, जिसकी वजह से मजबूरी में उन्हें यह रास्ता अपनाना पड़ा रहा है।

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