दुनिया में जब तक वन, तब तक जीवन: डॉ. रमन सिंह

०० मुख्यमंत्री ने विश्व वानिकी दिवस पर सभी लोगों से की जंगल बचाने की अपील

०० छत्तीसगढ़ के हरे-भरे जंगल वनवासियों की आजीविका का महत्वपूर्ण जरिया

रायपुर| मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह  ने कल 21 मार्च को विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर सभी लोगों से पेड़-पौधों और जंगलों को बचाने के लिए सजग रहने का आग्रह करते हुए सक्रिय सहयोग की अपील की है। उन्होंने विश्व वानिकी दिवस की पूर्व संध्या पर आज यहां जनता के नाम जारी शुभकामना संदेश में कहा है कि दुनिया में जब तक वन हैं, तब तक जीवन है।
डॉ. सिंह ने कहा कि वनों के बिना मानव जीवन और प्राणी-जगत के जीवित रहने की कल्पना भी नहीं की जा सकती। इसलिए जंगलों की रक्षा और नये लगाए जाने वाले पेड़-पौधों की सुरक्षा हम सबकी नैतिक-सामाजिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारी है।देश और दुनिया में स्वस्थ और स्वच्छ पर्यावरण के लिए और मौसम तथा जलवायु का संतुलन बनाए रखने के लिए भी यह बहुत जरूरी है। डॉ. सिंह ने कहा – छत्तीसगढ़ का यह सौभाग्य है कि बहुमूल्य वन सम्पदा, जैव विविधता और वनौषधियों की दृष्टि से छत्तीसगढ़ के हरे-भरे जंगल काफी समृद्ध हैं। हमारे वन क्षेत्र  लाखों वनवासी परिवारों के लिए आजीविका का भी एक महत्वपूर्ण जरिया है। तेन्दूपत्ता, साल-बीज, चिरौंजी, इमली, आंवला, हर्रा, बहेड़ा आदि लघु वनोपजों के संग्रहण से उन्हें हर साल मौसमी रोजगार मिलता है। वनों में आयुर्वेदिक दृष्टि से उपयोगी जड़ी-बूटियों का भी अनमोल खजाना है। मुख्यमंत्री ने गर्मी के इस मौसम में वनों को आग से बचाने का भी आव्हान किया है| मुख्यमंत्री ने आगे कहा – आधुनिक युग में तेजी से हो रहे शहरीकरण, सड़कों के चौड़ीकरण, बड़ी संख्या में आवासीय कालोनियों के निर्माण और औद्योगिक विकास के फलस्वरूप पूरी दुनिया में जंगल कम हो रहे हैं, जो सम्पूर्ण मानव समाज के लिए गंभीर चिंता, चिंतन और चुनौती का विषय है।जनसुविधाओं के विकास के लिए जितने वृक्षों की कटाई जरूरी होती है, उतनी ही संख्या में नये पेड़-पौधे लगाकर उनकी बेहतर देखभाल की जानी चाहिए। इसी उद्देश्य से देश और राज्य में क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण की योजना भी चल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा – वनों पर जनसंख्या का दबाव कम करने के लिए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना जैसी महत्वपूर्ण योजना भी केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई है। इस योजना के तहत पूरे देश में गरीब परिवारों की पांच करोड़ महिलाओं को रसोई गैस कनेक्शन दिए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भी यह योजना करीब डेढ़ साल पहले अगस्त 2016 में शुरू की गई और अब तक 35 लाख के लक्ष्य के विरूद्ध राज्य में 18 लाख से ज्यादा महिलाओं को सिर्फ 200 रूपए के पंजीयन शुल्क पर रसोई गैस कनेक्शन, डबल बर्नर चूल्हा और पहला भरा हुआ सिलेण्डर निःशुल्क दिया जा चुका है। डॉ. रमन सिंह ने कहा – संयुक्त वन प्रबंधन योजना के तहत वनों की रक्षा में जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ में ग्रामीणों की सात हजार 887 वन प्रबंधन समितियों का गठन किया गया है। ये समितियां वन क्षेत्रों की सीमा के पांच किलोमीटर भीतर स्थित 11 हजार 185 गांवों में बनायी गई है। इनमें 27 लाख 63 हजार ग्रामीण सदस्य के रूप में शामिल हैं। इन  समितियों में महिला सदस्यों की संख्या 14 लाख 36 हजार के आस-पास है। समितियों के इन सभी 27 लाख से ज्यादा सदस्यों को प्रदेश के कुल वन क्षेत्र का लगभग 55 प्रतिशत अर्थात् 33 हजार 190 वर्ग किलोमीटर के वनों की रक्षा और उनके रख-रखाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

 

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