मुख्यमंत्री अचानक पहुंचे नक्सल प्रभावित कोण्डागांव जिले के ग्राम पुसापाल – पेड़ की डाल पर खेल रहे बच्चों से मिलाया हाथ

 

अपने घर आंगन में मुख्यमंत्री को देख चकित रह गए घासुराम नेताम का परिवार

आदिवासी किसान परिवार ने मक्के के दानों से किया मुख्यमंत्री का स्वागत

डॉ. सिंह ने किया महिलाओं द्वारा संचालित राशन दुकान का निरीक्षण – मिट्टी तेल टैंकर भी स्वीकृत

मुख्यमंत्री ने रायसिंग के खेत में जाकर समतलीकरण का काम भी देखा

भरत भारद्वाज (कोण्डागांव) लोकसुराज अभियान के तीसरे चरण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज प्रदेशव्यापी लोक सुराज अभियान के आठवें दिन राज्य के नक्सल प्रभावित कोण्डागांव जिले के ग्राम पुसापाल (विकासखंड-माकड़ी) का अचानक दौरा किया। उन्होंने वहां बरगद की घनी छांव में आयोजित चौपाल में विभिन्न शासकीय योजनाओं के बारे में ग्रामीणों से बातचीत की। गांव मे पैदल भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री एक जगह पेड़ की डाल पर खेल रहे बच्चों को देखकर ठहर गए और हाथ मिलाकर उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा। डॉ. सिंह ने कहा-इन बच्चों से मिलकर मुझे भी अपना बचपन याद आ गया। उन्होंने गांव की राशन दुकान का भी निरीक्षण किया और इस दुकान का संचालन कर रहे महिला स्वसहायता समूह की सदस्य महिलाओं के आग्रह पर मिट्टी तेल टैंकर की स्वीकृति तुरंत प्रदान कर दी। चौपाल में मुख्यमंत्री ने पुसापाल के ग्रामीणों के आग्रह पर महिला मंगल भवन निर्माण के लिए पांच लाख रूपए, ग्राम पंचायत मुख्यालय पुसापाल और आश्रित गांव कोटवेल में सीसी रोड निर्माण के लिए पांच-पांच लाख रूपए तत्काल मंजूर करने की घोषणा की। उन्होंने भूमि 15 किसानों के खेतों में भूमि समतलीकरण के लिए भी अपनी स्वीकृति तत्काल प्रदान कर दी। इसके साथ ही उन्होंने एक ग्रामीण को मुर्गीपालन के लिए शेड निर्माण की भी मंजूरी दी। डॉ. सिंह पुसापाल में हेलीकॉप्टर से उतरते ही सबसे पहले बिना किसी पूर्व सूचना के वहां के आदिवासी किसान घासुराम नेताम के घर पहुंच गए। घासुराम नेताम अपने परिवार के साथ उस समय आंगन में तुलसी चौरे में पूजा कर रहे थे। प्रदेश के मुखिया को अचानक अपने आंगन में देखकर नेताम परिवार आश्चर्य चकित रह गया। मुख्यमंत्री ने भी उनके साथ तुलसी चौरे की पूजा की और नेताम परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। नेताम ने उनके स्वागत में तत्काल मक्का भूनकर उन्हें दिया। डॉ. रमन सिंह ने भी बड़े चाव से मक्के के दानों का स्वाद लिया। नेताम ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे अपने एक एकड़ की बाड़ी में मक्के की खेती कर रहे हैं। डॉ. रमन सिंह उनकी बाड़ी में भी गए। घासुराम नेताम ने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य सरकार से उन्हें दो साल पहले सिंचाई पम्प मिला है। लगभग 15 से 20 बोरा मक्के की पैदावार मिल जाती है, जिसे बाजार में बेचने पर उन्हें अच्छी अतिरिक्त आमदनी हो जाती है। घासुराम नेताम अपनी बाड़ी में टमाटर, बैंगन और धनिये की खेती कर रहे हैं। डॉ. रमन सिंह किसान घासुराम नेताम की बाड़ी देखने के बाद जब उनके घर आए तो उनकी दो बेटियों – मंजू और मनीषा ने मुख्यमंत्री को ग्रीटिंग कार्ड बनाकर भेंट किया। डॉ. रमन सिंह ने दोनों बेटियों के हाथों हुनर की तारीफ करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने घासुराम नेताम से कहा कि राज्य सरकार ने सहकारी समितियों में धान की तरह मक्के की खरीदी भी समर्थन मूल्य पर करने की व्यवस्था की है। इस वर्ष मक्के का समर्थन मूल्य 1425 रूपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। उन्होंने घासुराम नेताम को इससे कम कीमत में मक्का नहीं बेचने की भी समझाइश दी। डॉ. रमन सिंह ने पुसापाल में एक अन्य किसान रायसिंह नेताम के खेतों में हो रहे भूमि समतलीकरण के कार्य को भी देखा। रायसिंह नेताम को राज्य शासन द्वारा दो एकड़ भूमि पर वन अधिकार मान्यता पत्र दिया गया है और इसी भूमि के समतलीकरण में वे लगे हुए थे। उन्हें भूमि समतलीकरण के लिए 39 हजार रूपए भी शासन द्वारा मंजूर किए गए हैं। रायसिंग नेताम का परिवार के सदस्य भी तेंदूपत्ता संग्रहण करते हैं। मुख्यमंत्री के पूछने पर नेताम दम्पत्ति ने बताया कि उन्हें तेंदूपत्ते का बोनस भी मिला है, लेकिन रायसिंग नेताम की पत्नी श्रीमती रजन्तीन नेताम को चरणपादुका नही मिल पाई है। इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल वन विभाग के अधिकारियों से एक जोड़ी चप्पल मंगवाकर श्रीमती रजन्तीन नेताम को सौंपा।

