भोरमदेव कैसा महोत्सव जहाँ महिला जनप्रतिनिधि प्रताड़ित और खुद सदस्य अपमानित

 

(रवि ग्वाल) कवर्धा कबीरधाम – छत्तीसगढ़ के खजुराहो के नाम से विख्यात और ऐतिहासिक व पुरातात्विक महत्व को अपने में समेटे भोरमदेव मंदिर को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए ही 23 वर्ष पहले भोरमदेव महोत्सव की शुरुआत की गई। आज देश-विदेश में भोरमदेव और महोत्सव को पहचान मिल चुकी है।

भोरमदेव मंदिर व भोरमदेव महोत्सव को अब किसी पहचान की आवश्यकता नहीं। भोरमदेव 24 वां महोत्सव मनाने जा रहा है। दो दिवसीय भोरमदेव महोत्सव 14 व 15 अप्रैल को आयेाजित है।

भोरमदेव महोत्सव की शुरुआत 23 वर्ष पूर्व 1995 में प्रारंभ किया गया। तत्कालीन जिला प्रशासन द्वारा एकदिवसीय भोरमदेव महोत्सव का आयोजन किया गया। इस समय कवर्धा अविभाजित मध्यप्रदेश के राजनांदगांव जिले का एक तहसील था।

वनांचल की संस्कृति, कला व लोकरंग को दूर-दूर तक प्रचारित करने और वनांचलवासियों के खुशियों के प्रतीक भोरमदेव को पहचान देने के लिए महोत्सव का आयोजन किया गया। धीरे-धीरे महोत्सव के प्रति लोगों की रुचि बढऩे लगी और ख्याति प्राप्त कलाकारों ने इस मंच से प्रस्तुति देकर महोत्सव को नई ऊंचाईयां दी। आज यह महोत्सव राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशेष पहचान बना चुका है।

साथ ही इस महोत्सव में यह भी संस्कृति और परम्परा चली आ रही थी कि जिले व बाहर से आये उच्च प्रशासनिक अधिकारी या जनप्रतिनिधियों को मंच और महोत्सव पर सम्मानित किया जाता था साथ ही धार्मिक स्थल व प्रशासनिक अध्यक्षता होने के चलते किसी विशेष जनप्रतिनिधि या व्यक्ति विशेष , राजनीतिक पार्टियों को महत्व नही दिया जाता था जिसके चलते सभी अतिथियों व जनप्रतिनिधियों का कुशल स्वागत व सम्मान किया और दिया जाता था ।

मगर 24 वां भोरमदेव महोत्सव में इस बार कुछ अलग ही देखने सुनने के अलावा आरोप सामने आया की अब ऐसी स्थिति नही रही जहाँ भाजपा पार्टी के नेताओं और जनप्रतिनिधियों के अलावा किसी और पार्टी के नेताओं और जनप्रतिनिधियों को इस धार्मिक व प्रशासनिक आयोजन में सम्मान दिया जाए साथ ही मुख्यमंत्री के गृह नगर कवर्धा में भाजपा पर यह भी आरोप लगाया गया की भाजपा महिलाओं के मनोबल को तोड़ने के साथ साथ बुरी तरीके से रौंद भी रही है । और यह आरोप भोरमदेव महोत्सव को लेकर कबीरधाम जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती सीमा अगम अनंत ने कहाँ की पहले मैं जिला पंचायत कबीरधाम अध्यक्ष थी तब भी सत्तारूढ़ भाजपा सरकार और जिला भाजपा के सामने मेरी कोई इज्जत नही होती थी कारण की जिला प्रशासन द्वारा भी अगर किसी कार्यक्रम का आयोजन किया जा था तो जिला पंचायत अध्यक्ष कांग्रेस पार्टी प्रतिनिधि होने के चलते दरकिनारे कर दिया जाता था और आज कबीरधाम के जनताओं ने मुझे दूसरी बार मौका देते हुए जिला पंचायत उपाध्यक्ष कबीरधाम बनाया है मगर उसके बाद भी होने वाले इस 24 वा भोरमदेव महोत्सव जोकि धार्मिक स्थल व भोरमदेव मंदिर महोत्सव आयोजन समिति , भोरमदेव तीर्थ प्रबंध कारिणी समिति और जिला प्रशासन कबीरधाम द्वारा आयोजन किया जाता है जा रहा है उसमें भी भाजपा वालों ने ऐसी रचना रची और जिला प्रशासन को ऐसे चुप करा दिया कि अतिथि के तौर पर जिला पंचायत सदस्य का नाम आमंत्रण कार्ड पर अंकित संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन, कुछ चुने हुए महोत्सव समिति के लोगों ने कर ,अतिथि बना दिया मगर महिला जनप्रतिनिधि और जिला पंचायत उपाध्यक्ष का नाम कही भी आमंत्रण कार्ड पर अंकित नही किया गया । साथ ही हमेशा मैंने यह देखा और महशुस किया कि जबतक मैं खुद से लड़ झगड़ कर अपनी उपस्थिति किसी भी कार्य मे दर्ज ना करु तबतक मुझे दरकिनारे ही करते आ रहे है ।

