नये लक्ष्यों को पाने के लिए नये तरीकों से काम करने की जरूरत : नरेन्द्र मोदी

०० प्रधानमंत्री ने किया आयुष्मान भारत योजना के प्रथम चरण का शुभारंभ

०० हरी झंडी दिखाकर दल्लीराजहरा-भानुप्रतापपुर रेल सेवा की शुरूआत
०० बस्तर नेट परियोजना के प्रथम चरण का भी किया लोकार्पण

रायपुर| प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि पुराने रास्तों पर चलकर नई मंजिलों तक नहीं पहुंचा जा सकता। नये लक्ष्य पाने के लिए नये तरीकों से और दोगुनी मेहनत से काम करना होगा। उन्होंने कहा – जनता, जनप्रतिनिधि और सरकारी अधिकारी-कर्मचारी सब मिलकर संकल्प लें तो देश के आदिवासी बहुल बीजापुर जैसे 100 से ज्यादा आकांक्षी जिले महत्वाकांक्षी जिलों के रूप में परिवर्तन के नये मॉडल बनकर उभरेंगे। अभिलाषी बीजापुर के विकास से अभिलाषी छत्तीसगढ़ का भी तेजी से विकास होगा। बीजापुर जिले पर पिछड़े और कमजोर जिले का लेबल अब नहीं रहेगा। उन्होंने कहा – केन्द्र सरकार ने देश के सौ से ज्यादा ऐसे जिलों का चयन विकास के आकांक्षी जिलों  के रूप में किया है, जो आजादी के इतने वर्षाें बाद भी पिछड़े रह गए थे। इन जिलों के लोगों को भी विकास में साझीदार बनने का अधिकार है।      
मोदी ने आज संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जन्म जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ के बस्तर राजस्व संभाग के अंतर्गत ग्राम जांगला (जिला-बीजापुर) में आयुष्मान भारत योजना के प्रथम चरण में पूरे देश के लिए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का राष्ट्रीय शुभारंभ करते हुए एक विशाल जनसभा में इस आशय के विचार व्यक्त किए। श्री मोदी ने कहा -आयुष्मान भारत योजना के प्रथम चरण में देश के लगभग डेढ़ लाख बड़े गांवों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप स्वास्थ्य केंद्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। हमारा लक्ष्य बीमारियों के इलाज से पहले बीमारी को रोकने का होगा। इन केन्द्रों में इसके लिए आवश्यक सेवाएं दी जाएंगी। स्वास्थ्य जांच भी इन केन्द्रों में मुफ्त में करने का भरसक प्रयास किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में मधुमेह, रक्तचाप और कैंसर जैसी बीमारियों के परीक्षण की सुविधाएं दी जाएंगी। इस योजना के तहत हमारा अगला लक्ष्य 50 करोड़ लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए सालाना पांच लाख रूपए तक स्वास्थ्य बीमा सुरक्षा देने का होगा। श्री मोदी ने कहा-आयुष्मान भारत योजना गरीबों, पीड़ितों, वंचितों, महिलाओं और आदिवासियों को ताकत देगी। उन्होंने अम्बेडकर जयंती पर आज से शुरू हुए राष्ट्रव्यापी ग्राम स्वराज अभियान का भी उल्लेख किया।

फैमिली डॉक्टर के रूप में काम करेंगे हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर :- मोदी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना में बन रहे हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर गरीबों के लिए पारिवारिक डॉक्टर (फैमिली डॉक्टर) के रूप में काम करेंगे। श्री मोदी ने लोगों से हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का सरल भाषा में नामकरण करने के लिए सुझाव देने की अपील की। श्री मोदी ने यह भी बताया कि केन्द्र सरकार ने देश के 500 से ज्यादा अस्पतालों को किडनी के मरीजों के लिए डायलिसिस उपकरणों से सुसज्जित किया है। लगभग ढाई लाख मरीज इसका लाभ उठा चुके हैं। उनके डायलिसिस के 25 लाख सेशन हो चुके हैं।    उन्होंने इस अवसर पर अंचल में इंटरनेट सुविधाओं के विस्तार के लिए बस्तर नेट परियोजना के प्रथम चरण का भी शुभारंभ किया, जिसमें लगभग 400 किलोमीटर के ऑप्टिकल फाइबर केबल के जरिये दूर-दराज के गांवों तक इंटरनेट कनेक्टिविटी दी जा सकेगी। श्री मोदी ने इसके अलावा वहां जांगला के कार्यक्रम में बीजापुर और भैरमगढ़ के लिए पेयजल आपूर्ति योजना का भूमिपूजन किया। उन्होंने नक्सल पीड़ित क्षेत्रों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनने वाली 1998 किलोमीटर सड़कों और पुलों के निर्माण के लिए भी भूमिपूजन करते हुए इन्द्रावती और मिंगाचल नदियों में बनने वाले उच्च स्तरीय पुलों का भी शिलान्यास किया। श्री मोदी ने जांगला में विकास केन्द्र के शुभारंभ का उल्लेख करते हुए कहा – लोगों को पंचायत, राशन दुकान, अस्पताल और स्कूल जैसी सेवाएं इस केन्द्र में एक ही जगह पर मिलेगी। मुझे यह जानकर खुशी हुई कि छत्तीसगढ़ में ऐसे 14 विकास केन्द्र बनने जा रहे हैं, जो देश के अन्य राज्यों के लिए मॉडल बनेंगे। मोदी ने जनसभा में हरी झंडी दिखाकर राज्य के उत्तर बस्तर जिले के भानुप्रतापपुर से दल्लीराजहरा तक नई रेल सेवा का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा – बस्तर अब रेल सेवा के जरिये रायपुर से भी जुड़ जाएगा। अगले दो वर्ष के भीतर इस परियोजना के तहत जगदलपुर तक रेल लाइन पहुंच जाएगी। इस वर्ष के अंत तक बस्तर में नया स्टील प्लांट काम करना शुरू कर देगा। बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में नया एयरपोर्ट भी अगले कुछ महीनोें में शुरू हो जाएगा। ये परियोजनाएं इस क्षेत्र के विकास को नई ऊंचाईयों तक पहुंचाएंगी। बस्तर बहुत जल्द आर्थिक गतिविधियों के एक बड़े केन्द्र (इकॉनामिक हब) के रूप में पहचाना जाएगा। नये भारत के साथ नया बस्तर, नई उम्मीदों, नई आकांक्षाओं और नई अभिलाषाओं का बस्तर होगा।  

error: Content is protected !!