मुख्यमंत्री अचानक पहुंचे भैंसामुंडा के समाधान शिविर, विकास कार्यों के लिए 3.66 करोड़ रूपए तत्काल मंजूर

०० महिला स्वसहायता समूह की कलाकृतियों की तारीफ स्कूली बच्चों के साथ भोजन भी किया

रायपुर| मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज प्रदेशव्यापी लोक सुराज अभियान के तहत कोरबा जिले के ग्राम भैंसामुंडा (विकासखंड-करतला) में अचानक पहुंचकर समाधान शिविर में आम जनता से मुलाकात की। उन्होंने वहां महिलाओं के स्वसहायता समूह द्वारा निर्मित बांस की आकर्षक कलाकृतियों की प्रशंसा करते हुए महिलाओं का उत्साह बढ़ाया। स्वसहायता समूह की महिलाओं ने उन्हें ये कलाकृतियां भेंट की। मुख्यमंत्री ने शिविर में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के आग्रह पर क्षेत्र की छह ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए कुल तीन करोड़ 66 लाख रूपए तत्काल मंजूर करने की घोषणा की। इसमें से भैंसामुड़ा में आंगनबाड़ी भवन के लिए 6 लाख 45 हजार रूपए, भैंसामुड़ा पंचायत के आश्रित गांव कुररिहा में बरसाती नाले पर पुल निर्माण के लिए 19 लाख 50 हजार रूपए, ग्राम पंचायत मुख्यालय गुमिया में 200 मीटर सी.सी. रोड के लिए 5 लाख 20 हजार रूपए, ग्राम पंचायत कनकी में पुलिया निर्माण के लिए 19 लाख 50 हजार रूपए और मुक्तिधाम निर्माण के लिए चार लाख 79 हजार रूपए शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने सरगबुंदिया से भैंसामुड़ा पहुंच मार्ग (लगभग चार दशमलव आठ किलोमीटर) के लिए तीन करोड़ रूपए मंजूर करने की घोषणा की। उन्होंने ग्राम पंचायत कथरीमाल में 200 मीटर सीसी रोड़ निर्माण के लिए पांच लाख 20 हजार रूपए और दादरकला में नल-जल योजना की मरम्मत के लिए पांच लाख 59 हजार रूपए तुरंत मंजूर करने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री के साथ शिविर में प्रदेश के पूर्व मंत्री श्री ननकीराम कंवर और क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे। उनके अलावा मुख्य सचिव श्री अजय सिंह भी शिविर में मौजूद थे। डॉ. रमन सिंह ने समाधान शिविर में श्रम विभाग के अधिकारियों को असंगठित श्रमिकों का पंजीयन करवाने के निर्देश दिए ताकि उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके। डॉ. सिंह को शिविर में यह जानकर खुशी हुई कि कोरबा जिले के 42 युवाओं को सीपेट रायपुर में प्लास्टिक इंजीनियरिंग का प्रशिक्षण दिलाया गया और उन सबका प्लेसमेंट गुडगांव में हो गया है। मुख्यमत्रंी ने भैंसामुंडा में स्कूली बच्चों के साथ बैठकर भोजन भी किया।

 

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