लोक सुराज अभियान 2018 मस्सुकोकोड़ा सुराज शिविर में 988 आवेदनों का हुआ निराकरण

 

भारी संख्या में ग्रामीणों ने उपस्थित होकर समाधान में रुचि दिखाई

भरत भारद्वाज (कोण्डागांव) विकासखण्ड केशकाल के ग्राम मस्सुकोकोड़ा में समाधान शिविर का आयोजन किया गया था। शिविर में जनजागरुकता दर्शाते हुए महिलाओं की अपेक्षाकृत अधिक भीड़ दिखी। इस मौके पर संभागायुक्त दिलीप वासनीकर एवं कलेक्टर नीलकंठ टीकाम की उपस्थिति में कुल 988 आवेदनों का समाधान प्रस्तुत किया गया। उल्लेखनीय है कि इस शिविर में ग्राम पंचायत मस्सुकोकोड़ा अंतर्गत सम्मिलित ग्राम बेड़मा,चारभाटा,खेतरपाल, पीपरा, नयानार, बड़ेठेमली, आंवराभाटा, खुंटपदर, बहीगांव क्लस्टर शामिल थे।
कमिश्नर दिलीप वासनीकर ने इस मौके पर ग्रामीण समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि समाज की अंतिम तबको और दूरस्थ ग्रामों तक योजनाओं का उचित क्रियान्वयन का लाभ देना लोक सुराज अभियान का मुख्य मकसद है। शासन की व्यापक संवेदनशील सोच और मार्ग दर्शन से यह संभव हुआ है कि आज दूर-दराज के गांव विकास की मुख्य धारा में जुड़ गए है। अतः ग्रामीण बेबाकी से अपनी समस्याओं और मांगो से विभागों को अवगत कराये। अधिकारियों को नसीहत देते हुए उन्होंने कहा कि शासन की किस योजना से कौन सा व्यक्ति या समूह किन अर्हताओं से लाभान्वित हो सकता है। इसकी विस्तारपूर्वक जानकारी लोगो को अवश्य देवे। अंत में स्थानीय महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता की दिशा में उन्होंने जो कदम बढ़ाया है उससे पीछे ना हटे बल्कि उत्साहपूर्वक अन्य महिलाओं को भी प्रेरित करें। इस अवसर पर जिला कलेक्टर नीलकंठ टीकाम ने शिक्षा, स्वास्थ्य एवं स्व-रोजगार के अलावा पोषण के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए कहा कि पोष्टिक आहार प्राप्त न हो तो बच्चों में कुपोषण का खतरा बढ़ जाता है और यह पाया गया है कि पालको द्वारा आंगनबाड़ी में अपने बच्चों को नियमित नहीं भेजा जा रहा है जबकि आंगनबाड़ी केन्द्रो में रेडी-टू-ईट के माध्यम से बच्चों को कुपोषण के खतरे से दूर रखा जा सकता है। उन्होंने सभी महिलाओं से अपील किया कि वे अपने जान-पहचान के सभी बच्चों को आंगनबाड़ी केन्द्र भेजने के लिए प्रेरित कर उन्हें पौष्टिक आहार का सेवन सुनिश्चित कराये।

तीन हितग्राहियों को मिला चेक, 6 महिलाओं को मिला गैस सिलेण्डर

शिविर में राष्ट्रीय परिवार सहायता योजनांतर्गत समाज कल्याण विभाग द्वारा तीन हितग्राहियों को 20-20 हजार का चेक दिया गया। वहीं 6 महिलाओं को उज्जवला योजनांतर्गत गैस स्टोव एवं सिलेण्डर मिले। महिलाओं ने कमिश्नर एवं कलेक्टर से वादा किया कि वे पहले सिलेण्डर का सुरक्षित इस्तेमाल सीखने के बाद ही इसका उपयोग करेंगी। इसी प्रकार चेक राशि प्राप्त महिलाऐं जयवती, धनई बाई एवं पुष्प लता ने चेक प्राप्त होने पर शासन का आभार जताया। उन्हें भी संभागायुक्त ने उक्त राशि को बैंक में रखकर उपयोग करने की सलाह दी। उक्त शिविर में 988 प्रकरणों का निराकरण पढ़कर अधिकारियों द्वारा सुनाया गया। इसके अलावा 55 व्यक्तियों के आधारकार्ड, 115 हितग्राहियों को स्मार्ट कार्ड एवं 25 ग्रामीणों के राशन कार्ड भी स्वीकृत किए गए। महिला बाल विकास विभाग के तत्वाधान में इस शिविर में 5 बच्चों को अन्न प्राशन भी आगन्तुक अतिथियों द्वारा सम्पन्न कराया गया।
उक्त शिविर में जिला पंचायत सदस्य लददु राम उईके, सीईओ जनपद पंचायत आर.बी.ध्रुव सहित विभिन्न गांव के सरपंच उपस्थित थे।

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