तो दूसरी ओर यह भी मनमानी और अपमानित करने वाला विषय उत्पन्न हो गया कि होने वाले दो दिवसीय महोत्सव में आज अभी 14 फरवरी समय शाम 7 बजे तक कुछ भोरमदेव तीर्थ प्रबंध कारिणी समिति के सदस्य जानो को आमंत्रण कार्ड तो दूर की बात किसी प्रकार की कोई सूचना तक नही दिया गया और नाही किसी भी होने वाले क्रियाकलापो और अतिथियों के संबंध में जानकारी प्रदान किया गया । जबकि बने इस समिति के नियम में इस्पस्ट यह बाइलॉज में दर्शाया गया है कि जो भी इस समिति का सदस्य बनाया गया है वह तबतक सदस्य रहेगा जबतक वह व्यक्ति जीवित है साथ ही इस समिति की सदस्यता मृत्यु पश्चात ही समाप्त की जा सकती है जिसके बाद दूसरे व्यक्ति को सदस्यता दी सकती है । मगर इस वर्ष होने वाले 24 वां भोरमदेव महोत्सव में कुछ अलग ही नियम कानून देखनो को मिल रहा है जिसमे आयोजक तो समिति को बना दिया गया है मगर सदस्यों को पूछा तक नही गया साथ ही इस सम्बंध में , बृजलाल अग्रवाल भोरमदेव तीर्थ प्रबंध कारिणी समिति सह सचिव , स्यामसुंदर पाठक (वकील) सदस्य , दीपक मिश्रा (वरिष्ठ पत्रकार )सदस्य , लालजी चंद्रवंशी सदस्य, साथ मे कुछ और सदस्यों से बात किया गया तो उनका कहना यह निकला कि ना हमको किसी प्रकार की कोई जानकारी मिली है और नाही ही जिला प्रशासन द्वारा हमको पूछा गया है । जिससे हम बहोत आहत हुए है ।

जिला कबीरधाम कलेक्टर नीरज बंषोड द्वारा आवेदन क्र./1884/वरि. लि./भोरमदेव महोत्सव /2018 कवर्धा कबीरधाम दिनांक 27.02.2018 को लेटर के माध्यम से यह आदेश पत्र जारी किया गया था की भोरमदेव महोत्सव 2018 के आयोजन हेतु दिनांक 03 फरवरी 2018 वर्ष भोरमदेव तीर्थ कारिणी प्रबंध समिति/माननीय जनप्रतिनिधि , गणमान्य नागरिक पत्रकागण एवं जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक में लिए गए निर्णय अनुसार समिति / उप समिति का गठन किया जाता है जिसमे प्रचार प्रसार समिति भी बनाया गया था मगर उस समिति का कोई औचित्य नजर नही आ रहा कारण ना ही प्रचार दिख रहा है और नाही प्रेस मीडिया से सहयोग या प्रचार प्रसार का माध्यम बनाया गया है ।

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