स्कूल के करीब शराब दुकान का विरोध करने पहुचे ग्रामीण

बिलासपुर। एक तरफ तो प्रदेश सरकार बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य की चिंता की बांतें कहती है वहीं स्कूलों के पास शराब दुकाने खोलना सरकारी की दोहरी नीति को दिखाती है। नौनिहालों के भविष्य से खिलवाड़ का ऐसा ही एक मामला कोटा जनपद पंचायत के बेलगहना में देखने को मिला है। जहां क्षेत्र के ही एक प्राथमिक स्कूल के पास शराब दुकान का निर्माण कराया जा रहा है। जिसकी दूरी स्कूल से महज 50 मीटर की है। इस शराब दुकान के करीब दो आंगनबाड़ियां भी हैं। जहां छोटे छोटे बच्चे खेलने और पढ़ने आते हैं। स्कूल और आंगनबाड़ी में कुल मिलाकर करीब 100 अध्ययनरत हैं। इसकी शिकायत वहां के सरपंच और ग्रामीणों ने पूर्व में कई बार की जा चुकी है। लेकिन अभी तक प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंगी है। इस शिकायत को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले को जनपद पंचायत कोटा के संज्ञान में लाया गया है। लेकिन अभी तक इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नही मिली है जिससे ग्रामीणों में विरोध पनप रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल और आंगनबाड़ी होने के बाद भी षराब दुुकान खुलना प्रषासन की लापरवाही को उजागर करता है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से शिकायत में कहा है कि इस क्षेत्र की लगभग 500 और 40 आवासीय मकान है, जहां से महिलाओं और बच्चों का आना जाना रहता है। शराब दुकान के खुल जाने से क्षेत्र की शांति खत्म हो जायेगी और अपराधिक तत्वों से परेशानियां बढ़़ जायेगी। बुधवार को कलेक्टोरेट पहंुची महिलाओं ने इस षराब दुकान को कहीं और खोलने की बात कहीं। और प्रषासन से मांग की इस मामले में जल्द निवारण न होने पर विरोध प्रदर्षन किया जायेगा।

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