कवर्धा मुख्यमंत्री के गृह नगर में अफसरशाही से शिकार किसान ने लगा लिया फाँसी

 

(रवि ग्वाल) कवर्धा- मुख्यमंत्री के गृह जिले में एक और किसान ने प्रशासनिक अफसरशाही से प्रताड़ित होकर रविवार 01 अप्रैल को फाँसी लगाकर आत्महत्या कर लिया बताया जा रहा है कि किसान ने अपने जीवन की सबसे बड़ी खुशी को अंजाम देने अपनी बेटी बेटे की शादी करने की सोच को लेकर अपनी जमीन बिक्री करने पटवारी तहसीलदार के चक्कर लगाकर परेशान और प्रताड़ित था जिसके चलते किसान ने मौत को गले लगा लिया ।

बोड़ला ब्लॉक के ग्राम खड़ौद खुर्द निवासी सुशील महोबिया पिता मनोहर राम उम्र 40 वर्ष किसान ने अपने बेटी और बेटे की शादी 24 अप्रैल को तय कर पैसों की कमी और धूमधाम से शादी करने को लेकर अपनी जमीन बेचनी चाही थी साथ ही जमीन खरीदने वाला व्यक्ति भी जमीन पसंद कर पैसे नामकरण के बाद देने को तैयार था मगर कुछ अफसर शाही वाले अधिकारी कर्मचारी पटवारी तहसीलदार को गवारा नही था शायद मृत किसान की खुशी जिसके चलते जमीन बिक्री की प्रक्रिया में लेट लतीफी करते चले गए और सुशील महोबिया को परेशान जिसके चलते किसान ने मौत को ही गले लगा लिया मगर कुछ जानकारियां सामने यह भी आ रही है कि अफसरशाही लेटलतीफी और परेशान करने के चलते कमीशन का खेल था जिसके चलते किसान की जमीन बिक्री में लेटलतीफी हुआ था और कमीशन नही देने के चलते जिम्मेदार प्रशासनिक लोगों ने बार बार चक्कर लगवाया जा रहा था मगर घूसखोरी नही मिलने के चलते किसान की मजबूरी को दरकिनारे कर दिया जाता रहा था जिसका खामियाजा आज किसान को अपनी मौत देकर चुकानी पड़ी है साथ ही कुछ स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि जबतक पैसे नही दो तबतक यहाँ जमीन बिक्री तो दूर की बात कोई भी प्रमाण पत्र नही मिलता और नाही बनवाया जा सकता हैं ।

लोक सुराज में नही हुआ निराकरण- एक ओर राज्य सरकार अपनी गुड़गान भी यह कर ही रहा है कि हम गाँव गाँव में शिविर का आयोजन कर लोगों की समस्या का तुरन्त निपटारा कर रहे है मगर यह घटना प्रशासनिक लोगों की सुस्ती के चलते नाकारा साबित हो रहा है क्योंकि जानकारी मिली है कि किसान ने अपनी जमीन बिक्री की समस्या को लेकर आचानकपुर में लगे लोक सुराज शिविर में भी आवेदन प्रस्तुत किया था मगर उसमे भी लेट लतीफी का सामना किसान को करना पड़ा ।

दूसरी ओर जनता कांग्रेस जोगी के कवर्धा विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष सुनील केशरवानी ने किसान की खुदखुशी और होने वाली शादी को मातम में बदले का कारण प्रशासनिक अफरशाही को बताया है और जल्द से जल्द पीड़ित परिवार को न्याय और मुआवजा देने की बात को बोलते हुए प्रशासन की ओर तीर खिंच लिया है साथ ही मुआवजे के तौर पर 50 लाख रुपया देने के साथ साथ किसान की मृत्यु के जिम्मेदार आरोपी प्रशासनिक लोगों को भी सजा मिलनी चाहिए कि बात को लेकर अड़ गए है साथ ही अगर जल्द ही यह समस्या नही निपटाया जाता तो मैं सुनील केशरवानी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जोगी कवर्धा विधानसभा के साथ साथ पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के जनता कांग्रेस जोगी उग्र आंदोलन करेंगे और आगे की होनी अनहोनी की जिम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ जिला प्रशासन और राज्य भाजपा सरकार के मुखिया डॉ. रमन सिंह की होगी ।

error: Content is protected !!