रमन सरकार के 14 वर्षो के शासनकाल में 65000 करोड़ खर्च किये फिर भी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं लचर है : कांग्रेस

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने प्रदेश की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़ा करते हुये कहा है कि दुर्भाग्य जनक स्थिति है कि राज्य की भाजपा सरकार की प्राथमिकता में लोगो को स्वास्थ्य सुविधा और बेहतर इलाज उपलब्ध करवाना है ही नहीं। छत्तीसगढ़ का स्वास्थ्य विभाग अपने कार्यो नही भ्र्ष्टाचार के कारण जाना जाता है। कहने को भाजपा सरकार के 14 वर्षो के कार्यकाल में स्वास्थ्य विभाग के लिए  65 हजार करोड़ का भारी भरकम बजट बना कर राशि खर्च की गयी है लेकिन यह सारी की सारी राशि भ्र्ष्टाचार और कमीशनखोरी की भेंट चढ़ गया।

संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा कि राज्य बनने के डेढ़ दशक बाद भी प्रदेश में  लोग डायरिया और मलेरिया जैसी सामान्य बीमारियों में  भी इलाज नही मिलने के कारण मर रहे हैं। सुदुर बस्तर के जिलों में आज भी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण लोगो को मीलों पैदल चलने के बाद स्वस्थ्य केंद्रों पर पहुचने पर  इलाज मिलने की गारंटी नही है। गरीब आदिवासी मरीजो को उनके परिजन सैकड़ो किलोमीटर कंधे में लादकर ,खटियों में रखकर लाते है, वहां डॉक्टर नही है दवाओं का आभाव भी बना रहता है। बस्तर और सरगुजा के 75 फीसदी से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों और प्रशिक्षित कर्मचारी है ही नहीं। संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि प्रदेश में विशेषज्ञ चिक्तिसको का कुल पद 730 है, जिसमें 691 पद रिक्त है, शल्य चिकित्सक 163 पदो में 149 पद रिक्त है, चिक्तिसक कुल पद 1379 पदो में 517 पद रिक्त है, नर्सिग स्टाफ 4338 पदो में 1453 पद रिक्त है एवं ड्रग इंस्पेक्टर के 113 पदो में 33 पद रिक्त है, बावजूद इन सबके रमन सरकार स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर अपना पीठ थपथपा रही। जबकि इसी प्रदेश में नसबंदी कांड में 18 महिलाओं की मौत हुई, आंखफोड़वा कांड में 50 से अधिक लोगो की आंखे खराब हुई है, नकली दवाओं की बड़ी मात्रा में खपत छत्तीसगढ़ राज्य में की जा रही है। जिसके कारण हर वर्ष सैकड़ो लोगो की मौत हो रही है जिसकी सीधे जिम्मेदारी रमन सरकार के मुखिया एवं स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर की है।

 

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