राजस्व के जिम्मेदार अधिकारियो की मनमानी से फिर छला गया किसान

०० शासन प्रशासन के उदासीन रवैया के चलते आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो रहे हैं किसान

०० पटवारी की गलती से सूखा राहत का मुआवजा नहीं मिल रहा किसान को

रायपुर| शासन के राजस्व विभाग के अधिकारियो द्वारा किसानो को छलने का काम बदस्तूर जारी है, जिसका एक बड़ा मामला सामने आया है धमतरी जिले के मगरलोड तहसील के ग्राम पंचायत राजपुर में जहां एक पटवारी के गलती ने किसानो के सामने भूखो मरने की स्थिति में ला खड़ा कर दिया है ग्राम राजपुर निवासी मन्नूराम साहू ने बताया कि वह गांव का रहने वाला है और गांव में कृषि कार्य करके अपने और अपने परिवार का भरन पोषण करता है| खरीफ सीजन में जो फसल बोया गया है पानी नहीं गिरने से फसल पूरी तरह से नष्ट हो गया है खाने के लाले पड़े है परिवार में 4 लोग है जिसकी भरण पोषण की पूरी जिम्मेदारी मेरे ऊपर है गांव में किसानी के अतिरिक्त कोई अन्य काम भी नहीं है 2 वर्ष से अधिक समय से रोजगार गारंटी योजना भी चालू नहीं है जिससे परिवार चलाना बड़ा मुश्किल हो गया है| अधिकारियों के चक्कर लगाते बहुत दिन हो गया है अब बड़ा सवाल यह है कि एक सर्वे करने वाले अधिकारी क्या बिना जमीन देखे सर्वे किया है या फिर यूँ कहे सर्वे करने के समय किसानो से बात नहीं कर पाई था पूरा खेल पटवारी हल्का नंबर 4 में पदस्थ अधिकारी ने अपने पद और पावर का खुलकर उपयोग किया है वही ग्रामीण किसान ने बताया कि जब मुआवजा की बात करने पटवारी के पास गए थे तो उन्होंने कही भी जाओ कही भी शिकायत करो मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है कहकर भगा दिया जाता है| सेवा सहकारी समिति मोहदी के सदस्य सिन्हा के मुताबिक गांव में 400 लगभग किसान है जिसमे बहुत सारे किसान ऎसे है जो एक बीजा भी धान नहीं उगा पाए है उन्ही में से मन्नू साहू भी है जो कुछ भी फसल नहीं ले पाया है उसका पूरा फसल बर्बाद हो गया था ऎसे किसानो का नाम पटवारी द्वारा नहीं देना समझ से परे है पटवारी के गलती ने किसानो के सामने भूखो मरने की स्थिति में ला दिया है उनके ऊपर कार्यवाही होनी चाहिए चाहे जो भी दोषी हो।

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