बढ़ती आबादी घटती स्वास्थ्य सुविधाएं, भाजपा राज में ही संभव : शैलेश नितिन त्रिवेदी

०० रायपुर शहर को निरंतर स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित किये जाने का कांग्रेस ने किया विरोध

रायपुर। रायपुर शहर को निरंतर स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित किये जाने का कड़ा विरोध करते हुये प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि 4 शहरी स्वास्थ्य केन्द्र, 1 सिविल डिस्पेंशरी और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को विलोपित किया जा रहा है। रायपुर शहर में स्थित सिविल डिस्पेंशरी कबीर नगर, शहरी स्वास्थ्य केन्द्र रामसागर पारा, कालीबाड़ी, पंडरी, रविग्राम, आनंद नगर, काशीराम नगर, बोरिया खुर्द का विलोपन कर रहे है।

रायपुर शहर के दो बड़े प्रभावशाली मंत्रियों बृजमोहन अग्रवाल और राजेश मूणत के होते हुये रायपुर की जनता से स्वास्थ्य सुविधायें छीनने की इतनी बड़ी साजिश रची गयी है और दोनों मंत्रियों के जुबान पर ताला लगा हुआ है।  शहरी परिवार कल्याण केन्द्र रामसागरपारा कालीबाड़ी के विगत 30.35 वर्षो से भी अधिक समय से क्षेत्रवासियों को स्वास्थ्य सुविधायें देती रही है। शहर की बढ़ती आबादी को देखते हुये स्वास्थ्य विभाग में और बजट प्रावधानों के चलते इन स्वास्थ्य केन्द्रो के और अधिक मानव संसाधन चिकित्सक तथा उपकरण देकर इनके उन्नयन की आवश्यकता है ताकि रायपुर शहर को बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें मिल सके। उल्टे इन केंद्रो को विलोपित कर मानव संसाधनों को अन्य स्थानों पर समायोजित किया जा रहा है। शहरी परिवार कल्याण रामसागरपारा एवं कालीबाड़ी को विलोपित कर जन स्वास्थ्य सुविधा केंद्र के रूप मे संचालित किया जायेगा जिसमें केवल एक संविदा ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (ANM) की पदस्थापना कर कार्य संचालित किया जायेगा। इससे जनता को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं पर विपरित असर पड़ेगा। मेकाहारा एवं जिला अस्पताल मे बढ़ती भीड़ को रोकने के लिये इन संस्थाओं के उन्नयन की बात कही गई थी, किन्तु अचानक वर्षों से संचालित इन डिस्पेसरीज को बंद किया जा रहा है। पिछले 5 वर्षो में राजधानी रायपुर से लगे अनेकों ग्रामीण क्षेत्रों को रायपुर सीमा में जोड़ा गया है जिससे राजधानी रायपुर की बढ़ती आबादी और स्वास्थ्य सुविधा की अधिक आवश्यकता है परंतु भाजपा सरकार और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का नतीजा है कि राजधानी रायपुर की स्वास्थ्य सेवाओं को खत्म करने का निर्णय लिया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी पुरजोर विरोध करती है और इस अन्याय के खिलाफ सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ी जायेगी। साथ ही कांग्रेस मांग करती है कि उपरोक्त संस्थाओं में सुविधाओं का विस्तार एवं मानव संसाधनों की वृद्धि की जाये न कि यहां के संसाधनो के अन्य स्थान पर समायोजित किया जाये।

 

error: Content is protected !!