महिला कांग्रेसियो ने महापौर को भेट की चूड़ी, बिफरे महापौर किशोर राय

०० नगर निगम में धरने पर बैठे कांग्रेसियों से महापौर किशोर राय ने किया अभद्रता

०० कांग्रेसियों ने की महापौर के व्यवहार-अभद्रता की कड़ी निंदा

बिलासपुर। सफाई कर्मचारियों के नियमतिकरण की मांग को लेकर कांग्रेस के पार्षद एवं कार्यकर्त्ता पिछले पंद्रह दिनों से नगर निगम भवन के नीचे धरने पर है, वही दूसरी ओर सुर्या हाटल के पास सांसद लखन लाल साहू देश के प्रधानमंत्री के एक दिवसीय उपवास को नैतिक समर्थन देने बैठे उनके साथ भारतीय जनता पार्टी का पूरा लावलस्कर लगा था। सफाई कर्मचारियों के लिए धरने पर बैठे कांग्रेस नेताओ जिनमे महिला कार्यकर्त्ता भी शामिल थी जिन्होंने नगर निगम के महापौर से सफाई कर्मचारियों को नियमित किये जाने की मांग की मगर उन्होंने उनकी मांगो को दरकिनार कर दिया इस दौरान महिला कांग्रेस ने महापौर को चूड़ी भेट की जिससे महापौर बौखला गए व पुलिस बुला लिया,मामले को जानकारी होने पर पुलिस कांग्रेसियों को बिना गिरफ्तार किये बैरंग लौट गयी| 

सत्तापक्ष व विपक्ष के इस धरने को देखकर सामान्य नागरिक यह कहते सुने गए क्या लोकतंत्र है सत्ताधारी पार्टी दलितों के मान सम्मान के लिए और विपक्षिय पार्टी सफाई कर्मचारियों के नियमतिकरण के लिए धरने पर बैठी है। कांग्रेस के नेताओं ने इसी प्रश्न का उत्तर इस तरह दिया उन्होंने कहा की प्रधानमंत्री  छत्तीसगढ़ के विधायकों सांसदों से रिर्काडीग संदेश पर बात कर रहे थे और उनकी यह पुरानी आदत है कि वे नागरिक और अपने ही निर्वाचित जनप्रतिनिधि ये हमेशा एक पक्षिय बात करते है। उन्हें सुना तो जा सकता है पर वे स्वयं किसी  की सुनते नही है। भारतीय जनता पार्टी और उसके नेता जिस एक दिन के उपवास की बात कर रहे है वह कांग्रेस पार्टी के सच्चे आंदोलन को काॅपी करने जैसा है। देश में छत्तीसगढ़ में भाजपा की बहूमत वाली सरकार है। लोकसभा से लेकर विधानसभा और निगम तथा पंचायत तक में उन्ही का बहूमत है। फिर जनता के सामने एक दिन के उपवास की जरूरत ही क्या है। समाज के दलित वर्ग की कौन उपेक्षा कर रहा है। यह न केवल दलित वर्ग जानता है बल्कि अन्य नागरिक भी भाजपा की दोगली निती से परिचित है। कांग्रेस के नेता शैलेष पांडे ने कहा की जब भाजपा के नेता सत्ता के मद में इतने मदमस्त है की वे उपवास पर बैठे जनप्रतिनिधियों को धक्के देकर पुलिस के हवाले कर देते है तब उन्हें दलितों के सम्मान में उपवास करने का नैतिक हक नही है। यदि इस वर्ग की इतनी ही चिन्ता हो तो निगम के सफाई कर्मचारियों को हड़ताल पर जाने की जरूरत ही क्यों पड़ती|

महापौर किशोर राय ने की कांग्रेसियों से अभद्रता, कांग्रेस ने की निंदा :- महापौर किशोर राय ने आज नगर निगम से निकलकर कांग्रेस के धरना स्थल से होकर गुजरे इस दौरान कांग्रेस की महिलाओं ने किशोर राय से सफाई कर्मचारियों के नियमितिकरण पर अपनी बात रखी तो किशोर राय ने कोई संतोषप्रद जवाब नही दिया और इधर उधर की बाते करने लगे तब कांग्रेस की महिलाओं ने सफाई वालो के नियमितीकरण न करने के कारण उनको चूड़ी भेट की, उसके बाद पार्षद दल और कांग्रेस के कार्यकर्ता ने जमकर नारे बाज़ी किया| इस नारेबाजी को सुनकर महापौर किशोर राय जो अपने वाहन से उक्त स्थल से निकल चुके थे वापस धरनास्थल आए और बौखलाते हुए धरने में बोले “चिल्लाओ-चिल्लाओ, जोर-जोर से चिल्लाओ उसके उपरांत पुलिस को धरनास्थल पर बुला लिया। कांग्रेसियों ने महापौर के इस व्यवहार को लेकर निंदा व्यक्त करते हुए अपनी नाराजगी जतायी| महापौर के बुलावे पर आई पुलिस कांग्रेसियों को आज फिर गिरिफ्तार करने पहुंची लेकिन जब सारी घटना की जानकारी उनको दी गयी तो बिना कांग्रेसियों को गिरफ्तार कर अपने दल के साथ वापस लौट गई| कांग्रेस नेताओ ने कहा कि शहर के महापौर को सार्वजनिक क्षेत्र में ऐसा करना बीजेपी की गुंडागर्दी को दर्शाता है, इस पर कार्यवाही होनी चाहिए। उपवास का ढोंग करने वाली बीजेपी पार्टी में किशोर राय जैसे नेता यह साबित करते है कि शहर में गुंडाराज हो रहा है उपवास के बहाने लोकतंत्र का ढोंग करने वाली पार्टी की असलियत आज जनता के सामने आई है।

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