मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में की घोषणा

 

कांकेर-कोण्डागांव के लिए डीएमएफ के तहत बनेगी एक अरब रूपए की कार्य योजना

सौभाग्य योजना में घरों को बिजली कनेक्शन देने हेतु युद्धस्तर पर काम करने के दिए निर्देश

कोण्डागांव, दिनांक 27 मार्च 2018

(कोंडागांव) मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश के नक्सल प्रभावित कांकेर और कोण्डागांव जिलों में जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) की राशि से 100 करोड़ रूपए मंजूर करने की घोषणा की है। उन्होंने अधिकारियों को दोनों जिलों में इसके लिए पचास – पचास करोड़ रूपए की कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। यह कार्ययोजना वर्ष 2018 से 2022 तक चार वर्ष के लिए होगी। डॉ. सिंह ने कहा कि यह राशि स्कूल भवन, सामुदायिक भवन, सड़क और अस्पताल जैसी आधारभूत संरचनाओं के निर्माण पर खर्च की जाएगी। मुख्यमंत्री ने दिनांक 26 मार्च 2018 की संध्या को लोक सुराज अभियान के तहत जिला मुख्यालय कांकेर में आयोजित दोनों जिलों की संयुक्त समीक्षा बैठक में इस बारे में अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत पेंशन योजनाओं में भुगतान में विलंब नहीं होना चाहिए।

डॉ. सिंह ने गर्मी के मौसम में गांवों और शहरों में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था बनाए रखने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दोनों जिलों में स्वीकृत जिन नल-जल योजनाओं का काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है, उन्हें तत्काल शुरू किया जाए और विलंब के लिए जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाए। डॉ. सिंह ने बैठक में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत रसोई गैस कनेक्शन वितरण, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान स्वीकृति, सूखा प्रभावित किसानों को मुआवजा वितरण स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत स्मार्ट कार्ड वितरण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। इस मौके पर उन्होंने लोक सुराज अभियान के तहत दोनों जिलों में प्राप्त आवेदनों और उनके निराकरण की भी समीक्षा करते हुए कहा कि प्रत्येक विभाग के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके विभाग के जिला, विकासखण्ड और ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यरत प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी ग्राम सभाओं में तथा अन्य अवसरों पर भी लोगों को अपनी विभागीय योजनाओं के बारे में बताएं और उन्हें योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित करें।

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रधानमंत्री सहज बिजली-हर घर योजना (सौभाग्य) के तहत दोनों जिलों के सभी अविद्युतीकृत घरों को बिजली का कनेक्शन देने के लिए युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश देते हुए कहा कि माह जून तक जिला कोण्डागांव अंतर्गत बचे हुए 20 हजार घरो में बिजली पहुंचाई जायेगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत मरम्मत की आवश्यकता वाले सड़कों को मानसून के पहले तक मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही असंगठित श्रमिकों को श्रम विभाग की योजनाओं के तहत सायकिल और सिलाई मशीन सहित अन्य सामग्री वितरण के लिए विशेष शिविर भी लगाने के निर्देश दिए।

बैठक में कोण्डागांव जिले के कलेक्टर नीलकंठ टेकाम ने बताया कि लोक सुराज अभियान 2018 लक्ष्य समाधान के तहत जिले में 62006 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 61 हजार 663 आवेदनों का निराकरण कर लिया गया। उन्होंने बताया कि राशन कार्ड के 6 हजार 401, भूमि सुधार के 6 हजार 269, हैण्डपंप के 952 वृद्धावस्था सहायता के तहत 700, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 1 हजार 282, सीमांकन, नामांकन और बटवारा के 272 आवेदनों का निराकरण शामिल है।

समीक्षा बैठक में लोकसभा सांसद विक्रम उसेंडी, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव बी.व्ही.आर. सुब्रमण्यम, लोक निर्माण विभाग के सचिव सुबोध कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक ए.एन. उपाध्याय, जनसम्पर्क विभाग के विशेष सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो, बस्तर संभाग के कमिश्नर दिलीप वासनीकर, कलेक्टर कांकेर टी.एस. सोनवानी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।, और संभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।

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