पूर्व मंत्री हेमचंद यादव को गॉर्ड ऑफ ऑनर देकर किया विदा, मुख्यमंत्री पहुंचे हरनाबांधा मुक्तिधाम

०० अंतिम रस्म निभाकर परिजनों ने दी नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई

०० अंतिम यात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, भाजपा पदाधिकारी सहित सैकड़ो की संख्या में कार्यकर्त्ता व आमजन

रायपुर/भिलाई| भाजपा नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री हेमचंद यादव का अंतिम संस्कार हरनाबांध मुक्तिधाम में किया गया। अंतिम संस्कार के समय उन्हें गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह भाजपा कार्यालय से होते हुए सीधे हरनाबांधा मुक्तिधाम पहुंचे, वहां उन्होंने अपने साथी रहे पूर्व मंत्री को श्रद्धासुमन अर्पित किया।

भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री हेमचंद यादव की अंतिम यात्रा गुरुवार को सुबह 8 बजे दुर्ग के उनके पैतृक निवास से निकली, अंतिम रस्म निभाकर परिजनों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। इस दौरान कैबिनेट मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय, बृजमोहन अग्रवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री रमशीला साहू सहित भाजपा के बड़े नेता उनके निवास पहुंचे व परिजनों को ढांढस बंधाया। उसके बाद पार्थिव देह को फूलों से सजे वाहन में रखकर हेमचंद अमर रहे के नारे लगाते हुए कार्यकर्ता घर से निकले।रामधुन के साथ निकले पूर्व मंत्री हेमचवंद यादव के पार्थिव शरीर को भाजपा कार्यालय पहुंचने में लगभग डेढ़ घंटे का समय लगा। इस दौरान नागरिकों नम आंखों से अपने नेता को विदाई दी। निवास स्थान से 50 से अधिक गाडिय़ों का काफिला भारतीय जनता पार्टी कार्यालय पहुंचा।कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। चंडीमंदिर के रास्ते होते हेमचंद यादव का पार्थिक देह भाजपा कार्यालय पहुंचा। जहां पहले से उपस्थित राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय, जिला भाजपा अध्यक्ष उषा टावरी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।पूर्व मंत्री व भाजपा उपाध्यक्ष हेमचंद यादव अपने पीछे पत्नी लीला बाई, माता राजीम बाई, पुत्र राजदीप यादव, जीत यादव व पुत्री प्रतिभा और रूची सहित भरा पूरा परिवार छोड़़ गए हैं। पूर्व मंत्री हेमचंद यादव अब हमारे बीच नहीं रहे। एक साधारण निम्न वर्गीय परिवार में जन्में हेमचंद ने राजनीति के रंगमंच पर भी अपनी अलग छाप छोड़ी। कांग्रेस के अभेद्य दुर्ग को ढहाकर भाजपा का परचम लहराकर उन्होंने इतिहास रच दिया था। हेमचंद यादव के निधन की सूचना से शहर स्तब्ध रह गया। उनके समर्थकों में शोक की लहर फैल गई।

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