दवाओं के रैपर और छत्तीसगढ़ भवन का टिना भी भाजपा के रंग में रंग डाला : कांग्रेस

०० सत्ता और सरकार की विभाजन सेवा समाप्त करने की भाजपा अपराधी है

०० भाजपा की साजिशों का छत्तीसगढ़ और देश की जनता मुंह तोड़ जवाब देगी

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में 2018 में विधानसभा चुनावों और 2019 में लोकसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी बेहद असुरक्षित और भयभीत है। भाजपा की वादाखिलाफी से लोग नाराज है किसानों, मजदूरों, गरीबों, छात्रों, बेरोजगारों, युवाओं, महिलाओं से हर वर्ग से दफ्तर सरगुजा और मैदानी इलाकों के रहवासियों से, शहरी आबादी से, गांवों में रहने वालों से, भाजपा ने छल किया है। व्यापारी वर्ग भी भाजपा की व्यापार उद्योग विरोधी नीतियों के कारण निराश है और दुखी है। इसे देखते हुये भय के चलते भाजपा ने साजिशों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। भाजपा सत्ता और सरकार की बीच की विभाजन रेखा समाप्त करने की अपराधी है। केन्द्र सरकार की परियोजना से आने वाली दवाओं के रेपर भाजपा के झण्डे के रंग में बनाये जा रहे है। भाजपा के रंग में भी दवाओं के रैपर में बड़े अक्षरों में लिखा जा रहे है। दिल्ली में सुरक्षा के लिये छत्तीसगढ़ भवन के चारो ओर टिन लगी हुयी है। उस टिना को भी रमन सिंह की सरकार ने भाजपा के रंग में पोत दिया गया है।

शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि रायपुर में कमल विहार भाजपा के चुनाव चिन्ह के नाम से विवादस्पद कालोनी बनाया जाना बुहत पुरानी बात है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार लगातार सरकारी धन का दुरूपयोग अपने प्रचार के लिये कर रही है जिसके चलते जनता में बहेद नाराजगी है। भाजपा के राजनैतिक प्रचार के लिये सरकारी धन का दुरूपयोग करना, सरकारी प्रतिष्ठनों में भाजपा के झण्डे का रंग लगना, सरकारी दवाओं में भाजपा के झण्डे के रंग लगाना बेहद आपत्तिजनक है गलत है सरकारी धन के प्रचार का दुरूपयोग है। सरकारी और कर्मचारियों पर भाजपा के कार्यकर्ताओं की तरह काम करने के लिये दबाव डाला जा रहा है। आरएसएस की स्कूल सरस्वती शिशु मंदिर के दफ्तर में विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक बुलाई जाती है। देश के अन्दर आरएसएस एक एक्स्ट्रा कान्सटीट्यूशन आथोरिटी बन चुका है। सरकारी तबादले, ठेके, लेनदेन, नियुक्तियां सब कुछ आरएसएस के दफ्तरों में तय होता है। आरएसएस एक एक्स्ट्रा काॅन्सटीट्यूशन आथोरिटी के रूप में काम कर रहा है जो चिंताजनक है। भाजपा की सरकारों ने एक ओर आरएसएस एक एक्स्ट्रा काॅन्सटीट्यूशन आथोरिटी की भूमिका को बढ़ावा दिया है दूसरी ओर सरकारी तंत्र के भाजपाई करण का अपराध किया है। 2018 नंवबर में छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने जा रहे है। 2019 में पूरे देश में लोकसभा के चुनाव होने है। ऐसे समय में स्वास्थ्य जैसे गंभीर मामले में दवाओं के रेपर पर भाजपा का रंग लगाना भाजप लिखना लोकतंत्र के खिलाफ षडयंत्र है। ये लोकतंत्र के मूलभूत सिद्धांतो के खिलाॅफ है और भाजपा के द्वारा अपने प्रचार के लिये सरकारी धन के दुरूपयोग का मामला है। 108 जैसी जनकल्याणकारी परियोजना कांग्रेस की यूपीए सरकार ने लायी थी। मरीजो को एम्बुलेंस की सुविधा दी लेकिन उसमें कहीं कांग्रेस के झण्डे का रंग नहीं लगाया गया, कहीं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का फोटो भी नहीं लगाया लेकिन भारतीय जनता पार्टी अपने झण्डे के रंग में सरकारी भवनों को सरकारी दवाओं को रंगकर सरकारी धन का अपनी पार्टी के प्रचार की दुरूपयोग कर रही है। कांग्रेस पार्टी इस पूरे मामले की निर्वाचन आयोग से शिकायत करेगी। हाल ही में चुनाव आयोग से पहले कर्नाटक चुनावों की घोषणा का जो मामला हुआ, उससे स्पष्ट है कि संवैधानिक संस्थाओं को भाजपा की सरकार ने बहुत निष्पक्ष नही रहने दिया है। कांग्रेस विपक्ष अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुये और निर्वाचन आयोग और जरूरत होने पर अदालत भी जायेगी। सबसे बड़ी जनता की अदालत तो है ही जनता इस बारे में सही फैसला लेगी कि इस तरीके से सरकारी धन का अपने प्रचार का दुरूपयोग करके भाजपा देश के साथ धोखाधड़ी कर रही है। भाजपा की इन साजिशों का समय आने पर छत्तीसगढ़ और पूरे देश की जनता मुंह तोड़ जवाब देगी।

 

 

 

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