सड़क निर्माण में मुरुम की जगह डाली पीली मिट्टी, सड़क कीचड़ में तब्दील,वाहन सवार हो रहे दुर्घटना के शिकार

०० 106 करोड़ की लागत से बन रही है एडीबी की सड़कें,करोड़ों की सड़क हुई कौडी की

करगीरोड कोटा। पिछले कई दिनों से बदलते हुए मौसम से कोटा नगर व आसपास के लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है,ऊपर से आवागमन के लिए गांव से शहर की ओर जाने के लिए एकमात्र रास्ता कोटा लोरमी रोड जो कि एडीबी द्वारा सड़क निर्माण कराया जा रहा है,106 करोड़ की लागत से रतनपुर से पंडरिया तक सड़क निर्माण होना है,अप्रैल 2018 तक सड़क निर्माण पूर्ण करना है, एडीबी द्वारा पर सड़क निर्माण के पहले दिन से ही एडीबी की सड़क बनाने वाले सड़क ठेकेदार विवादों में रहे सड़क निर्माण कर रहे जिंदल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा सड़क निर्माण में गुणवत्ता का बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है ,रतनपुर रोड में जुनासहर के बीच में सी सी रोड निर्माण के दौरान भी गुणवत्ता विहीन रोड बनाई गई थी जिसके बाद रायपुर से अधिकारियों की टीम ने निर्माण कार्य बंद करा दिया था,जो कि अभी तक खोदकर छोड़ दिया गया है, वर्तमान में जुनासहर के पास उसके बाद से लेकर वर्तमान स्थिति तक गुणवत्ताहीन सड़क निर्माण कराया जा रहा है, बीच-बीच में सड़क बना दी जा रही है  और बीच-बीच को छोड़ दिया जा रहा है ,धूलो का गुबार उड़ने से आने जाने वाले लोगों का जीना दूभर हो गया है,लोग बीमार पड़ रहे हैं,पूरे सड़क निर्माण के दौरान अधूरे पड़े पुल-पुलिया भी लावारिस हालत में पड़े हुए हैं,ना ही एडीबी के अधिकारियो, इंजीनियरों,द्वारा संज्ञान लिया जाता है,ना ही ठेकेदारों के सुपरवाइजर के द्वारा ऊपर से गोबरीपाट से लेकर बड़ी करगी  तक सड़को के किनारे मुरुम न डालते हुये नियम विरुद्ध पीली मिट्टी डाली जा रही जिंदल कंपनी के ठेकेदारों द्वारा,जानकारी होने के बाद भी एडीबी के अधिकारी कुंभकर्णी चिरनिद्रा में।

एक दो रोज से हो रही बारिश से गोबरीपाट से लेकर छोटी करगी तक सड़क कम कीचड़ ज्यादा दिखाई दे रहा है,आज तेज बारिश के दौरान आवागमन के दौरान ग्राम पंचायत लिटिया के पास दो दर्जन दुपहिया वाहन सवार पीली मिट्टी के कीचड़ से सराबोर सड़को में फिसल-फिसल कर गिरकर दुर्घटना का शिकार हुये ग्राम पंचायत लिटिया के स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा इसके बारे में एडीबी के अधिकारी और इंजीनियरों से बात कर वस्तुस्थिति बताई गई पर एडीबी के अधिकारियों द्वारा अब तक कोई भी करवाई नही की गई, इससे पहले भी बीजा मोड़ के पास बस और बोलेरो की भिड़ंत हो चुकी है, जिसमें बोलेरो सवार लोगों की गंभीर हालत में बिलासपुर रिफर किया गया था दुर्घटना का कारण धूल का गुबार और गुणवत्ता विहीन निर्माण था।

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