सशर्त वोट पुनिया को नही स्वीकार, जोगी ने नही डाला वोट

०० अमित की थी शर्त, कांग्रेस प्रदेश प्रभारी जोगी पर की गई टिप्पणी पर मांगे माफी फिर मिलेंगे  प्रत्याशियों को तीन वोट

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में राज्य सभा चुनाव का परिणाम सब जानते है। जोगी के समर्थक विधायक के वोट से यह परिणाम प्रभावित नही होता था किन्तु अमित जोगी ने स्वयं पहले कांग्रेस के उम्मीदवार को समर्थन किया था। बाद में यह समर्थन सशर्त हो गया। शर्त यह थी कि प्रदेश प्रभारी जोगी पर की गई टिप्पणी पर माफी मांगे तब उनके प्रत्याशियों को तीन वोट हासिल हो गए। कांग्रेस के राज्य प्रभारी पी एल पुनिया ने अमित जोगी की शर्त नही मानी और उन्होंने माफी भी नहीं मांगी।

राज्यसभा चुनाव का मतदान धीरे-धीरे पुरा होता गया और चार बजे तक अमित जोगी सीयाराम कौशिक एवं राय वोट देने नही पहुंचे। कांग्रेस के पास अमित जोगी सहित 39 विधायक है। जिसमें से कांग्रेस को तीन वोट कम मिला। पुनिया एवं अमित जोगी के बीच कोई सीधी बात तो नही हुई किन्तु जो कुछ हुआ उससे यह लगता है कि जोगी और कांग्रेस की दूरी लगातार बढ़ गई है। छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस का हाई कमान कांग्रेस के प्रभारी से माफी मंगवाकर स्वयं को बड़ा बनाता है और कांग्रेस को उससे कोई लाभ भी नही  होता। पुनिया जोगी की इस दबाव की राजनीति को पूर्व से जानते है। जिन वोट के मिलने या न मिलने से परिणाम नही बदलता उनकी बाजार किमत कम होती है। कांग्रेस का वर्तमान नेतृत्व छत्तीसगढ़ में झुककर न चलने के फैसले पर अडिग है। यदि प्रदेश नेतृत्व और हाईकमान को गठजोड़ करना भी पड़ेगा तो वह गठजोड़ अन्य छोटे राजनैतिक दलों से हो सकता है। छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस ज्यादा से ज्यादा लेने के फेर में रहेगी और उनका नेता पार्टी में सिर्फ विवाद के लिए जाना जाता है। ऐसे में जोगी की ओर से सर्शत बढ़ा हाथ पुनिया ने बिना भाव के झटक दिया।

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