सुकमा की शहादत के बाद भी भाजपा नेताओ-मंत्रियो का उत्सव मनाना संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है : शैलेश नितिन त्रिवेदी

०० भाजपा बात तो राष्ट्रवाद की करती है लेकिन शहादत का करती है अपमान : कांग्रेस

रायपुर। सुकमा की शहादत की जानकारी दोपहर में ही आ जाने के बावजूद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, मंत्रियों और अन्य भाजपा नेताओं द्वारा कल शाम को ही निकाली गई कथित जनसंपर्क पदयात्राओं में बैण्डबाजा, रंग-गुलाल, आतिशबाजी, फूलमालाओं का जमकर उपयोग  किये जाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि यह संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। भाजपा बात तो राष्ट्रवाद की करती है लेकिन शहादत का अपमान करती है। भाजपा नेता सत्ता के घमंड में इतने अंधे हो गये है कि कलकत्ता और नागपुर से आयी नृत्यांगनाओं का नृत्य देखते समय, फटाखे फोड़ते समय, उत्सव मनाते समय एक क्षण के लिये भी उन शहीदों के परिवारजनों का ख्याल नहीं आया जिनकी शव तक, उस समय तक घर नहीं पहुंचे थे। सुकमा में  शहादत दोपहर में हुयी और शाम सात बजे शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर बने स्टेडियम में नागपुर और कलकत्ता से आयी डांसर के नृत्य के कार्यक्रम में सरकार में मंत्री का दर्जा प्राप्त भाजपा नेताओं को शामिल होने से गुरेज नहीं हुआ।

प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि सुकमा की दुर्भाग्यजनक घटना के बाद जनसंपर्क यात्राओं में धरमलाल कौशिक, अजय चंद्राकर, बृजमोहन अग्रवाल, श्रीचंद सुंदरानी सहित भाजपा के तमाम विधायक, नेताओं ने बैंडबाजा, आतिशबाजी, फूल-माला, रंग-गुलाल के साथ यात्रायें निकाली जो बेहद शर्मनाक है। इतना ही नहीं भाजपा की जनसंपर्क यात्रा जहां-जहां जा रही है गांव के संरपचो को खाने एवं तमाम तरह की दीगर व्यवस्थायें करने के लिये भाजपा दबाव डाल रहे हैं और खाने-पीने की और दीगर व्यवस्थायें नहीं करने पर धारा 40 लगाने की धमकी दी जा रही है। जनसंपर्क यात्रा में लोगो को जबरिया भाजपा का दुरंगा दुपट्टा ओढ़ने पर मजबूर किया जा रहा है। सीधे-सीधे गांव वाले के गले में फांसी के फंदे की तरह दुरंगा दुपट्टा कसा जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में भाजपा के प्रति जनसंपर्क यात्रा से गहरी नाराजगी है। जहां-जहां से भाजपा की जनसंपर्क यात्रा निकल रही वहां-वहां दहशत का माहौल है। गांव में भाजपा की जनसंपर्क यात्रा आने के पहले सरपंच या तो रिश्तेदारो के घर दूसरे गांव चले जाते है या कहीं जाकर छिप जा रहे है या अस्पताल में भर्ती हो जाते है। भाजपा के इस राजनैतिक कार्यक्रम को चलाने में और धमकी देने में सरकारी अमले का जमकर दुरूपयोग किया जा रहा है। ऐसी शिकायतें सरगुजा बस्तर सहित पूरे प्रदेश के ग्रामीण इलाकों से मिल रही हैं। शहरी इलाकों में तो और बुरी स्थिति है। भीड़ जुटाने और स्वागत कराने के लिये भ्रष्टाचार से कमायें खजाने का मुंह खोल दिया गया है। कई जगह स्वागत का प्रति व्यक्ति 200 रू. देकर और फूलमालाओं का खर्च देकर दिग्गज मंत्रियों को अपना स्वागत कराना पड़ रहा है।

भाजपा की जनसंपर्क यात्राओं को चार साल अहंकार, पांचवे साल पहुंचे जनता के दरबार की संज्ञा देते हुये प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के सांसद और विधायक 4 साल से जनता के बीच नहीं गये है। अब चुनाव सामने देख कर भाजपा के विधायकों को जनता की याद आ रही है, जनसंपर्क की याद आ रही है, जनता की आर्शीवाद लेने की याद आ रही है। कहां थी ये सोच जब नसबंदी कांड हुआ था? कहां थी ये सोच जब छत्तीसगढ़ में अकाल पड़ा था और किसानो को बांधो से पानी नहीं दिया जा रहा था? ये सोच उस समय कहां थी, जब वन अधिकार पट्टो के लिये कांग्रेस लगातार लड़ रही थी? पदयात्रा निकाल रही थी। उस समय भारतीय जनता पार्टी के जनप्रतिनिधी एसी गाड़ियों में सफर कर सरकारी वैभव का सुख भोग रहे थे और आज चुनाव देख कर एसी गाड़ियों को छोड़ कर जनता की बीच जनसंपर्क करने के लिये निकले है। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि दरअसल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल की पदयात्राओं और कांग्रेस विधायक दल के  नेता टी.एस. सिंहदेव के जनघोषणा पत्र को मिले जनसमर्थन से बीजेपी में हार का भय व्याप्त है। तीन बार छत्तीसगढ़ की जनता को छला गया है। इस बार समाज के सभी वर्ग रमन सरकार के कुशासन का अंत करने के लिये संकल्पित है। जनता बीजेपी के चार साल अहंकार, 5वें साल जनता के द्वार के भाजपाई फार्मूले को बखूबी समझ चुकी है। भाजपा की जनसंपर्क यात्रा केवल और केवल एक ढोंग है, दिखावा है। जनसंपर्क से और जनता से भाजपा का और भाजपा के जनप्रतिनिधियों का कोई लेना देना नहीं है। जनसंपर्क यात्रा चुनाव में कुछ महीनें बचे देखकर हार के भय से की जा रही भाजपा की दिखावटी कसरत है। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि कांग्रेस की पदयात्राओं पर भाजपा ने व्यंग्य कसा था। इन्हें व्यर्थ की एक्साईज कहा। तबीयत खराब होने पर तबीयत ठीक करने के लिये कांग्रेसी पदयात्रा कर रहें है ऐसी बाते कहीं। क्या आज यही बात भारतीय जनता पार्टी पर लागू नहीं होती है? भाजपा बताये कि क्या चुनाव देख कर उनकी तबीयत खराब हो गयी? दरअसल चुनाव सामने देखकर और जनता की भाजपा के प्रति नाराजगी देखकर भाजपा की स्थिति बेहद खराब है।

 

error: Content is protected !!