लोक सुराज शिविर के साथ भाजपा की जनसंपर्कयात्रा का भी समापन

करगीरोड कोटा।छत्तीसगढ़ सरकार की लोक सुराज समाधान शिविर का आखिरी पड़ाव 31 मार्च को कोटा विकासखंड के ग्राम पंचायत खुरदुर में हुआ,31 मार्च के दिन ही भारतीय जनता पार्टी की जन संपर्क यात्रा का भी समापन हुआ और वित्तीय वर्ष का भी 31 मार्च को ही समापन हुआ,यु तो एक महीना पहले जितने भी कोटा विकासखंड के पंचायतों से जो भी आवेदन लोक सुराज अभियान के तहत लिया गया था,उसके निराकरण के लिए समाधान शिविर चलाया जा रहा था ,जहां पर जनपद सीईओ हिमांशु गुप्ता कीर्तिमान सिंह राठौर SDM कोटा, प्रशिक्षु आईएएस विनय  लगेह, कोटा थाना प्रभारी कृष्णकांत सिंह ,व कोटा विकासखंड के समस्त विभागीय अधिकारीयो की मौजूदगी में ग्राम पंचायतों से मिले आवेदन का निराकरण किया जाता था।राशन कार्ड में नाम जोड़ना, पेंशन आवास, सड़क,बिजली, पानी, जैसे बुनियादी सुविधाओं के लिए आवेदन आमजनों के द्वारा दिए गए थे, जिसका निराकरण शिविर में लोक समाधान शिविर के नोडल अधिकारी सहित बारी-बारी से विभागीय अधिकारी द्वारा पढ़-पढ़ कर बताया जाता था। कुछ जगहों में जनप्रतिनिधियों के सम्मान को को लेकर भी नारेबाजी भी हुई थी,आरोप भी लगे शासकीय कार्यक्रमों के मंचो पर भाजपा के कार्यकर्ताओं का कब्जा रहता है,कुछ शिविरों में ये दिखा भी,विभागीय अधिकारियों के खिलाफ पर बाकी जगहों में जैसा चलता आ रहा था,तो वैसा चलता रहा।

लोक सुराज समाधान शिविर के आखिरी पड़ाव में ग्राम पंचायत खुरदुर में हुए आवेदनों के निराकरण से संबंधित अधिकतर आवेदनों को पात्र,-अपात्र के आधार पर निराकरण किया गया यह अलग विषय रहा कि जिन आवेदनों का अपात्रों के आधार पर निरस्त किया गया,पात्रों के आधार पर निराकृत किया गया,शिविर में आए हुए अधिकारीयो द्वारा नही बताया गया,मांग व शिकायत को लेकर कुछ प्रशासन वह शासन को प्रेषित किया गया जैसे-तैसे लोक सुराज समाधान शिविर का समापन के बाद कोटा विकासखंड के विभागीय अधिकारियों ने भी चैन की सांस ली। आवेदनकर्ता,जनप्रतिनिधि उपस्थित ग्रामीणों,द्वारा इस बारे में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिली जनप्रतिनिधियों ने इसे समय और पैसे का दुरुपयोग बताया,कुछ जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों द्वारा इसे अधिकारियों के पिकनिक का जरिया बताया अमाली ग्राम पंचायत के आवेदनकर्ता गोकरन ने बताया कि पिछले साल लोक सुराज में लोक सुराज में दिए गए आवेदन का अब तक निराकरण नहीं किया गया है, उसके बाद वर्तमान में दिया हुआ लोक सुराज में आवेदन ग्राम पंचायत व जनपद पंचायत से गायब कर दिया गया है, जिसकी शिकायत मैंने लोक सुराज समाधान शिविर में पहुंची जिला पंचायत सीईओ को बताई जिसके बाद पिछले साल की तरह इस साल भी आश्वस्त किया गया, साथ ही छेरकाबाँधा पंचायत निवासी निवासी पंचराम साहू का भी कहना था की शासन के पैसों का दुरुपयोग किया जा रहा है,जितनी राशि शिविर में संसाधनों के लिए किया जा रहा है, उतनी राशि को पेंशनधारियों को देकर उनकी समस्या दूर हो सकती थी, राजस्व मामले को लेकर उनके द्वारा दिए हुए आवेदन का निराकरण अब तक नहीं हो पाया है ,समाधान शिविर में उपस्थित कुछ बुजुर्ग पेंशनधारियों से बात करने पर पता चला कि पिछले 7 से 8 महीने तक पेंशन अप्राप्त है,कुछ पेंशनधारियों को सरपंच-सचिव द्वारा इसलिए रोक कर रखा गया था के ,अधिकारी तक पहुंच कर शिकायत ना कर दे ,वहीं पर एक बुजुर्ग महिला अपने नाती को लेकर अधिकारियों के समक्ष गुहार लगाया गया कि उसके नाती का पैरों में पोलियो हो जाने से चलने फिरने से परेशानी होती है,एक तरफ शासन व प्रशासन पल्स पोलियो के माध्यम से पोलियो मुक्त प्रदेश वह देश की सपना संजोए बैठा है,वहीं पर 11 महीनों से एक बुजुर्ग महिला अपने नाती के इलाज के लिए लिए गुहार लगा रही थी।जैसा की समाधान शिविर का आयोजन था ,उपस्थित जिला पंचायत सीईओ फरिहा आलम सिद्दीकी द्वारा स्वास्थ्य विभाग के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर व पंचायत सचिव को निर्देशित कर औपचारिकता पूरी कर शिविर का समापन किया।

 

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