यूजीबीएल का हैंड ग्रेनेड ब्लास्ट, तीन जवान घायल

०० सीआरपीएफ 111 बटालियन कैंप के शस्त्रागार में हुई घटना

रायपुर/दंतेवाड़ा। यहां के सीआरपीएफ कैंप से खबर आ रही है कि यूजीबीएल ब्लास्ट होने से तीन जवान गंभीर रूप से घायल हो गए हैं इन्हें तुरंत दंतेवाड़ा के एक अस्पताल में भर्ती कर प्राथमिक उपचार किया गया जिसके बाद जवानों को बेहतर उपचार के लिए रायपुर ले जाया जा रहा है|

अरनपुर के सीआरपीएफ के 111 बटालियन कैंप में शस्त्रागार में अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (यूजीबीएल) के अचानक विस्फोट हो गया जिसमे तीन जवान घायल हो गए, घायलों को दंतेवाड़ा में उपचार के बाद रायपुर में रेफर करने की तैयारी चल रही है। ध्यान देने वाली बात है कि यूजीबीएल एक घातक हथियार होता है। इसकी मारक क्षमता 150 मीटर की दूरी तक होती है। ये जहां भी गिरता है वहां 20-25 मीटर तक के एरिया में मौजूद लोगों को भारी नुकसान पहुंचाता है।

पलोदी में फटा होता यूजीबीएल तो सीन कुछ और होता :- सीआरपीएफ के जवानों ने बताया कि मंगलवार को पलोदी में तीन यूजीबीएल दागे गए और वे तीनोंं ही फुस्स हो गए थे। यदि एक भी फटा जाता तो भारी संख्या में नक्सली मारे गए होते। किस्टारम में सुबह-सुबह नदी के किनारे नक्सलियों जवानों को घेर नहीं पाए थे। जवानों ने दूर से ही नक्सलियों को देख लिया था, लेकिन नक्सलियों ने फोर्स की वर्दी पहनी हुई थी तो जवानों ने सोचा की यह सीआरपीएफ की ही दूसरी पार्टी है। काली डांगरी पहने हुए लोगों को देखने के बाद जवान समझ गए की वे नक्सली ही हैं। जवानों ने तुरंत ही एक बाद एक तीन यूबीजएल के गोले नक्सलियों पर दागे, लेकिन ये फूट ही नहीं पाए यदि इनमें से एक भी गोला फूट गया होता तो आधे नक्सली मौके पर ही साफ जाते और तीनों गोले फुट गए होते तो सौ की संख्या में आए सभी नक्सली मारे जाते। एन वक्त पर यबीजीएल के गोलों ने भी जवानों को धोखा दिया।

 

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