संयुक्त सचिव ने ली विभागो की समीक्षा बैठक

 

योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए  दिये दिशा निर्देश

भरत भारद्वाज (कोण्डागांव) कलेक्ट्रेट के सभा कक्ष में संयुक्त सचिव गृह मंत्रालय भारत सरकार दिलीप कुमार की अध्यक्षता में विभागीय योजनाओ के संबंध में आवश्यक बैठक रखी गई थी। इस दौरान जिला कलेक्टर नीलकण्ठ टीकाम, पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डाॅ0 संजय कन्नौजे, वनमण्डलाधिकारी अनुराग श्रीवास्तव, एसडीएम खेमलाल वर्मा, सहित सभी विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में पावर पाईट प्रजेन्टेशन के माध्यम से जिले में विभागीय योजनाओ के क्रियान्वयन एंव प्रगति के संबंध में संयुक्त सचिव का अवगत कराया गया। संयुक्त सचिव दिलीप कुमार ने इस दौरान कहा कि नीति आयोग के तहत पूरे देश के 115 अति पिछडे़ जिलो मे जिला कोण्डागांव भी सूची में शामिल है। इन चिन्हाकिंत पिछड़े जिलो के लिए कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, स्वच्छता, आजीविका, पर्यावरण संबंधी विकास सूचकांक तैयार किये गये है। चूकिं इन ग्रामीण क्षेत्रो में अधोसंरचना विकास के साथ साथ समस्त बिन्दुओ पर समावेशी विकास की परिकल्पना की गई है नीति आयोग द्वारा इन्ही विकास बिन्दुओ के पैमाने के आधार पर जिलो की रैंकिग तय की जावेगी और इस रैंकिग को आॅनलाईन देखा भी जा सकता हैं। यह इस आकलन के लिए पर्याप्त होगा कि हमें किन किन क्षेत्रो में अधिक प्रभावशाली तरीके से प्रदर्शन करना होगा इसके लिए 2022 तक की समय सीमा भी निर्धारित की गई है। इसका उद्देश्य संवेदनशील आदिवासी अंचलो मे जनसुविधा के ऐसे कार्य कराने है जिससे सामान्य जन को सीधा लाभ पंहुचे इसके अन्तर्गत ग्रामो में शाला, आंगनबाड़ी, भवन, छोटे पुल पुलिया, मार्ग निर्माण, पेयजल सुविधा के कार्य, ग्रामीण विद्युतिकरण, उन्नत कृषि इत्यादि कार्यो पर फोकस किये जाने है। इसके साथ ही उन्होने समस्त योजनाओ के क्रियान्वयन पर आ रही बाधाओ की भी जानकारी चाही।

जिला कलेक्टर नीलकण्ठ टीकाम ने बैठक में समस्त विभाग की कार्यरत योजनाओ का ब्योरा देते हुए कहा कि जिले में कई विभागो की हितग्राही मूलक योजनाओ का समन्वय कर नई रणनीति तैयार की गई है जैसे स्वास्थ्य एंव महिला बाल विकास अन्तर्गत महिलाओ एंव बच्चो पर केन्द्रित योजनाओ से दोनो विभागो को जोड़ दिया गया है। दोनो विभाग के मैदानी कर्मचारियों द्वारा संयुक्त रूप से बच्चो महिलाओ गर्भवती एंव शिशुवती माताओं की देखरेख संबंधी गतिविधियों का संचालन किया जा रहा हैै इसके अलावा जिले को कुपोषण से मुक्त कराने के दिशा में मुख्यालय में ही जिला सुपोषण केन्द्र प्रारंभ किया गया है जहां जिले के दूरस्थ ग्रामो के कुपोषित बच्चो को उनके पालको सहित रख कर उन्हे कुपोषण से मुक्त किया जा रहा है और इसके उत्साह जनक परिणाम भी प्राप्त हुए हैं।इसके अलावा जिला प्रशासन ने मैदानी जरूरतो को चिन्हाकिंत कर उनके अनुरूप नीतियां और योजनाये बनाने की दिशा में कार्य प्रारभं कर दिया है और प्रत्येक गतिवधि का लक्ष्य योजनाओ के जनकल्याणकारी स्वरूप को तय करने के साथ साथ उसे पात्र हितग्राही तक पंहुचाने की पुख्ता व्यवस्था की जा रही है कुल मिलाकर इन कार्यो से जंहा क्षेत्र में विकास की गति अप्रत्याशित रूप से बढ़़ी है वहीं ग्रामीण जनमानस में इन जनपयोगी कार्य की स्वीकृति से शासन के प्रति विश्वास की भावना में वृद्धि हुई है। इसके साथ ही बैठक मे स्वास्थ्य विभाग आदिमजाति, विद्युत, लोकस्वास्थ्य यांत्रिकी, कृषि, पीडब्लूडी, उद्यानिकी, क्रेडा, पशुपालन, विभागो द्वारा विभाग से संबंधित अद्यतन जानकारियों से अवगत कराया गया।

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