आरोपी के बच्चों को मिला देवतुल्य सम्मान, देखने को मिली  बिलासपुर पुलिस की संवेदना

०० बिलासपुर पुलिस ने दिखाई आरोपी के तीन बच्चो के लिए अपनापन

करगीरोड कोटा| कर्म करने वाला तो कर्म कर देता है लेकिन भोगना किसी और होता है, कर्म को कोई नही रोक सकता उसी प्रकार कोटा पुलिस व बिलासपुर की अहम भूमिका आज देखने को मिला। विधान को किसी न किसी रूप में पूरा करा ही लेता है इसके लिए माध्यम कोई भी हो सकता है। यहां उस विधान को पूरा करने का जिम्मा मिला बिलासपुर पुलिस को जिसे जिले की पुलिस ने पूरी तन्मयता के साथ निभाया।
मामला है बिलासपुर पुलिस की मानवीय संवेदना का यह चेहरा हम सबके लिए नया नही पहले भी यहां की पुलिस ने कई अच्छी मिसाल पेश की है। उक्त मामले में पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने के मुख्य आरोपी उत्तम पाव को गिरफ्तार करने के बाद उसे जेल भेज दिए गए। वही उसके   तीन बच्चों को पुलिस का दुलार मिला है। मासूम बिटिया की पूजा,नए कपड़े व भोजन देकर पुलिस ने बच्चों के मर्म को साझा किया है।  दरअसल बीते 23 मार्च को बेलगहना के पहंदा में छेड़छाड़ के आरोपी उत्तम पाव के प्रति 354 की धारा लगी हुई थी। उसी को पकड़ने गयी पुलिसटीम पर उत्तम व उसके परिवार वालों ने जानलेवा हमला कर दिया था। घटना के बाद आरोपी परिवार के साथ फरार हो गया था। इस दौरान उत्तम के किये का सज़ा उसके तीन बच्चों को भी भुगतना पड़ा।फरारी के दौरान उत्तम अपने 8-9 साल के दो बेटे व एक 5 वर्षीय मासूम बेटी को भी साथ ले गया था। जो तीन दिन बिना खाये पिये दर-दर जंगल की ठोकर खाते रहे और पिता की करतूत की सज़ा पाते रहे। आज जब पुलिस ने उत्तम को गिरफ्तार किया,उसके मासूम बच्चों का मर्म बिलासपुर पुलिस ने देखा। एएसपी अर्चना झा ने जहां भूखे बच्चों को खाना खिलाया, नए कपड़े दिलाये वहीं 5 वर्षीय मासूम बिटिया की कन्या पूजा भी की। एसडीओपी विश्वदीपक त्रिपाठी कोटा पुलिस सहित बेलगहना व कोटा थाने के अन्य पुलिसकर्मी व स्टाफ भी उक्त संवेदना के परिचायक बने।

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