रूचि नेताम की इक्छा हुई पूरी

डॉ रमन सिंह की आने की खबर सुनते है गाँव पूसापाल की ही तीसरी पड़ने वाली 08 वर्षीय छात्रा रूचि नेताम अपने पिता मानसिंग नेताम के साथ प्रदेश के मुखिया डॉ रमन सिंह को देखने पुसापाल में लगे चौपाल में पहुची और डॉ रमन सिंह से मुलाकात की मुलाकात के दौरान डॉ रमन सिंह ने उस बच्ची को अपने हाथ से माला पहनाया। मुलाक़ात के दौरान रूचि ने बताया की वह मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह और प्रधानमंत्री मोदी को टीवी पर देखती थी और उनसे मिलने की इक्छा रखती थी। डॉ रमन सिंह से मुलाक़ात में रूचि ने कहा की उसकी एक इक्छा तो पूरी हो गई अब वह देश में प्रधानमंत्री से मिलने की इक्छा बाकी है जिस पर डॉ रमन सिंह ने रूचि नेताम से कहा की अगर मौका मिलेगा तो उसकी यह इक्छा भी जरूर पूरी करेंगे ।

प्रदेश के मुखिया रमन सिंह ने ग्राम पंचायत पुसापाल के सामने पीपल के पेड़ के निचे चौपाल जिसमे पुसापाल के ग्रामीणों से उनकी समस्याओं को पूछा और सरकार से मिलने वाली योजनाओ के बारे में बताते हुए उनके उपयोग करने की बात कहि । रमन सिंह के पूछे जाने पर ग्रामीणों ने बताया की गाँव में बिजली की कोई समस्या नही है गाँव में 99 प्रतिशत लोगो के घर बिजली कनेक्शन लगा हुआ है, पानी के सम्बन्ध में बताया की गाँव में टोटल 23 हैण्डपंप लगे है जिसमे 17 हैण्डपंप चालु है , जिस पर रमन सिंह ने कहा की गाँव में 1000 हजार की आबादी के हिसाब से पेयजल की संकट नही है शौचालय के सम्बन्ध सचिव ने बताया की गाँव में 4 महीने पहले ही 249 घरो में शौचालय का काम पूरा हो चूका है सरकारी राशन के सम्बन्ध में बताया गया की गाँव में कुल 264 कार्डधारी है जो सभी इसका फायदा ले रहे है गाँव में सौर उज्जवला योजना से 4 किसान हितग्राही लाभ ले रहे है गाँव में 40 हितग्राहियो को गैस कनेक्शन का लाभ मिला हुआ है पुसापाल की सरपंच श्रीमती हेमलता ने माँग की गाँव में देवी स्थल पर हैण्डपंप ग्राम कोटवेल के शिव मन्दिर में हैण्डपंप गाँव में सामुदायिक भवन की माँग राँधना ने हैण्डपंप की मांग की गई । डॉ रमन सिंह द्वारा तत्काल सभी मांगो को पूरा करने की बात कहि और ग्राम कोटवेल में सड़क निर्माण के लिए 13 लाख रुपये ग्राम पुसापाल के 2 वार्डो में 5-5 लाख रुपये सीमेंट रोड राँधना, कोटवेल, पुसापाल में हैण्डपंप देने कि बात कही गई। इस दौरान नरेगा के सम्बंधित ग्राम पुसापाल से 70 सोनाबेड़ा से 07 गुहाबोरण्ड से 09 राँधना से 07 भीरागाव से 01 आवेदन प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री की चौपाल में राज्य नागरिक आपूर्ति निगम की अध्यक्ष और प्रदेश सरकार की पूर्व मंत्री सुश्री लता उसेंडी मुख्य सचिव अजय सिंह और कोण्डागांव कलेक्टर नीलकण्ठ टेकाम, एसपी डॉ अभिषेक पल्लव, एएसपी महेश्वर नाग, एसडीएम खेमलाल वर्मा, एसडीओपी डी सी पटेल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

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