अनुसूचित जाति अनुसूचित जन जाति अधिनियम को पूर्व की तरह लागू कराने किया गया विरोध प्रदर्शन 20 हज़ार लोगों का समर्थन सारंगढ़ महाबंद हुआ सफल

 

अपने अधिकार को वापस देने लगाये नारे

दिनेश जोल्हे (सारंगढ़) राष्ट्रपति के नाम पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सारंगढ़ को सौपा गया ज्ञापन पूरे भारत में 2 अप्रैल को भारत बन्द का आवाह्न किया गया था अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन जाति के लोग सारंगढ़ विधानसभा के करीब 20 हजार लोगों ने सारंगढ़ भारत माता चौक पहुंच कर सारंगढ़ बंद को सफल बनाया।सुबह 9 बजे से समाज के लोग इकट्ठा हुए और घण्टो तक भारत माता चौक में बैठ कर धरना प्रदर्शन को सफल और अपने अधिकार को वापस देंने नारे लगाए आज का दिन सारंगढ़ के इतिहास में पहली बार इस तरह की रैली धरना प्रदर्शन देखने को मिला है जो कि ऐतिहासिक रहा जिसमे सतनामी व आदिवासी समाज के महिला, पुरूष, युवा वर्ग बड़ी संख्या मे भाग लिए और अपनी ताकत दिखाई और पूरा सारंगढ़ जय भीम के नारे से गुंजायमान रहा डीजे के साथ समाज के लोगों अपने अधिकार को वापस देने केंद्र सरकार व सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ में जमकर नारे बाजी की उसके बाद धरना रैली का रूप लेते हुए भारत माता चौक से होकर थाना मार्ग,जेलपारा,जयस्तम्भ चौक होते हुए तहसील कार्यलय पहुंची और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन जाति के संयुक्त मोर्चा दल ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सारंगढ़ को ज्ञापन सौंपा और अपने अधिकार को वापस देने मांग की और ज्ञापन में कहा कि 21 मार्च 2018 को माननीय उच्चतम न्यायालय ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम को लेकर नया दिशानिर्देश जारी किए हैं जिससे इस कानून का अस्तित्व समाप्त हो गया है। इस दिशा निर्देश आने के बाद अनुसूचित जाति एवं जनजाति का अधिकार का तो हनन होता ही है।और इस अधिनियम का उद्देश्य मात्र औपचारिकता ही रह गया है उद्देश्य विहीन अधिनियम से किसी भी अनुसूचित जाति एवं जनजाति की रक्षा नहीं हो सकती और इन वर्गों पर सामाजिक आर्थिक न्यायिक अत्याचार और बढ़ेगा और जातिवादी एवं मनोवादी शक्तियों में इस अधिनियम के औचित्य हीन होने से हौसला बुलंद हो गया है ,जिससे कई प्रकार के अत्याचार होने लगेगा क्योंकि इस वर्ग के प्रतिनिधित्व आप स्वयं करते हैं। इसलिए यह वर्ग आपसे अपेक्षा भी ज्यादा रखते हैं आप एक सर्वोच्च पद पर आसीन हैं इसलिए अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्गों की हित की रक्षा हेतु आप स्वयं प्रभावी कदम उठा सकते हैं और आप केंद्र सरकार को यह दिशानिर्देश जारी करें तथा सुप्रीम कोर्ट को यह निर्देश दें कि उपरोक्त 21 मार्च 2018 के अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में दिए गए दिशा निर्देश पर पुनर्विचार करते हुए ऐसा ठोस कदम उठाए जिससे कि इन वर्गों को संविधानिक रूप से संरक्षित हो और वर्तमान में जो नई दिशा निर्देश जारी किए हैं। उक्त दिशा निर्देश को हटाया जाए,ततपश्चात रैली तहसील ऑफिस से निकल कर पुष्प वाटिका होते हुए पुनः भारत माता चौक पहुंची जंहा पर समाज के जनप्रतिनिधियों व मोर्चा के पदाधिकारियों ने सभा को सम्बोधित करते हुए रैली धरना में शामिल हुए सभी भाइयों व बहनों को अपने विचार प्रकट किये आज के रैली धरना प्रदर्शन को सफल बनाने में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन जाति के संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष जयसिंह सिदार,उपाध्यक्ष कन्हैयालाल जांगडे, तेजराम सिदार,महासचिव जी.पी.भारद्वाज, सचिव यशराज सिंह ठाकुर,सह सचिव एफ.आर.निराला,कोषध्यक्ष रामसूरत भारद्वाज,नारायण रत्नाकर,कार्यकारणी सदस्य कामदा जोल्हे, पदमा घनश्याम मनहर,उत्तरी गनपत जांगडे,अरविंद खटकर, चंद्रशेखर जटवार ,रामनाथ सिदार ,देव कोसले अधिवक्ता ,रमेश अनंत, रामकुमार टंडन ,एम आर जोल्हे,टुकेश्वरी सोनी,लैलूंन भारद्वाज,सतनामी विकास परिषद अध्यक्ष शंकर जांगडे,सन्तोष बौद्ध,नरसिंह भारती,अमर भारती, बिनोद भारद्वाज,नवधा अनन्त,शिव टण्डन,सखाराम मल्होत्रा,मंजुलता आनंद,रामचरण कुर्रे,चन्द्रकुमार नेताम,सुधा वारे, उत्तम दिनेश बंजारे, अजय बंजारे, सम्मेलाल कुर्रे, भागीरथी निराला, छत्तराम निराला,राजेश भारद्वाज,कामेश लहरे,राजेश रात्रे ,रामसुख, पप्पू , देवा, जितेन्द्र पुराईं, प्रवीण मल्होत्रा, नरेंद्र चौरगे,उमेश टण्डन,मोहित सोनी,बबलू जोल्हे,किशन खूंटे,प्रशांत वारे,अभिनव भारद्वाज,मन्नू जोल्हे,अवधेश निराला मीडिया से दिनेश जोल्हे, नरेश चौहान, चंद्रिका भास्कर, किशोर मनहर, लक्ष्मी नारायण लहरे, राहुल भारती, धीरज बरेठ, गौतम बंजारे, गोल्डी लहरे, गोविन्द बरेठा, कृष्णा महिलाने, प्रकाश जांगड़े, राजेश चौहान सहित बड़ी संख्या में समाज के कार्यकर्त्ता व कर्मचारी गण शामिल हुए अंत में मोर्चा के पदाधिकारी ने आभार प्रकट करते हुए समाज के तमाम लोगों व सारंगढ़ के व्यवसायियों पुलिस प्रशासन व मीडिया जगत का महाबंद को सफल बनाने आभार प्रकट किया।

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